लो शू ग्रिड नौ खानों का एक वर्ग है, तीन पंक्तियाँ और तीन स्तंभ, जिनमें 1 से 9 तक के अंक भरे होते हैं। यह प्राचीन चीन की देन है। इसे लो शू वर्ग और “नौ भवनों का चित्र” भी कहा जाता है। हर अंक का खाना तय है, और किसी भी पंक्ति, किसी भी स्तंभ या किसी भी विकर्ण के तीनों अंक जोड़ें, तो जोड़ 15 ही आता है।
इसकी बनावट कभी नहीं बदलती। ऊपर की पंक्ति में 4, 9, 2 हैं, बीच की पंक्ति में 3, 5, 7 और नीचे की पंक्ति में 8, 1, 6। कोई भी रेखा जाँच लीजिए: 4 + 9 + 2 = 15, 9 + 5 + 1 = 15, 4 + 5 + 6 = 15।
सार: अंक ज्योतिष में आपकी जन्म तिथि के अंक इन्हीं नौ खानों में रखे जाते हैं। जो खाने भरते हैं, वे आपके मज़बूत अंक हैं। जो खाली रह जाते हैं, वे आपके गायब अंक हैं। और तीन खानों की जो रेखा पूरी भर जाए, उसे तल (अंग्रेज़ी में प्लेन) कहते हैं।
लो शू ग्रिड कहाँ से आया
“लो शू” का अर्थ है “लुओ नदी का लेख”। कथा कहती है कि चीन की लुओ नदी से एक कछुआ निकला, जिसकी पीठ पर बिंदुओं का एक नमूना बना था, और उन्हीं बिंदुओं से यह वर्ग बना। सबसे प्रचलित रूप में यह कथा यू महान (Yu the Great) से जुड़ती है, जो लोककथाओं के एक शासक हैं और नदी की बाढ़ थामने में लगे थे। यह कथा है, लिखा हुआ इतिहास नहीं। पर वर्ग अपने आप में बहुत पुराना है और चीन के ग्रंथों में इसकी चर्चा लंबे समय से होती आई है।
इस वर्ग की कुछ बातें विश्वास का नहीं, सीधे गणित का विषय हैं:
- 1 से 9 को 3×3 के वर्ग में इस तरह रखने का कि हर रेखा का जोड़ 15 हो, यही एक तरीका है। वर्ग को घुमाने या उलटने से बने रूप इसी के रूप माने जाते हैं।
- 5 हमेशा बीच में आता है। बीच के आर-पार आमने-सामने रखे अंकों का जोड़ हमेशा 10 होता है: 1 और 9, 2 और 8, 3 और 7, 4 और 6।
- सम अंक 2, 4, 6 और 8 चारों कोनों में रहते हैं, और विषम अंक 1, 3, 7 और 9 हर भुजा के बीच में।
पुराने चीनी नक्शों की तरह यह ग्रिड दक्षिण को ऊपर रखकर बनाया जाता है। इसलिए 9 (दक्षिण) ऊपर है, 1 (उत्तर) नीचे, 3 (पूर्व) बाईं ओर और 7 (पश्चिम) दाईं ओर। यही कारण है कि फ़ेंग शुई और वास्तु में हर खाने को घर की एक दिशा से जोड़ा जाता है। भारत में यह ग्रिड अंक ज्योतिष का जाना-पहचाना औज़ार है, और यहाँ हर अंक नौ ग्रहों में से किसी एक से जुड़ा माना जाता है।
अंक ज्योतिष में लो शू ग्रिड कैसे पढ़ा जाता है
अपना ग्रिड ख़ुद बनाने के लिए:
- जन्म तिथि को दिन-महीना-वर्ष (DD-MM-YYYY) के क्रम में लिखें और उसका हर अंक अलग कर लें।
- हर 0 छोड़ दें। ग्रिड में शून्य के लिए कोई खाना नहीं है।
- भारतीय पद्धति में दो अंक और जोड़े जाते हैं: मूलांक, यानी जन्म का दिन जोड़कर एक अंक तक लाया गया, और भाग्यांक, यानी पूरी जन्म तिथि के अंकों का जोड़, एक अंक तक लाया गया। मूलांक और भाग्यांक कैलकुलेटर दोनों अंक तुरंत निकाल देता है। पुरानी (क्लासिक) पद्धति में केवल जन्म तिथि के अंक लिए जाते हैं।
- हर अंक को उसके खाने में लिखें। कोई अंक दो बार आए, तो उसके खाने में दो बार लिखें।
- अब देखें: कौन से अंक गायब हैं, कौन से एक से ज़्यादा बार आए हैं, और कौन से तल पूरे हुए हैं।
उदाहरण: अनन्या की जन्म तिथि 14-07-1992 है। इसके अंक हैं 1, 4, 0, 7, 1, 9, 9, 2, जिनमें से 0 छूट जाता है। उसका मूलांक 1 + 4 = 5 है। भाग्यांक के लिए 1 + 4 + 0 + 7 + 1 + 9 + 9 + 2 = 33, और 3 + 3 = 6। भारतीय पद्धति से उसके ग्रिड का हर अंक ऐसा दिखता है:
