गुजराती कैलेंडर · चंद्र-सौर
गुजराती कैलेंडर: इस महीने के दिन, त्योहार और महीने
गुजराती कैलेंडर चंद्र-सौर और अमांत है। यहाँ विक्रम संवत का वर्ष कार्तक माह से, यानी दीपावली के अगले दिन से शुरू होता है, इसलिए गुजराती नववर्ष (बेसतु वरस) अक्टूबर या नवंबर में आता है।
आज: आश्विन, प्रतिपदा · विक्रम संवत 2082
गुजराती कैलेंडर, अक्टूबर 2026
- महीने: भाद्रपद (ભાદરવો) · आश्विन (આસો)
- विक्रम संवत: 2082
शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Ahmedabad के लिए, IST में।
अक्टूबर 2026 के ख़ास दिन
| तारीख | महीना | क्या है |
|---|---|---|
| 6 अक्टूबर, मंगल | भाद्रपद | कृष्ण पक्ष एकादशी |
| 10 अक्टूबर, शनि | भाद्रपद | अमावस्या |
| 11 अक्टूबर, रवि | आश्विन | शारदीय नवरात्रि आरंभ |
| 17 अक्टूबर, शनि | आश्विन | तुला संक्रांति, 7:56 pm |
| 19 अक्टूबर, सोम | आश्विन | दुर्गा अष्टमी |
| 20 अक्टूबर, मंगल | आश्विन | दशहरा (विजयादशमी) |
| 22 अक्टूबर, गुरु | आश्विन | शुक्ल पक्ष एकादशी |
| 26 अक्टूबर, सोम | आश्विन | पूर्णिमा |
गुजराती त्योहार 2026
2026 के मुख्य त्योहार, Ahmedabad की गणना से। तारीख पर क्लिक करके उस महीने का पूरा कैलेंडर देखें।
| तारीख | त्योहार |
|---|---|
| 14 जनवरी, बुध | मकर संक्रांति |
| 14 जनवरी, बुध | उत्तरायण |
| 23 जनवरी, शुक्र | वसंत पंचमी |
| 15 फ़रवरी, रवि | महाशिवरात्रि |
| 2 मार्च, सोम | होलिका दहन |
| 3 मार्च, मंगल | होली |
| 26 मार्च, गुरु | राम नवमी |
| 2 अप्रैल, गुरु | हनुमान जयंती |
| 19 अप्रैल, रवि | अक्षय तृतीया |
| 16 जुलाई, गुरु | रथ यात्रा |
| 29 जुलाई, बुध | गुरु पूर्णिमा |
| 17 अगस्त, सोम | नाग पंचमी |
| 28 अगस्त, शुक्र | रक्षा बंधन |
| 4 सितंबर, शुक्र | कृष्ण जन्माष्टमी |
| 14 सितंबर, सोम | गणेश चतुर्थी |
| 11 अक्टूबर, रवि | शारदीय नवरात्रि आरंभ |
| 19 अक्टूबर, सोम | दुर्गा अष्टमी |
| 20 अक्टूबर, मंगल | दशहरा (विजयादशमी) |
| 6 नवंबर, शुक्र | धनतेरस |
| 8 नवंबर, रवि | दीपावली (लक्ष्मी पूजा) |
| 10 नवंबर, मंगल | गोवर्धन पूजा |
| 10 नवंबर, मंगल | गुजराती नव वर्ष (बेसतु वरस) |
| 11 नवंबर, बुध | भाई दूज |
| 24 नवंबर, मंगल | कार्तिक पूर्णिमा |
हर बड़े त्योहार की तिथि, मुहूर्त और दिन: हिंदू त्योहार 2026 और 2027।
2026 के महीने
गुजराती कैलेंडर कैसे चलता है
महीने अमावस्या से अमावस्या तक चलते हैं। कार्तक से आसो तक के इन महीनों का नाम इस बात से तय होता है कि महीना शुरू करने वाली अमावस्या के समय सूर्य किस राशि में है, और ज़रूरत पड़ने पर अधिक मास जोड़ा जाता है।
गुजराती नववर्ष बेसतु वरस कार्तक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है, यानी दीपावली के अगले दिन।
| # | महीना | Gujarati |
|---|---|---|
| 1 | चैत्र | ચૈત્ર |
| 2 | वैशाख | વૈશાખ |
| 3 | ज्येष्ठ | જેઠ |
| 4 | आषाढ़ | અષાઢ |
| 5 | श्रावण | શ્રાવણ |
| 6 | भाद्रपद | ભાદરવો |
| 7 | आश्विन | આસો |
| 8 | कार्तिक | કારતક |
| 9 | मार्गशीर्ष | માગશર |
| 10 | पौष | પોષ |
| 11 | माघ | મહા |
| 12 | फाल्गुन | ફાગણ |
दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर
- हिंदू कैलेंडर
- तमिल कैलेंडर
- तेलुगु कैलेंडर
- कन्नड़ कैलेंडर
- मलयालम कैलेंडर
- मराठी कैलेंडर
- बंगाली कैलेंडर
- ओड़िया कैलेंडर
रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।
गुजराती कैलेंडर के बारे में सवाल
2026 में गुजराती नव वर्ष कब है?
10 नवंबर 2026 को (गुजराती नव वर्ष (बेसतु वरस))। गुजराती नववर्ष बेसतु वरस कार्तक शुक्ल प्रतिपदा को मनाया जाता है, यानी दीपावली के अगले दिन।
गुजराती कैलेंडर के महीने कौन से हैं?
चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन।
क्या गुजराती कैलेंडर सौर है या चंद्र?
चंद्र-सौर: महीने चंद्रमा से चलते हैं और उनके नाम सूर्य की राशि से तय होते हैं। महीने अमावस्या से अमावस्या तक चलते हैं। कार्तक से आसो तक के इन महीनों का नाम इस बात से तय होता है कि महीना शुरू करने वाली अमावस्या के समय सूर्य किस राशि में है, और ज़रूरत पड़ने पर अधिक मास जोड़ा जाता है।
ये समय किस शहर के हैं?
सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन की तिथि Ahmedabad के लिए निकाली गई है, समय IST में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और कभी-कभी सूर्योदय पर चल रही तिथि भी बदल सकती है।
कोई त्योहार मेरे स्थानीय पंचांग से एक दिन अलग क्यों दिख सकता है?
हर त्योहार उस दिन मनाया जाता है जब उसकी तिथि दिन के एक तय समय पर चल रही हो (जैसे सूर्योदय, दोपहर या प्रदोष)। परंपराओं के नियम थोड़े अलग होते हैं, इसलिए अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि कर लें।