रत्न · नवरत्न
नवरत्न: नौ ग्रहों के नौ रत्न
भारतीय ज्योतिष में नौ ग्रहों में से हर एक का एक रत्न है, और ये मिलकर नवरत्न कहलाते हैं। इस पेज पर नौ रत्न उनके ग्रह, हिंदी नाम, अंक, आम तौर पर इस्तेमाल होने वाली उँगली और धातु, और मुख्य उपरत्न के साथ दिए गए हैं, और यह भी समझाया गया है कि रत्न पहले कुंडली देखकर क्यों चुना जाता है।
नौ रत्न एक नज़र में
ग्रह, रत्न, हिंदी नाम, उपरत्न और अंक उसी डेटा से हैं जिससे रत्न कैलकुलेटर चलता है। उँगली और धातु वही हैं जो सबसे आम तौर पर बताई जाती हैं; परंपराएँ अलग हो सकती हैं।
| रत्न | अंग्रेज़ी नाम | ग्रह | अंक | उँगली | धातु | उपरत्न |
|---|---|---|---|---|---|---|
| माणिक्य (माणिक) | रूबी | सूर्य | 1 | अनामिका (रिंग फ़िंगर) | सोना या ताँबा | लाल गार्नेट, लाल स्पिनेल |
| मोती | पर्ल | चंद्र | 2 | कनिष्ठा (छोटी उँगली; कुछ परंपराओं में अनामिका) | चाँदी | मूनस्टोन |
| मूंगा | रेड कोरल | मंगल | 9 | अनामिका (रिंग फ़िंगर) | सोना या ताँबा (कुछ परंपराओं में चाँदी) | कार्नेलियन |
| पन्ना | एमरल्ड | बुध | 5 | कनिष्ठा (छोटी उँगली) | सोना (कुछ परंपराओं में चाँदी) | पेरिडॉट, ग्रीन टूमलाइन |
| पुखराज | यलो सफ़ायर | गुरु | 3 | तर्जनी (पहली उँगली) | सोना | पीला टोपाज़, सिट्रीन |
| हीरा या सफ़ेद पुखराज | डायमंड या व्हाइट सफ़ायर | शुक्र | 6 | मध्यमा (बीच की उँगली; कुछ परंपराओं में अनामिका) | प्लैटिनम, व्हाइट गोल्ड या चाँदी | ओपल, सफ़ेद ज़िरकॉन |
| नीलम | ब्लू सफ़ायर | शनि | 8 | मध्यमा (बीच की उँगली) | चाँदी, प्लैटिनम या पंचधातु (कुछ परंपराओं में सोना) | एमेथिस्ट, आयोलाइट (नीली) |
| गोमेद | हेसोनाइट | राहु | 4 | मध्यमा (बीच की उँगली) | चाँदी या पंचधातु | ऑरेंज ज़िरकॉन |
| लहसुनिया | कैट्स आई | केतु | 7 | मध्यमा (बीच की उँगली; कुछ परंपराओं में कनिष्ठा या अनामिका) | चाँदी या पंचधातु (कुछ परंपराओं में सोना) | टाइगर आई |
नियम: पहले आपकी कुंडली
कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं।
परंपरा में कुछ रत्नों को तेज़ असर वाला माना जाता है: गोमेद (राहु), लहसुनिया (केतु) और नीलम (शनि)। इन्हें खास सावधानी से परखा जाता है और कुंडली की ध्यान से जाँच के बाद ही पहना जाता है।
रत्न कैसे चुना जाता है
अंक ज्योतिष जल्दी से एक शुरुआत देता है: आपके मूलांक और भाग्यांक, दोनों का एक ग्रह है, और हर ग्रह का एक रत्न। रत्न कैलकुलेटर दोनों दिखाता है।
फ़ैसला ज्योतिष से होता है। ज्योतिषी आपकी कुंडली लग्न से पढ़ते हैं: आम तौर पर सबसे पहले लग्नेश का रत्न देखा जाता है, फिर 5वें और 9वें भाव के स्वामियों के रत्न। जो ग्रह सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव के स्वामी हों, उन्हें आम तौर पर बल नहीं दिया जाता, और राहु-केतु उनकी स्थिति से पढ़े जाते हैं।
सिर्फ़ सूर्य राशि या चंद्र राशि से रत्न नहीं चुना जा सकता। एक ही राशि वाले दो लोगों के लिए अलग रत्न ठीक हो सकते हैं, या कोई भी नहीं।
हर रत्न के बारे में पढ़ें
रत्न आम तौर पर कैसे पहना जाता है
रत्न आम तौर पर ऐसे जड़वाया जाता है कि उसका पिछला हिस्सा त्वचा को छुए, उसके ग्रह से जुड़ी धातु में, और काम करने वाले हाथ में, ज़्यादातर दाएँ हाथ में, पहना जाता है।
इसे आम तौर पर पहली बार उसके ग्रह के दिन, शुक्ल पक्ष में पहना जाता है, अँगूठी को कच्चे दूध और गंगाजल में धोकर और ग्रह की छोटी सी प्रार्थना के बाद।