| अंक | खाना | दिशा | ग्रह | अनन्या के ग्रिड में |
|---|---|---|---|---|
| 1 | नीचे बीच में | उत्तर | सूर्य | दो बार |
| 2 | ऊपर दाएँ कोने में | दक्षिण-पश्चिम | चंद्र | एक बार |
| 3 | बीच की पंक्ति में बाएँ | पूर्व | बृहस्पति (गुरु) | गायब |
| 4 | ऊपर बाएँ कोने में | दक्षिण-पूर्व | राहु | एक बार |
| 5 | ठीक बीच में | केंद्र | बुध | एक बार (मूलांक से) |
| 6 | नीचे दाएँ कोने में | उत्तर-पश्चिम | शुक्र | एक बार (भाग्यांक से) |
| 7 | बीच की पंक्ति में दाएँ | पश्चिम | केतु | एक बार |
| 8 | नीचे बाएँ कोने में | उत्तर-पूर्व | शनि | गायब |
| 9 | ऊपर बीच में | दक्षिण | मंगल | दो बार |
| 0 | कोई खाना नहीं | कोई नहीं | कोई नहीं | छोड़ दिया गया (07 का 0) |
यानी अनन्या के गायब अंक 3 और 8 हैं, और 1 व 9 दो-दो बार आए हैं। पुरानी पद्धति में, जहाँ मूलांक 5 और भाग्यांक 6 नहीं जुड़ते, उसके ग्रिड से 5 और 6 भी गायब होते। मुफ़्त लो शू ग्रिड कैलकुलेटर किसी भी जन्म तिथि का ग्रिड बना देता है, और उसमें दोनों पद्धतियों के बीच बदला जा सकता है। हर खाली खाने का अर्थ और उसके लिए आम तौर पर सुझाए जाने वाले सरल उपाय लो शू ग्रिड के गायब अंक और उनके उपाय में दिए गए हैं।
लो शू ग्रिड के 8 तल
तल तीन खानों की एक सीधी रेखा है: तीन पंक्तियाँ, तीन स्तंभ और दो विकर्ण। जब किसी रेखा के तीनों अंक आपके ग्रिड में मौजूद हों, तो वह तल पूरा माना जाता है। कई किताबों में इन्हें अंग्रेज़ी नामों (मेंटल प्लेन, विल प्लेन आदि) से भी लिखा जाता है।
| तल | अंक | यह किस ओर इशारा करता है |
|---|---|---|
| मानसिक तल (ऊपर की पंक्ति) | 4-9-2 | सोच, याददाश्त और योजना |
| भावनात्मक तल (बीच की पंक्ति) | 3-5-7 | भावनाएँ, संतुलन और रिश्ते |
| व्यावहारिक तल (नीचे की पंक्ति) | 8-1-6 | रोज़ का भौतिक जीवन, पैसा और काम पूरा करना |
| विचार तल (बायाँ स्तंभ) | 4-3-8 | नए विचार और आगे की योजना |
| इच्छाशक्ति तल (बीच का स्तंभ) | 9-5-1 | दृढ़ता और लगन |
| कर्म तल (दायाँ स्तंभ) | 2-7-6 | योजना को अमल में लाना |
| स्वर्ण (सफलता) योग (विकर्ण) | 4-5-6 | पूरा हो तो सफलता और पहचान का संकेत माना जाता है |
| रजत (संपत्ति) योग (विकर्ण) | 2-5-8 | पूरा हो तो संपत्ति और स्थिरता का संकेत माना जाता है |
अनन्या के ग्रिड में चार तल पूरे हैं: मानसिक तल, इच्छाशक्ति तल, कर्म तल और स्वर्ण योग। अलग-अलग अंक ज्योतिषी “राज योग” नाम अलग-अलग रेखाओं के लिए इस्तेमाल करते हैं, इसलिए इस साइट पर 4-5-6 को स्वर्ण योग और 2-5-8 को रजत योग कहा गया है। हर अंक पर अलग लेख भी है, जिसकी शुरुआत लो शू ग्रिड में अंक 1 से होती है।
अंकों के जोड़: 951, 456, 258 और बाकी
लोग अक्सर किसी रेखा को उसके तीन अंकों से खोजते हैं, जैसे “लो शू ग्रिड में 951” या “4 5 6 गायब”। ऐसा हर जोड़ ऊपर की तालिका की आठ रेखाओं में से एक है: 951 इच्छाशक्ति तल है, 456 स्वर्ण योग, 258 रजत योग, 492 मानसिक तल, 357 भावनात्मक तल, 816 व्यावहारिक तल, 438 विचार तल और 276 कर्म तल। जब किसी रेखा के तीनों अंक गायब हों, तो वह रेखा खाली कहलाती है, और उसे उसके हर गायब अंक के अर्थ से पढ़ा जाता है। लो शू ग्रिड कैलकुलेटर आपके ग्रिड की हर रेखा को पूरा, अधूरा या खाली दिखाता है, और उसमें एक दूसरा उदाहरण भी है जिसमें 1 और 2 तीन-तीन बार आते हैं और दो रेखाएँ खाली हैं।
