सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

विवाह मुहूर्त 2026

विवाह मुहूर्त 2026 और 2027: शादी की शुभ तारीखें

2026 और 2027 के वे दिन जिनमें पंचांग विवाह की अनुमति देता है, और हर दिन का वह समय जिसमें सभी नियम पूरे होते हैं। समय नागपुर के अनुसार IST में है, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

अगला मुहूर्त: शनिवार, 21 नवंबर 2026, 6:32 am से 22 नवंबर, 12:14 am तक

विवाह मुहूर्त 2026 (आने वाली तारीखें)

11 तारीखें

तारीखमुहूर्त (IST)नक्षत्रतिथि
शनिवार, 21 नवंबर 20266:32 am से 22 नवंबर, 12:14 am तकउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल पक्ष द्वादशी
मंगलवार, 24 नवंबर 202611:26 pm से 25 नवंबर, 6:30 am तकरोहिणीकृष्ण पक्ष प्रतिपदा
बुधवार, 25 नवंबर 20266:30 am से 26 नवंबर, 6:30 am तकरोहिणी, मृगशिराकृष्ण पक्ष प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष द्वितीया
गुरुवार, 26 नवंबर 20266:30 am से 5:48 pm तकमृगशिराकृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
बुधवार, 2 दिसंबर 202610:33 am से 3 दिसंबर, 6:35 am तकउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पक्ष नवमी, कृष्ण पक्ष दशमी
गुरुवार, 3 दिसंबर 20266:35 am से 10:55 am तक; 11:04 pm से 4 दिसंबर, 6:36 am तकउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण पक्ष दशमी, कृष्ण पक्ष एकादशी
शुक्रवार, 4 दिसंबर 20266:36 am से 10:24 am तकहस्तकृष्ण पक्ष एकादशी
शनिवार, 5 दिसंबर 202611:50 am से 6 दिसंबर, 6:37 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष द्वादशी, कृष्ण पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 6 दिसंबर 20266:37 am से 7:43 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 11 दिसंबर 202612 दिसंबर, 3:05 am से 12 दिसंबर, 6:41 am तकउत्तराषाढ़ाशुक्ल पक्ष तृतीया
शनिवार, 12 दिसंबर 20266:41 am से 13 दिसंबर, 3:29 am तकउत्तराषाढ़ाशुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्ल पक्ष चतुर्थी