वज़न ज्योतिषी तय करते हैं। अक्सर इसे रत्ती में बताया जाता है: रत्नों के बाज़ार की रत्ती (पक्की रत्ती) लगभग 0.91 कैरेट होती है, जबकि सुनारों की पुरानी रत्ती लगभग 0.61 कैरेट, इसलिए पूछ लें कि कौन सी रत्ती की बात है। ये आम तौर पर बताए जाने वाले तरीके हैं और परंपरा के हिसाब से अलग हो सकते हैं।
रत्न सुरक्षित ढंग से कैसे खरीदें
- किसी स्वतंत्र रत्न जाँच लैब की रिपोर्ट माँगें। उसमें पत्थर का नाम हो, लिखा हो कि वह प्राकृतिक है या लैब में बना, और हीट, भराव या रंगाई जैसे हर ट्रीटमेंट का ज़िक्र हो।
- मिलते-जुलते पत्थर आम हैं: पुखराज के नाम पर टोपाज़ या सिट्रीन, नीलम के नाम पर आयोलाइट या काँच, काँच भरा माणिक, रंगा हुआ मूंगा, लैब में बना हीरा। उपरत्न अपने नाम से बिके तो ठीक है।
- घर की जाँचें भरोसे लायक नहीं हैं और कुछ से पत्थर खराब हो जाता है। रिपोर्ट रत्न के साथ सँभालकर रखें।
क्रिस्टल: सौम्य विकल्प
रोज़ क्वार्ट्ज़, सिट्रीन या एमेथिस्ट जैसे क्रिस्टल किसी ग्रह को बल देने के लिए नहीं पहने जाते। इन्हें किसी इरादे की याद के रूप में घर या काम की जगह पर रखा जाता है या पेंडेंट की तरह पहना जाता है, और जब रत्न की सलाह न हो तब यही आम पसंद हैं।
क्रिस्टल गाइड: बारह लोकप्रिय क्रिस्टल, उनके उपयोग और असली-नकली की पहचान
टूल और लेख
- रत्न कैलकुलेटर: आपके मूलांक और भाग्यांक के रत्न
- जन्म कुंडली कैलकुलेटर: आपका लग्न और ग्रह
- लग्न कैलकुलेटर
- मुझे कौन सा रत्न पहनना चाहिए? दोनों तरीके
- मूलांक 1 से 9: अर्थ
- लाल किताब के उपाय
- क्रिस्टल गाइड: अर्थ, उपयोग और पहचान
- नमिता जी के साथ क्रिस्टल और रत्न
नवरत्न से जुड़े सवाल
नवरत्न क्या है?
नवरत्न का अर्थ है "नौ रत्न"। ये नौ ग्रहों के नौ रत्न हैं: माणिक्य (माणिक) (सूर्य), मोती (चंद्र), मूंगा (मंगल), पन्ना (बुध), पुखराज (गुरु), हीरा या सफ़ेद पुखराज (शुक्र), नीलम (शनि), गोमेद (राहु) और लहसुनिया (केतु)। हर रत्न एक ग्रह से जुड़ा है।
क्या नौ रत्नों वाली नवरत्न अँगूठी या पेंडेंट पहन सकते हैं?
नवरत्न अँगूठी या पेंडेंट में नौ रत्न एक तय क्रम में जड़े जाते हैं, आम तौर पर बीच में माणिक्य। कुछ ज्योतिषी इसे संतुलित गहना मानते हैं जिसे कोई भी पहन सकता है, जबकि कुछ कुंडली देखे बिना तेज़ असर वाले रत्न पहनने से मना करते हैं। पहनने से पहले पूछ लें।
मेरे मूलांक के लिए कौन सा रत्न है?
1 से 9 तक हर अंक का एक ग्रह और एक रत्न है। रत्न कैलकुलेटर आपके मूलांक और भाग्यांक के रत्न दिखाता है। इसे शुरुआत मानें: रत्न आपकी कुंडली देखकर चुना जाता है।
क्या दो या ज़्यादा रत्न साथ पहन सकते हैं?
सिर्फ़ कुंडली देखने के बाद। जिन रत्नों के ग्रह आपस में मित्र नहीं माने जाते, जैसे माणिक्य और नीलम, वे आम तौर पर साथ नहीं पहने जाते। हर रत्न के पेज पर लिखा है कि उसके साथ आम तौर पर कौन से रत्न नहीं पहने जाते।
क्या रत्न मेरी परेशानियाँ दूर कर देगा?
कोई भी रत्न नतीजे का वादा नहीं कर सकता। रत्न एक परंपरा का हिस्सा हैं, दवा या आर्थिक सलाह नहीं। सेहत के लिए डॉक्टर से और पैसों के मामलों में किसी योग्य सलाहकार से मिलें।
क्या नमिता जी रत्न बेचती हैं?
नमिता जी क्रिस्टल और रत्नों पर सलाह देती हैं और उन्हें बेचती भी हैं, और रत्न सिर्फ़ आपकी कुंडली देखने के बाद सुझाती हैं। अभी क्या उपलब्ध है, WhatsApp पर पूछ लें; क्रिस्टल और रत्न वाला पेज भी देखें।