अमावस्या 2026
अमावस्या कब है: 2026 और 2027 की सभी अमावस्या, तारीख और समय
अमावस्या चंद्र मास की 30वीं तिथि है। इस दिन चंद्रमा सूर्य की सीध में होता है और आकाश में दिखाई नहीं देता। अमांत कैलेंडर (महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण) में यह महीने का आखिरी दिन है; पूर्णिमांत कैलेंडर (उत्तर भारत) में यह महीने के बीच में आती है। यहाँ 2026 और 2027 की हर अमावस्या है, उसके शुरू और खत्म होने के समय के साथ।
अमावस्या 2026 की तारीखें
| महीना | शुरू (IST) | समाप्त (IST) | सूर्योदय पर तिथि |
|---|---|---|---|
| पौष अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में माघ अमावस्या | 18 जनवरी, 12:05 am | 19 जनवरी, 1:22 am | रविवार, 18 जनवरी 2026 |
| माघ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में फाल्गुन अमावस्या | 16 फ़रवरी, 5:35 pm | 17 फ़रवरी, 5:32 pm | मंगलवार, 17 फ़रवरी 2026 |
| फाल्गुन अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में चैत्र अमावस्या | 18 मार्च, 8:26 am | 19 मार्च, 6:54 am | गुरुवार, 19 मार्च 2026 |
| चैत्र अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में वैशाख अमावस्या | 16 अप्रैल, 8:12 pm | 17 अप्रैल, 5:22 pm | शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 |
| वैशाख अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में अधिक ज्येष्ठ अमावस्या | 16 मई, 5:12 am | 17 मई, 1:31 am | शनिवार, 16 मई 2026 |
| अधिक ज्येष्ठ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में ज्येष्ठ अमावस्या | 14 जून, 12:21 pm | 15 जून, 8:25 am | सोमवार, 15 जून 2026 |
| ज्येष्ठ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ अमावस्या | 13 जुलाई, 6:50 pm | 14 जुलाई, 3:14 pm | मंगलवार, 14 जुलाई 2026 |
| आषाढ़ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में श्रावण अमावस्या | 12 अगस्त, 1:54 am | 12 अगस्त, 11:07 pm | बुधवार, 12 अगस्त 2026 |
| श्रावण अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में भाद्रपद अमावस्या | 10 सितंबर, 10:34 am | 11 सितंबर, 8:57 am | शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 |
| भाद्रपद अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आश्विन अमावस्या | 9 अक्टूबर, 9:37 pm | 10 अक्टूबर, 9:20 pm | शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 |
| आश्विन अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में कार्तिक अमावस्या | 8 नवंबर, 11:29 am | 9 नवंबर, 12:32 pm | सोमवार, 9 नवंबर 2026 |
| कार्तिक अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में मार्गशीर्ष अमावस्या | 8 दिसंबर, 4:13 am | 9 दिसंबर, 6:22 am | मंगलवार, 8 दिसंबर 2026 |
अमावस्या 2027 की तारीखें
| महीना | शुरू (IST) | समाप्त (IST) | सूर्योदय पर तिथि |
|---|---|---|---|
| मार्गशीर्ष अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में पौष अमावस्या | 6 जनवरी, 11:15 pm | 8 जनवरी, 1:55 am | गुरुवार, 7 जनवरी 2027 |
| पौष अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में माघ अमावस्या | 5 फ़रवरी, 7:06 pm | 6 फ़रवरी, 9:27 pm | शनिवार, 6 फ़रवरी 2027 |
| माघ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में फाल्गुन अमावस्या | 7 मार्च, 1:47 pm | 8 मार्च, 3:00 pm | सोमवार, 8 मार्च 2027 |
| फाल्गुन अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में चैत्र अमावस्या | 6 अप्रैल, 5:41 am | 7 अप्रैल, 5:22 am | मंगलवार, 6 अप्रैल 2027 |
| चैत्र अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में वैशाख अमावस्या | 5 मई, 6:17 pm | 6 मई, 4:29 pm | गुरुवार, 6 मई 2027 |