विवाह मुहूर्त 2027

96 तारीखें

तारीखमुहूर्त (IST)नक्षत्रतिथि
शुक्रवार, 15 जनवरी 20276:53 am से 2:14 pm तकरेवतीशुक्ल पक्ष सप्तमी
सोमवार, 18 जनवरी 20279:06 pm से 9:13 pm तकरोहिणीशुक्ल पक्ष एकादशी
मंगलवार, 19 जनवरी 20277:50 am से 20 जनवरी, 6:53 am तकरोहिणी, मृगशिराशुक्ल पक्ष द्वादशी, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
बुधवार, 20 जनवरी 20276:53 am से 4:18 pm तकमृगशिराशुक्ल पक्ष त्रयोदशी
रविवार, 24 जनवरी 202710:17 am से 9:31 pm तकमघाकृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
मंगलवार, 26 जनवरी 20278:19 pm से 27 जनवरी, 6:52 am तकउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण पक्ष पंचमी, कृष्ण पक्ष षष्ठी
बुधवार, 27 जनवरी 20276:52 am से 11:57 pm तकहस्तकृष्ण पक्ष षष्ठी
शनिवार, 30 जनवरी 202731 जनवरी, 3:56 am से 31 जनवरी, 6:51 am तकअनुराधाकृष्ण पक्ष नवमी, कृष्ण पक्ष दशमी
रविवार, 31 जनवरी 20276:51 am से 7:35 pm तकअनुराधाकृष्ण पक्ष दशमी
मंगलवार, 2 फ़रवरी 20275:48 pm से 3 फ़रवरी, 6:50 am तकमूलकृष्ण पक्ष द्वादशी
बुधवार, 3 फ़रवरी 20276:50 am से 12:27 pm तकमूलकृष्ण पक्ष द्वादशी
मंगलवार, 9 फ़रवरी 202710 फ़रवरी, 3:41 am से 10 फ़रवरी, 6:47 am तकउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष चतुर्थी
बुधवार, 10 फ़रवरी 20276:47 am से 2:47 pm तक; 11 फ़रवरी, 3:05 am से 11 फ़रवरी, 6:46 am तकउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल पक्ष चतुर्थी, शुक्ल पक्ष पंचमी
गुरुवार, 11 फ़रवरी 20276:46 am से 11:34 pm तकरेवतीशुक्ल पक्ष पंचमी
रविवार, 14 फ़रवरी 202715 फ़रवरी, 4:47 am से 15 फ़रवरी, 6:44 am तकरोहिणीशुक्ल पक्ष नवमी
सोमवार, 15 फ़रवरी 20276:44 am से 12:34 pm तकरोहिणीशुक्ल पक्ष नवमी
रविवार, 21 फ़रवरी 202711:28 am से 1:52 pm तकमघाकृष्ण पक्ष प्रतिपदा
सोमवार, 22 फ़रवरी 202711:56 am से 23 फ़रवरी, 5:01 am तकउत्तरा फाल्गुनीकृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
गुरुवार, 25 फ़रवरी 20279:34 am से 26 फ़रवरी, 6:36 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष पंचमी, कृष्ण पक्ष षष्ठी
शुक्रवार, 26 फ़रवरी 20276:36 am से 10:14 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष षष्ठी
शनिवार, 27 फ़रवरी 202710:10 pm से 28 फ़रवरी, 6:35 am तकअनुराधाकृष्ण पक्ष अष्टमी
रविवार, 28 फ़रवरी 20276:35 am से 1:48 pm तकअनुराधाकृष्ण पक्ष अष्टमी
सोमवार, 1 मार्च 202711:12 pm से 2 मार्च, 6:33 am तकमूलकृष्ण पक्ष नवमी, कृष्ण पक्ष दशमी
मंगलवार, 2 मार्च 20276:33 am से 3:25 pm तकमूलकृष्ण पक्ष दशमी
बुधवार, 3 मार्च 20274 मार्च, 1:07 am से 4 मार्च, 6:32 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष एकादशी
गुरुवार, 4 मार्च 20276:32 am से 5 मार्च, 1:37 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष एकादशी, कृष्ण पक्ष द्वादशी
मंगलवार, 9 मार्च 20279:59 am से 10 मार्च, 6:27 am तकउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष प्रतिपदा, शुक्ल पक्ष द्वितीया
बुधवार, 10 मार्च 20276:27 am से 11 मार्च, 5:15 am तकउत्तरा भाद्रपद, रेवतीशुक्ल पक्ष द्वितीया, शुक्ल पक्ष तृतीया
रविवार, 14 मार्च 20275:12 pm से 15 मार्च, 6:22 am तकरोहिणीशुक्ल पक्ष सप्तमी