नमिता मोदी के साथ लो शू रीडिंग में क्या देखा जाता है
कैलकुलेटर ग्रिड बना देता है, पर उसे आपके जीवन के संदर्भ में रखना रीडिंग का काम है। परामर्श में नमिता जी ये बातें देखती हैं:
- ग्रिड, बाकी अंकों के साथ: आपका मूलांक, भाग्यांक और नामांक भी, क्योंकि ग्रिड को कभी अकेले नहीं पढ़ा जाता।
- गायब और बार-बार आए अंक: ये आपकी आदतों के बारे में क्या कहते हैं, और कौन से सरल अभ्यास काम आ सकते हैं।
- तल: कौन सी रेखाएँ पूरी हैं, कौन सी अधूरी और कौन सी बिलकुल खाली, और उनका क्या संकेत है।
- आपका घर: आप चाहें, तो हर गायब अंक से जुड़ी वास्तु दिशा के हिसाब से घर पर भी बात होती है।
- आपके अपने सवाल: करियर, पैसा या रिश्ते, आपके अंकों की रोशनी में।
रीडिंग झुकाव बताती है और व्यावहारिक सुझाव देती है। यह किसी तय घटना की भविष्यवाणी नहीं करती। आपका ग्रिड भी जीवन भर वही रहता है, क्योंकि वह जन्म तिथि से बनता है। किसी साल का समय और उसका रुख़ अलग से, आपके पर्सनल ईयर नंबर से देखा जाता है।
लो शू ग्रिड एक सीधा-सादा औज़ार है: नौ खाने, एक तय बनावट और आपकी जन्म तिथि के अंक। पहले कैलकुलेटर से अपना ग्रिड बनाइए, अपने गायब और बार-बार आए अंक लिख लीजिए, फिर हर अंक का लेख पढ़िए।
ग्रिड आपके बाकी अंकों के साथ ही पढ़ा जाता है। आपके मूलांक और भाग्यांक के अपने पेज हैं, और अंक ज्योतिष चार्ट कैलकुलेटर आपके सारे मुख्य अंक ग्रिड के साथ एक ही पेज पर दिखाता है। अंक ज्योतिष के बाकी अंकों और 1 से 9 तक हर अंक के अर्थ के लिए हमारी अंक ज्योतिष गाइड देखें।
अगर आप चाहते हैं कि आपका ग्रिड आपके बाकी अंकों के साथ मिलाकर पढ़ा जाए, तो नमिता जी से परामर्श का समय लें।
लो शू ग्रिड: आम सवाल
आसान शब्दों में लो शू ग्रिड क्या है?
यह प्राचीन चीन का 1 से 9 तक के अंकों का 3×3 वर्ग है, जिसमें अंक ऐसे रखे गए हैं कि हर पंक्ति, हर स्तंभ और दोनों विकर्णों का जोड़ 15 आता है। अंक ज्योतिष में आपकी जन्म तिथि के अंक इसके खानों में रखे जाते हैं, जिससे आपके मज़बूत, बार-बार आए और गायब अंक दिखते हैं।
मैं अपना लो शू ग्रिड कैसे बनाऊँ?
जन्म तिथि DD-MM-YYYY में लिखें, हर 0 छोड़ दें और हर अंक को उसके तय खाने में रखें; जो अंक दो बार आए, उसे दो बार लिखें। भारतीय पद्धति में मूलांक और भाग्यांक भी जोड़े जाते हैं। लो शू ग्रिड कैलकुलेटर यह सब अपने आप कर देता है।
लो शू ग्रिड में 9-5-1 का क्या मतलब है?
9-5-1 ग्रिड का बीच का स्तंभ है। यह साइट इसे इच्छाशक्ति तल कहती है, जिसे दृढ़ता और लगन का संकेत माना जाता है; कुछ जानकार इसे राज योग कहते हैं। यह तभी पूरा माना जाता है जब 9, 5 और 1 तीनों आपके ग्रिड में हों।
अगर कोई अंक तीन बार आए, जैसे 111, तो इसका क्या अर्थ है?
बार-बार आया अंक अपने गुणों को और वज़न देता है। दो बार आना आम तौर पर ताक़त माना जाता है; तीन या ज़्यादा बार आने पर वह गुण ज़रूरत से ज़्यादा हो सकता है। जैसे अंक 1 के लिए सलाह है कि बातचीत में आप ही हावी न हो जाएँ।
क्या मेरा लो शू ग्रिड जीवन में बदलता है?
नहीं। ग्रिड जन्म तिथि से बनता है, इसलिए वही रहता है। हर साल क्या बदलता है, यह अलग से आपके पर्सनल ईयर नंबर से देखा जाता है।
