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राहु काल · यमगंड · गुलिक काल

आज का राहु काल

आपके शहर का आज का राहु काल, साथ में यमगंड, गुलिक काल और अभिजीत मुहूर्त, सब स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले गए। नीचे की तालिका में अगले 7 दिन का राहु काल भी है।

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आपके शहर का राहु काल

राहु काल कैसे निकाला जाता है

राहु काल, जिसे राहु कालम भी कहते हैं, दिन के समय का आठवाँ भाग है। यह स्थानीय सूर्योदय से गिना जाता है, इसलिए आपके शहर और मौसम के साथ बदलता है।

  1. अपने शहर और तारीख़ का स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त निकालें।
  2. दिन को 8 बराबर भागों में बाँटें। 12 घंटे के दिन में हर भाग 90 मिनट का होता है।
  3. वार के हिसाब से भाग लें: सोमवार दूसरा, शनिवार तीसरा, शुक्रवार चौथा, बुधवार पाँचवाँ, गुरुवार छठा, मंगलवार सातवाँ और रविवार आठवाँ।

यमगंड और गुलिक काल भी इसी तरह निकाले जाते हैं, हर एक दिन के अपने भाग में। अभिजीत मुहूर्त दिन के 15 बराबर भागों में से 8वाँ भाग है, स्थानीय दोपहर के आसपास; कई पंचांग बुधवार को इसे नहीं लेते।

उदाहरण

नागपुर, शुक्रवार 09/10/2026। सूर्योदय 6:07 am, सूर्यास्त 5:55 pm, अगला सूर्योदय 6:07 am।

चरणगणनापरिणाम
दिन की अवधि6:07 am से 5:55 pm तक11 घंटे 48 मिनट
आठवाँ भाग11 घंटे 48 मिनट ÷ 81 घंटा 28 मिनट
राहु कालशुक्रवार को 8 में से चौथा भाग10:32 am से 12:01 pm तक
यमगंड8 में से सातवाँ भाग2:58 pm से 4:26 pm तक
गुलिक काल8 में से दूसरा भाग7:36 am से 9:04 am तक
अभिजीत मुहूर्त15 में से 8वाँ भाग11:37 am से 12:24 pm तक

ऊपर दिए कैलकुलेटर के इंजन से ही निकाला गया।

वार के हिसाब से राहु काल

जिस दिन सूर्योदय सुबह 6:00 बजे और सूर्यास्त शाम 6:00 बजे हो, उस दिन राहु काल इन समयों पर पड़ता है। आपके शहर का ठीक समय ऊपर का कैलकुलेटर देता है।

वारदिन का भागसुबह 6 से शाम 6 बजे वाले दिन पर
सोमवारदूसरा7:30 am से 9:00 am तक
मंगलवारसातवाँ3:00 pm से 4:30 pm तक
बुधवारपाँचवाँ12:00 pm से 1:30 pm तक
गुरुवारछठा1:30 pm से 3:00 pm तक
शुक्रवारचौथा10:30 am से 12:00 pm तक
शनिवारतीसरा9:00 am से 10:30 am तक
रविवारआठवाँ4:30 pm से 6:00 pm तक

राहु काल में क्या करें

यह परंपरा नई शुरुआत के बारे में है: परिवार राहु काल में यात्रा पर निकलना, किसी समझौते पर हस्ताक्षर, ख़रीदारी या कोई संस्कार शुरू करने से बचते हैं। जो काम पहले से चल रहा है, वह सामान्य रूप से चलता रहता है। पूरे दिन के समय के लिए आज का चौघड़िया देखें। ज़रूरी कामों के लिए नमिता जी पूरे पंचांग और आपकी कुंडली से मुहूर्त चुनती हैं।

राहु काल से जुड़े सवाल

राहु काल क्या है?

हर दिन लगभग डेढ़ घंटे का वह समय, जिस पर राहु का अधिकार माना जाता है और जिसमें परंपरा से नया काम शुरू नहीं किया जाता। यह सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय का आठवाँ भाग है, और कौन सा आठवाँ भाग होगा, यह वार पर निर्भर करता है।

राहु काल कैसे निकाला जाता है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को 8 बराबर भागों में बाँटें। राहु काल सोमवार को दूसरा भाग, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ भाग होता है।

दूसरे शहर में राहु काल अलग क्यों होता है?

क्योंकि यह स्थानीय सूर्योदय से शुरू होता है। पूर्व के शहरों में सूर्य पहले उगता है, इसलिए वही राहु काल घड़ी के हिसाब से पहले शुरू होता है, और इसकी लंबाई मौसम के साथ बदलती है।

यमगंड और गुलिक काल क्या हैं?

दिन के दो और आठवें भाग, जिनमें कई परिवार नया काम शुरू नहीं करते। ये राहु काल की तरह ही निकाले जाते हैं। कई परंपराओं में यह भी कहा जाता है कि गुलिक काल में शुरू किया गया काम दोहराया जाता है।

अभिजीत मुहूर्त क्या है?

दोपहर का मुहूर्त: दिन के 15 बराबर भागों में से 8वाँ भाग, स्थानीय दोपहर के आसपास। इसे काम शुरू करने के लिए अच्छा माना जाता है, हालाँकि कई पंचांग बुधवार को इसे नहीं लेते।

जल्दी हो तो क्या राहु काल में काम शुरू कर सकते हैं?

जो रोज़ का काम पहले से चल रहा है, वह सामान्य रूप से चलता रहता है। परंपरा नई शुरुआत के बारे में है। किसी ज़रूरी शुरुआत के लिए नमिता जी पूरे पंचांग से बेहतर मुहूर्त सुझा सकती हैं।

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