रविवार, 18 अप्रैल 20276:07 am से 9:59 pm तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष द्वादशी, शुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 19 अप्रैल 20277:45 pm से 20 अप्रैल, 4:42 am तकहस्तशुक्ल पक्ष चतुर्दशी
बुधवार, 21 अप्रैल 20274:11 pm से 22 अप्रैल, 4:45 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष प्रतिपदा, कृष्ण पक्ष द्वितीया
शुक्रवार, 23 अप्रैल 20272:14 pm से 3:55 pm तक; 24 अप्रैल, 4:22 am से 24 अप्रैल, 5:48 am तकअनुराधाकृष्ण पक्ष तृतीया, कृष्ण पक्ष चतुर्थी
शनिवार, 24 अप्रैल 20275:48 am से 6:58 am तकअनुराधाकृष्ण पक्ष चतुर्थी
रविवार, 25 अप्रैल 20273:33 pm से 26 अप्रैल, 5:46 am तकमूलकृष्ण पक्ष पंचमी
सोमवार, 26 अप्रैल 20275:46 am से 11:31 am तकमूलकृष्ण पक्ष पंचमी, कृष्ण पक्ष षष्ठी
मंगलवार, 27 अप्रैल 202711:14 pm से 28 अप्रैल, 5:45 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष सप्तमी
बुधवार, 28 अप्रैल 20275:45 am से 5:32 pm तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष सप्तमी, कृष्ण पक्ष अष्टमी
मंगलवार, 4 मई 20274:15 pm से 7:32 pm तकरेवतीकृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 7 मई 202711:43 pm से 8 मई, 5:39 am तकरोहिणीशुक्ल पक्ष द्वितीया
शनिवार, 8 मई 20275:39 am से 5:52 am तक; 9 मई, 2:38 am से 9 मई, 5:38 am तकरोहिणी, मृगशिराशुक्ल पक्ष द्वितीया, शुक्ल पक्ष तृतीया
रविवार, 9 मई 20275:38 am से 7:44 pm तकमृगशिराशुक्ल पक्ष तृतीया, शुक्ल पक्ष चतुर्थी
गुरुवार, 13 मई 20277:25 pm से 14 मई, 5:36 am तकमघाशुक्ल पक्ष अष्टमी, शुक्ल पक्ष नवमी
शुक्रवार, 14 मई 20275:36 am से 8:51 am तकमघाशुक्ल पक्ष नवमी
शनिवार, 15 मई 202712:01 pm से 16 मई, 4:32 am तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष दशमी, शुक्ल पक्ष एकादशी
रविवार, 16 मई 202717 मई, 2:44 am से 17 मई, 5:35 am तकहस्तशुक्ल पक्ष द्वादशी
सोमवार, 17 मई 20275:35 am से 11:30 am तकहस्तशुक्ल पक्ष द्वादशी
मंगलवार, 18 मई 202711:56 pm से 19 मई, 5:34 am तकस्वातीशुक्ल पक्ष चतुर्दशी
बुधवार, 19 मई 20275:34 am से 12:20 pm तकस्वातीशुक्ल पक्ष चतुर्दशी
गुरुवार, 20 मई 202710:27 pm से 21 मई, 5:33 am तकअनुराधाकृष्ण पक्ष प्रतिपदा
शुक्रवार, 21 मई 20275:33 am से 2:52 pm तकअनुराधाकृष्ण पक्ष प्रतिपदा
शनिवार, 22 मई 202711:25 pm से 23 मई, 5:33 am तकमूलकृष्ण पक्ष तृतीया
रविवार, 23 मई 20275:33 am से 7:42 am तकमूलकृष्ण पक्ष तृतीया
सोमवार, 24 मई 202710:09 pm से 25 मई, 5:32 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष चतुर्थी, कृष्ण पक्ष पंचमी
मंगलवार, 25 मई 20275:32 am से 26 मई, 1:13 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष पंचमी
रविवार, 30 मई 202711:33 am से 9:56 pm तकउत्तरा भाद्रपदकृष्ण पक्ष दशमी
सोमवार, 31 मई 202710:03 am से 1 जून, 5:31 am तकउत्तरा भाद्रपद, रेवतीकृष्ण पक्ष एकादशी
मंगलवार, 1 जून 20275:31 am से 6:51 am तकरेवतीकृष्ण पक्ष एकादशी
शनिवार, 5 जून 202711:36 am से 12:11 pm तकमृगशिराशुक्ल पक्ष प्रतिपदा
बुधवार, 9 जून 202710 जून, 1:25 am से 10 जून, 5:31 am तकमघाशुक्ल पक्ष षष्ठी
गुरुवार, 10 जून 20275:31 am से 3:26 pm तकमघाशुक्ल पक्ष षष्ठी, शुक्ल पक्ष सप्तमी
शुक्रवार, 11 जून 20275:28 pm से 12 जून, 5:31 am तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष अष्टमी, शुक्ल पक्ष नवमी
शनिवार, 12 जून 20275:31 am से 10:49 am तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष नवमी
