वास्तु गाइड
निर्माण, घर का मुख, कार्यस्थल और उपायों का वास्तु
वास्तु के बड़े सवालों की गाइड: नींव से घर बनाना, घर का मुख पहचानना, ज़मीन, कार्यस्थल, और जब कोई दोष तोड़कर ठीक न हो सके तो क्या करें। आख़िरी लिंक आपके अपने नक्शे के परामर्श के लिए है।
हर पेज क्या करता है
- घर बनवाते समयप्लॉट चुनने से गृह प्रवेश तक, क्रम से: खुदाई कहाँ से शुरू हो, दीवारें, दरवाज़े, खिड़कियाँ, छत, टंकियाँ और रहने आने का क्रम।
- पूर्वमुखी घरमुख्य द्वार से घर का मुख कैसे पहचानें, पूर्वी दीवार पर दरवाज़ा कहाँ हो, कमरेवार नक्शा और आम गलतियाँ।
- प्लॉट और ज़मीन का वास्तुज़मीन में वास्तु आम तौर पर क्या देखता है: मुख, चौकोर या आयताकार आकार, उत्तर या पूर्व की ओर ढलान, सड़कें और मिट्टी।
- ऑफिस का वास्तुदक्षिण-पश्चिम में मालिक का केबिन, मुँह उत्तर या पूर्व की ओर, फिर रिसेप्शन, अकाउंट्स, कॉन्फ़्रेंस रूम, स्टाफ़, पैंट्री और वायरिंग।
- दुकान और व्यापार का वास्तुदक्षिण-पश्चिम में कैश काउंटर और उत्तर की ओर खुलने वाला गल्ला, मालिक का मुँह उत्तर या पूर्व की ओर, साथ में प्रवेश, स्टॉक और डिस्प्ले।
- धन के लिए वास्तुधन के बारे में वास्तु परंपरा क्या कहती है: खुला और साफ़ उत्तर, उत्तर की ओर खुलने वाली तिजोरी, ईशान में जल और रिसाव की तुरंत मरम्मत।
- वास्तु उपायबिना तोड़-फोड़ के सुधार: कमरों का इस्तेमाल, रंग, रोशनी, सामान की भीड़, आईने, पौधे, नमक और यंत्र, और कब दोबारा बनाना ठीक है।
- वास्तु परामर्शनमिता मोदी खुद आपके घर, फ़्लैट, दुकान, ऑफ़िस या प्लॉट को फ़्लोर प्लान, फ़ोटो और दरवाज़े की दिशा से कमरेवार देखती हैं।
कहाँ से शुरू करें
नया घर बना रहे हैं? खरीदने से पहले प्लॉट गाइड और काम शुरू होने से पहले निर्माण गाइड पढ़ें, क्योंकि बदलाव उसी समय सबसे आसान होते हैं। जिस घर में रह रहे हैं, उसके लिए मुख वाली गाइड बताती है कि मुख्य द्वार से घर को कैसे पढ़ें। ऑफ़िस और दुकान की अलग गाइड हैं, क्योंकि वहाँ नकदी, मालिक की बैठक और प्रवेश का वज़न ज़्यादा होता है। कोई दोष हटाया न जा सके तो उपाय वाली गाइड बताती है कि लोग बिना दीवार तोड़े आम तौर पर क्या करते हैं। अपने नक्शे पर राय चाहिए तो अगला कदम वास्तु परामर्श है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मेरा घर उत्तर, पश्चिम या दक्षिणमुखी है। क्या उसकी गाइड है?
हाँ। पूर्वमुखी गाइड के अलावा वास्तु हब पर उत्तर, पश्चिम और दक्षिणमुखी घरों की गाइड भी हैं, हर एक में उस दीवार पर दरवाज़े की जगह और कमरेवार नक्शा है।
क्या वास्तु उपाय दोबारा निर्माण की जगह ले सकते हैं?
अक्सर ये पहला कदम होते हैं। उपाय गाइड कमरों के इस्तेमाल, रंग, रोशनी और चीज़ों की जगह बदलने की बात करती है, और यह भी बताती है कि कब दोबारा बनाना बेहतर रास्ता है।
ऑफ़िस का वास्तु घर से कैसे अलग है?
दिशाएँ वही हैं, पर प्राथमिकता बदल जाती है। ऑफ़िस में मालिक का केबिन, अकाउंट्स, रिसेप्शन और स्टाफ़ की बैठक सबसे अहम हैं; दुकान में कैश काउंटर, मालिक की बैठक और प्रवेश।
वास्तु परामर्श के लिए क्या चाहिए?
फ़्लोर प्लान या हाथ से बना नक्शा, कमरों की फ़ोटो, और मुख्य द्वार से बाहर कदम रखते समय आपका मुँह किस दिशा में होता है। ज़्यादातर परामर्श वीडियो कॉल पर होते हैं; काम की ज़रूरत हो तो नमिता मोदी जगह पर आकर देखती हैं। बुकिंग WhatsApp पर होती है।