सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

नक्षत्र · Nakshatra

27 नक्षत्र: सूची, स्वामी, देवता और चरण

निरयण राशिचक्र 13°20′ के 27 नक्षत्रों में बँटा है। यहाँ हर नक्षत्र का विस्तार, राशि, स्वामी ग्रह, देवता, प्रतीक और गण दिया है, और हर नक्षत्र के पेज पर उसका स्वभाव और नाम के अक्षर।

क्रमनक्षत्रविस्तारस्वामीदेवताप्रतीकगण
1अश्विनी Ashwiniमेष 0°00′ से 13°20′केतुअश्विनी कुमारघोड़े का सिरदेव
2भरणी Bharaniमेष 13°20′ से 26°40′शुक्रयमयोनि, जन्म का प्रतीकमनुष्य
3कृत्तिका Krittikaमेष 26°40′ से वृषभ 10°00′सूर्यअग्निउस्तरा या धारदार छुरीराक्षस
4रोहिणी Rohiniवृषभ 10°00′ से 23°20′चंद्रब्रह्मा (प्रजापति)रथ या बैलगाड़ीमनुष्य
5मृगशिरा Mrigashiraवृषभ 23°20′ से मिथुन 6°40′मंगलसोमहिरण का सिरदेव
6आर्द्रा Ardraमिथुन 6°40′ से 20°00′राहुरुद्रआँसू की बूँदमनुष्य
7पुनर्वसु Punarvasuमिथुन 20°00′ से कर्क 3°20′गुरुअदितिबाणों से भरा तरकशदेव
8पुष्य Pushyaकर्क 3°20′ से 16°40′शनिबृहस्पतिगाय का थनदेव
9आश्लेषा Ashleshaकर्क 16°40′ से 30°00′बुधनागकुंडली मारे बैठा सर्पराक्षस
10मघा Maghaसिंह 0°00′ से 13°20′केतुपितृराजसिंहासनराक्षस
11पूर्वा फाल्गुनी Purva Phalguniसिंह 13°20′ से 26°40′शुक्रभगपलंग के आगे के पायेमनुष्य
12उत्तरा फाल्गुनी Uttara Phalguniसिंह 26°40′ से कन्या 10°00′सूर्यअर्यमापलंग के पीछे के पायेमनुष्य
13हस्त Hastaकन्या 10°00′ से 23°20′चंद्रसविताखुली हथेलीदेव
14चित्रा Chitraकन्या 23°20′ से तुला 6°40′मंगलत्वष्टा (विश्वकर्मा)चमकता रत्नराक्षस
15स्वाती Swatiतुला 6°40′ से 20°00′राहुवायुहवा में झूमता नया अंकुरदेव
16विशाखा Vishakhaतुला 20°00′ से वृश्चिक 3°20′गुरुइंद्र और अग्नि (इंद्राग्नि)सजा हुआ तोरण द्वारराक्षस
17अनुराधा Anuradhaवृश्चिक 3°20′ से 16°40′शनिमित्रकमलदेव
18ज्येष्ठा Jyeshthaवृश्चिक 16°40′ से 30°00′बुधइंद्रगोल ताबीज़ या कुंडलराक्षस
19मूल Mulaधनु 0°00′ से 13°20′केतुनिर्ऋतिएक साथ बँधी जड़ों का गुच्छाराक्षस
20पूर्वाषाढ़ा Purva Ashadhaधनु 13°20′ से 26°40′शुक्रआपःसूप या हाथी दाँतमनुष्य
21उत्तराषाढ़ा Uttara Ashadhaधनु 26°40′ से मकर 10°00′सूर्यविश्वेदेवहाथी दाँतमनुष्य
22श्रवण Shravanaमकर 10°00′ से 23°20′चंद्रविष्णुकानदेव
23धनिष्ठा Dhanishtaमकर 23°20′ से कुंभ 6°40′मंगलअष्ट वसुढोलराक्षस
24शतभिषा Shatabhishaकुंभ 6°40′ से 20°00′राहुवरुणखाली घेराराक्षस
25पूर्वा भाद्रपद Purva Bhadrapadaकुंभ 20°00′ से मीन 3°20′गुरुअज एकपादतलवार, या खाट के आगे के पायेमनुष्य
26उत्तरा भाद्रपद Uttara Bhadrapadaमीन 3°20′ से 16°40′शनिअहिर्बुध्न्यखाट के पीछे के पायेमनुष्य
27रेवती Revatiमीन 16°40′ से 30°00′बुधपूषामछलियों का जोड़ादेव

अपने नक्षत्र से दशा, कुंडली मिलान, बच्चे के नाम का अक्षर और दिन का तारा बल देखें।

नक्षत्र से जुड़े सवाल

नक्षत्र क्या है?

निरयण राशिचक्र के 27 बराबर भागों में से एक, हर भाग 13°20′ का। हर नक्षत्र का नाम उसके पास के किसी तारे या तारों के समूह पर है। चंद्रमा लगभग एक दिन में एक नक्षत्र पार करता है।

मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?

आपका नक्षत्र वह है जिसमें आपके जन्म के समय चंद्रमा था। नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है, और नाम से नक्षत्र कैलकुलेटर किसी नाम का नक्षत्र बताता है।

चरण क्या है?

हर नक्षत्र के चार भाग होते हैं, हर एक 3°20′ का, जिन्हें चरण (पद) कहते हैं। चरण से नवांश राशि तय होती है, और वह अक्षर भी जिससे परंपरा के अनुसार बच्चे का नाम शुरू किया जाता है।

कभी-कभी 28 नक्षत्र क्यों बताए जाते हैं?

मुहूर्त ग्रंथ अभिजित को भी गिनते हैं, जो उत्तराषाढ़ा और श्रवण के बीच का एक छोटा हिस्सा है। जन्म कुंडली, दशा और कुंडली मिलान में 27 नक्षत्र ही लिए जाते हैं।

जन्म के समय कौन सी दशा चलती है?

आपके जन्म नक्षत्र के स्वामी ग्रह की। 27 नक्षत्रों में नौ स्वामी तीन बार दोहराए जाते हैं, इस क्रम में: केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि, बुध।