रविवार, 13 जून 20279:06 am से 5:01 pm तकहस्तशुक्ल पक्ष दशमी
मंगलवार, 15 जून 20276:48 am से 6:24 pm तकस्वातीशुक्ल पक्ष द्वादशी
बुधवार, 16 जून 20277:45 pm से 17 जून, 5:32 am तकअनुराधाशुक्ल पक्ष त्रयोदशी, शुक्ल पक्ष चतुर्दशी
गुरुवार, 17 जून 20275:32 am से 9:31 pm तकअनुराधाशुक्ल पक्ष चतुर्दशी
शनिवार, 19 जून 20276:16 am से 20 जून, 2:14 am तकमूलकृष्ण पक्ष प्रतिपदा
रविवार, 20 जून 202721 जून, 5:05 am से 21 जून, 5:32 am तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष द्वितीया
सोमवार, 21 जून 20275:32 am से 11:51 pm तकउत्तराषाढ़ाकृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
शनिवार, 26 जून 20277:24 pm से 27 जून, 5:34 am तकउत्तरा भाद्रपदकृष्ण पक्ष सप्तमी, कृष्ण पक्ष अष्टमी
रविवार, 27 जून 20275:34 am से 28 जून, 5:34 am तकउत्तरा भाद्रपद, रेवतीकृष्ण पक्ष अष्टमी, कृष्ण पक्ष नवमी
सोमवार, 28 जून 20275:34 am से 11:46 am तकरेवतीकृष्ण पक्ष नवमी
बुधवार, 7 जुलाई 20276:45 pm से 11:59 pm तकमघाशुक्ल पक्ष पंचमी
गुरुवार, 8 जुलाई 20279 जुलाई, 12:19 am से 9 जुलाई, 5:38 am तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष षष्ठी
शुक्रवार, 9 जुलाई 20275:38 am से 6:17 pm तकउत्तरा फाल्गुनीशुक्ल पक्ष षष्ठी, शुक्ल पक्ष सप्तमी
रविवार, 11 जुलाई 202711:06 pm से 12 जुलाई, 5:39 am तकस्वातीशुक्ल पक्ष नवमी
सोमवार, 12 जुलाई 20275:39 am से 11:57 pm तकस्वातीशुक्ल पक्ष नवमी, शुक्ल पक्ष दशमी
बुधवार, 10 नवंबर 20279:12 am से 11:41 pm तकउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष द्वादशी
गुरुवार, 11 नवंबर 202710:58 pm से 12 नवंबर, 1:46 am तकरेवतीशुक्ल पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 15 नवंबर 20273:22 pm से 16 नवंबर, 6:24 am तकरोहिणी, मृगशिराकृष्ण पक्ष द्वितीया, कृष्ण पक्ष तृतीया
मंगलवार, 16 नवंबर 20276:24 am से 4:44 pm तक; 17 नवंबर, 3:43 am से 17 नवंबर, 4:43 am तकमृगशिराकृष्ण पक्ष तृतीया, कृष्ण पक्ष चतुर्थी
शनिवार, 20 नवंबर 202721 नवंबर, 4:48 am से 21 नवंबर, 6:27 am तकमघाकृष्ण पक्ष अष्टमी
रविवार, 21 नवंबर 20276:27 am से 7:26 pm तकमघाकृष्ण पक्ष अष्टमी, कृष्ण पक्ष नवमी
मंगलवार, 23 नवंबर 20272:09 pm से 24 नवंबर, 6:29 am तकउत्तरा फाल्गुनी, हस्तकृष्ण पक्ष एकादशी
बुधवार, 24 नवंबर 20276:29 am से 6:54 pm तकहस्तकृष्ण पक्ष एकादशी, कृष्ण पक्ष द्वादशी
गुरुवार, 25 नवंबर 20276:18 pm से 26 नवंबर, 6:30 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष त्रयोदशी
शुक्रवार, 26 नवंबर 20276:30 am से 9:49 am तकस्वातीकृष्ण पक्ष त्रयोदशी
सोमवार, 29 नवंबर 202730 नवंबर, 2:10 am से 30 नवंबर, 2:31 am तकमूलशुक्ल पक्ष द्वितीया
गुरुवार, 2 दिसंबर 20271:45 pm से 3 दिसंबर, 2:31 am तकउत्तराषाढ़ाशुक्ल पक्ष पंचमी
मंगलवार, 7 दिसंबर 20272:16 pm से 8 दिसंबर, 6:38 am तकउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष नवमी, शुक्ल पक्ष दशमी
बुधवार, 8 दिसंबर 20276:38 am से 6:58 am तकउत्तरा भाद्रपदशुक्ल पक्ष दशमी
गुरुवार, 9 दिसंबर 20276:39 am से 11:13 am तकरेवतीशुक्ल पक्ष एकादशी
रविवार, 12 दिसंबर 20274:43 pm से 11:56 pm तकरोहिणीशुक्ल पक्ष चतुर्दशी
सोमवार, 13 दिसंबर 202710:51 am से 14 दिसंबर, 6:42 am तकरोहिणी, मृगशिरापूर्णिमा, कृष्ण पक्ष प्रतिपदा
मंगलवार, 14 दिसंबर 20276:42 am से 1:26 pm तकमृगशिराकृष्ण पक्ष प्रतिपदा

