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लाल किताब · कुंडली

लाल किताब कुंडली ऑनलाइन (चार्ट, पक्का घर और उपाय)

आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से आपकी लाल किताब कुंडली: हर भाव को उसकी तय राशि देकर बना चार्ट, हर ग्रह का भाव और वह भाव किस बारे में है, कोई ग्रह अपने पक्के घर में है या अपने उच्च या नीच भाव में, खाली घर, और परेशानी देने वाले ग्रह के लिए लाल किताब की किताबों में आम तौर पर बताए गए उपाय। गणना आपके ब्राउज़र में होती है; कुछ भी सेव नहीं होता।

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अपनी लाल किताब कुंडली बनाएँ

आपकी लाल किताब कुंडली कैसे बनती है

  1. जन्म कुंडली बनाएँ। लग्न और नौ ग्रह ठीक वैसे ही रखे जाते हैं जैसे जन्म कुंडली में: ग्रह astronomy-engine लाइब्रेरी से, लाहिड़ी अयनांश, राहु और केतु के लिए माध्य राहु (mean node), और लग्न से हर राशि एक पूरा भाव।
  2. भावों की राशियाँ तय करें। आपका लग्न कुछ भी हो, लाल किताब पहले भाव को मेष देती है, दूसरे को वृषभ, और इसी तरह बारहवें को मीन। ग्रह अपने भाव में ही रहते हैं, इसलिए कुंडली सिर्फ़ भाव से पढ़ी जाती है।
  3. हर ग्रह का भाव जाँचें। क्या यह उस ग्रह का पक्का घर (स्थायी घर) है? क्या यह वह भाव है जहाँ ग्रह उच्च या नीच होता है? ये तय राशियों के हिसाब से चलते हैं: सूर्य पहले भाव (मेष) में उच्च है और सातवें (तुला) में नीच।
  4. खाली घर देखें। खाली घर को उस ग्रह से पढ़ा जाता है जिसका वह पक्का घर है।

उदाहरण से समझें

जन्म: 11/02/2000, 17:10 IST, दिल्ली, लग्न कर्क। यह वही जन्म है जो कुंडली के उदाहरण में है।

1रा23456शु7सू के8बु9मं10चं गु श1112
ग्रहकुंडली में राशिलाल किताब में भावस्थिति
सूर्यमकर7नीच भाव
चंद्रमामेष10कुछ नहीं
मंगलमीन9कुछ नहीं
बुधकुंभ8कुछ नहीं
गुरु (बृहस्पति)मेष10नीच भाव
शुक्रधनु6नीच भाव
शनिमेष10पक्का घर (8, 10)
राहुकर्क1कुछ नहीं
केतुमकर7कुछ नहीं

खाली घर: भाव 2, 3, 4, 5, 11, 12।

ऊपर वाले कैलकुलेटर के ही इंजन से, बिल्ड के समय निकाला गया।

पक्का घर और उच्च-नीच भाव

ग्रहपक्का घरउच्च भावनीच भाव
सूर्य117
चंद्रमा428
मंगल3, 8104
बुध7612
गुरु (बृहस्पति)2, 5, 9, 11, 12410
शुक्र7126
शनि8, 1071
राहु12किताबों में अलग-अलगकिताबों में अलग-अलग
केतु6किताबों में अलग-अलगकिताबों में अलग-अलग

ये वे स्थान हैं जो ज़्यादातर लाल किताब की किताबें बताती हैं; कुछ संस्करणों में थोड़ा अंतर है। हर ग्रह किन बातों का कारक है और उसके आम उपाय क्या हैं, यह लाल किताब के उपाय में देखें, और इस पद्धति के बारे में लाल किताब में पढ़ें।

लाल किताब कुंडली: आम सवाल

लाल किताब कुंडली सामान्य कुंडली से कैसे अलग है?

ग्रह उन्हीं भावों में रहते हैं, जो लग्न से गिने जाते हैं। फिर लाल किताब हर भाव को एक तय राशि देती है (पहले में मेष, दूसरे में वृषभ, और इसी तरह आगे) और हर ग्रह को सिर्फ़ उसके भाव से पढ़ती है, उसकी राशि से नहीं।

लाल किताब में पक्का घर क्या है?

किसी ग्रह का स्थायी घर: सूर्य का पहला, चंद्र का चौथा, मंगल का तीसरा और आठवाँ, बुध और शुक्र का सातवाँ, शनि का आठवाँ और दसवाँ, राहु का बारहवाँ और केतु का छठा; गुरु के दूसरा, पाँचवाँ, नौवाँ, ग्यारहवाँ और बारहवाँ। इनमें से कुछ पर किताबें अलग राय रखती हैं, जैसे ग्यारहवाँ भाव, जिसे कुछ किताबें शनि को देती हैं।

क्या जन्म समय चाहिए?

हाँ। लाल किताब ग्रहों को भाव से पढ़ती है, और भाव लग्न पर टिके हैं, जो लगभग हर दो घंटे में बदलता है। समय के बिना भाव नहीं रखे जा सकते।

क्या दिखाए गए उपाय शुरू कर दूँ?

ये वे उपाय हैं जो लाल किताब की किताबें आम तौर पर नीच भाव में बैठे ग्रह के लिए बताती हैं। लाल किताब एक समय में एक ही उपाय, 40 या 43 दिन तक, और सिर्फ़ उस ग्रह का करने को कहती है जो कुंडली में परेशानी दे रहा हो, इसलिए पहले कुंडली पढ़वा लेना ठीक रहता है।

क्या मेरी जानकारी सेव होती है?

नहीं। कुंडली आपके ब्राउज़र में ही बनती है, और आप जो भी भरते हैं वह न इस वेबसाइट पर भेजा जाता है, न सेव होता है।

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