| वैशाख अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में ज्येष्ठ अमावस्या | 4 जून, 4:06 am | 5 जून, 1:11 am | शुक्रवार, 4 जून 2027 |
| ज्येष्ठ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ अमावस्या | 3 जुलाई, 12:07 pm | 4 जुलाई, 8:32 am | रविवार, 4 जुलाई 2027 |
| आषाढ़ अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में श्रावण अमावस्या | 1 अगस्त, 7:21 pm | 2 अगस्त, 3:36 pm | सोमवार, 2 अगस्त 2027 |
| श्रावण अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में भाद्रपद अमावस्या | 31 अगस्त, 2:42 am | 31 अगस्त, 11:12 pm | मंगलवार, 31 अगस्त 2027 |
| भाद्रपद अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आश्विन अमावस्या | 29 सितंबर, 10:56 am | 30 सितंबर, 8:06 am | गुरुवार, 30 सितंबर 2027 |
| आश्विन अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में कार्तिक अमावस्या | 28 अक्टूबर, 8:49 pm | 29 अक्टूबर, 7:07 pm | शुक्रवार, 29 अक्टूबर 2027 |
| कार्तिक अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में मार्गशीर्ष अमावस्या | 27 नवंबर, 9:08 am | 28 नवंबर, 8:55 am | रविवार, 28 नवंबर 2027 |
| मार्गशीर्ष अमावस्या उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में पौष अमावस्या | 27 दिसंबर, 12:24 am | 28 दिसंबर, 1:43 am | सोमवार, 27 दिसंबर 2027 |
समय IST में है और पूरे भारत के लिए सही है। दिन वह है जिसके सूर्योदय पर नागपुर में यह तिथि चल रही होती है। गणना सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से की गई है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश); महीने अमांत हैं, जिनका नाम अमावस्या के समय सूर्य की राशि से रखा गया है।
अमावस्या पर लोग क्या करते हैं
- पितरों के लिए तर्पण और श्राद्ध, खास कर सोमवार (सोमवती) या शनिवार (शनि) को पड़ने वाली अमावस्या पर।
- पवित्र नदी में या घर पर प्रार्थना के साथ स्नान, और अन्न, कपड़े या तिल का दान।
- बहुत से परिवार अमावस्या पर नया काम, यात्रा या ख़रीदारी शुरू करने से बचते हैं।
- शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना।
दिन का पूरा पंचांग, पूर्णिमा की तारीखें और ग्रहण की तारीखें भी देखें।
अमावस्या के बारे में सवाल
अमावस्या कब है?
तालिका में अगली अमावस्या तिथि के शुरू और खत्म होने का समय IST में दिया है, और वह दिन भी जिसके सूर्योदय पर अमावस्या रहती है। अभी चल रही या अगली अमावस्या अलग रंग में दिखती है।
एक अमावस्या के साथ दो तारीखें क्यों दिखती हैं?
तिथि घड़ी के हिसाब से नहीं चलती। वह एक दिन दोपहर में शुरू होकर अगले दिन खत्म हो सकती है। पंचांग में आम तौर पर दिन का नाम सूर्योदय के समय चल रही तिथि से रखा जाता है, जबकि कुछ व्रत और त्योहार शाम या रात की तिथि से माने जाते हैं।
क्या पूरे भारत में समय एक ही है?
हाँ। तिथि हर जगह एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, इसलिए IST का समय पूरे भारत के लिए सही है। सिर्फ़ सूर्योदय वाला दिन कभी कभार अलग हो सकता है, जब तिथि सूर्योदय के बहुत पास शुरू हो।
अधिक मास क्या है?
लगभग हर तीन साल में जुड़ने वाला एक अतिरिक्त चंद्र मास, जिसमें सूर्य किसी नई राशि में नहीं जाता। उसके अंत की अमावस्या उसी के नाम से जानी जाती है, जैसे अधिक ज्येष्ठ अमावस्या।
हर अमावस्या के दो महीनों के नाम क्यों हैं?
महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में मानी जाने वाली अमांत पद्धति में अमावस्या महीने का अंत है, जबकि उत्तर भारत की पूर्णिमांत पद्धति में वह अगले महीने के बीच में आती है। जैसे दिवाली की अमावस्या एक पद्धति में आश्विन अमावस्या है और दूसरी में कार्तिक अमावस्या।