समय नागपुर के अनुसार IST में है। जो समय आधी रात के बाद तक जाता है, उसके साथ अगली तारीख लिखी है; दिन हिंदू दिन है, सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक।

नियम सरल शब्दों में

कोई तारीख तभी सूची में आती है जब ये सभी बातें पूरी हों। ये नियम मुहूर्त चिंतामणि के हैं, जैसे ज़्यादातर छपे पंचांग इन्हें लगाते हैं:

  • नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती।
  • गंडांत टाला जाता है: मघा का पहला चरण, मूल का पहला चरण और रेवती का चौथा चरण।
  • ये योग टाले जाते हैं: विष्कुम्भ, अतिगण्ड, शूल, गण्ड, व्याघात, वज्र, व्यतीपात, परिघ और वैधृति।
  • ये करण टाले जाते हैं: विष्टि (भद्रा), शकुनि, चतुष्पद, नाग और किंस्तुघ्न।
  • सौर मास: सूर्य मेष, वृषभ, मिथुन, वृश्चिक, मकर और कुंभ में हो, या देवउठनी एकादशी के बाद तुला में। सूर्य कर्क, सिंह, कन्या, धनु और मीन में हो तो ये दिन बंद हैं (धनु और मीन के महीने खरमास कहलाते हैं)।
  • चातुर्मास नहीं: देवशयनी एकादशी (आषाढ़ शुक्ल 11) से देवउठनी एकादशी (कार्तिक शुक्ल 11) तक के दिन बंद हैं।
  • अधिक मास (मलमास) पूरा टाला जाता है।
  • गुरु और शुक्र अस्त न हों। जिन दिनों ये सुबह या शाम सूर्य के पास होने से दिखते नहीं, वे दिन बंद हैं, साथ में अस्त से पहले के 3 दिन (वृद्धत्व) और उदय के बाद के 3 दिन (शिशुत्व)।

ज़्यादातर प्रकाशित सूचियों की तरह यहाँ तिथि और वार से कोई तारीख नहीं हटाई गई; फिर भी कई परिवार द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, एकादशी या त्रयोदशी को पसंद करते हैं और मंगलवार से बचते हैं।

फेरों के समय का लग्न यहाँ नहीं देखा गया। कुछ घंटों के समय में आमतौर पर एक अच्छा लग्न मिल जाता है; वह विवाह के स्थान के हिसाब से चुना जाता है।

आपका अपना पंचांग और आपकी कुंडली

ये पंचांग की सामान्य तारीखें हैं, यानी पहला कदम। आपके परिवार का पंचांग कहीं-कहीं एक दिन अलग हो सकता है, क्योंकि परंपराओं में नियम थोड़े अलग हैं (जैसे अधिक मास, तुला मास या शुक्र अस्त के आसपास के दिन)। आपकी शादी का मुहूर्त फिर वर और वधू की कुंडली, दोनों की चंद्र राशि (ताराबल और चंद्रबल) और स्थान देखकर चुना जाता है, इसलिए वह इनमें से किसी दिन पर आ सकता है या इनमें से कुछ दिन हटा भी सकता है।

दूसरे मुहूर्त

इससे जुड़े पेज

विवाह मुहूर्त के बारे में सवाल

विवाह मुहूर्त की तारीखें कैसे चुनी जाती हैं?

हर समय में विवाह के 11 नक्षत्रों में से एक होता है, सूर्य शुभ सौर मास में होता है, और भद्रा व स्थिर करण, नौ अशुभ योग, चातुर्मास, अधिक मास और गुरु या शुक्र अस्त के दिन टाले जाते हैं। पूरे नियम इसी पेज पर दिए गए हैं।

कुछ महीनों में शादी की तारीखें क्यों नहीं हैं?

सूर्य धनु या मीन में हो (खरमास), कर्क, सिंह या कन्या में हो, देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक चातुर्मास हो, अधिक मास हो, या गुरु या शुक्र अस्त हों, तब विवाह नहीं होते। ये सब मिलकर साल के लंबे हिस्से बंद कर देते हैं।

दूसरे पंचांग में तारीखें अलग क्यों हैं?

पंचांग नियमों को थोड़ा अलग ढंग से लगाते हैं: कुछ तुला मास या अधिक मास रखते हैं, कुछ रिक्ता तिथि या मंगलवार टालते हैं, और कुछ गुरु व शुक्र अस्त के लिए सूर्य से तय दूरी लेते हैं। ज़्यादातर तारीखें वही रहती हैं; किनारे की कुछ तारीखें बदलती हैं।

क्या ये समय हर शहर के लिए एक ही हैं?

नक्षत्र, तिथि, योग और करण हर जगह एक ही पल में बदलते हैं, इसलिए IST समय पूरे भारत में लागू हैं। दिन सूर्योदय से गिना जाता है, जो शहर के हिसाब से कुछ मिनट बदलता है, और लग्न ठीक उसी स्थान के लिए चुना जाता है।

क्या इस सूची की तारीख शादी तय करने के लिए काफ़ी है?

यह अच्छी शुरुआत है। परिवार आमतौर पर दोनों कुंडलियाँ भी मिलाते हैं, उस दिन वर-वधू की चंद्र राशि देखते हैं और फेरों का लग्न चुनते हैं। नमिता जी इस सूची की तारीखों को दोनों कुंडलियों से जाँच सकती हैं।