संकष्टी चतुर्थी 2026
संकष्टी चतुर्थी 2026 और 2027: तारीखें और चंद्रोदय का समय
संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश के लिए कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को रखी जाती है, महीने में एक बार। व्रत चंद्रोदय के बाद खोला जाता है, इसलिए चंद्रोदय का समय सबसे ज़रूरी है। मंगलवार की संकष्टी अंगारकी कहलाती है; उत्तर भारत के माघ महीने की संकष्टी सकट चौथ है, और कार्तिक की करवा चौथ। यहाँ 2026 और 2027 की हर संकष्टी चतुर्थी है, नागपुर में चंद्रोदय के समय के साथ।
अगली संकष्टी: वक्रतुंड संकष्टी (करवा चौथ), गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026। चंद्रोदय: 8:24 pm।
संकष्टी चतुर्थी 2026 की तारीखें
| संकष्टी | दिन | चंद्रोदय (नागपुर) | तिथि शुरू (IST) | तिथि समाप्त (IST) |
|---|---|---|---|---|
| लंबोदर संकष्टी सकट चौथ (तिल चौथ), अंगारकी संकष्टी पौष कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में माघ | मंगलवार, 6 जनवरी 2026 | 8:55 pm | 6 जनवरी, 8:02 am | 7 जनवरी, 6:53 am |
| द्विजप्रिय संकष्टी माघ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में फाल्गुन | गुरुवार, 5 फ़रवरी 2026 | 9:25 pm | 5 फ़रवरी, 12:10 am | 6 फ़रवरी, 12:22 am |
| भालचंद्र संकष्टी फाल्गुन कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में चैत्र | शुक्रवार, 6 मार्च 2026 | 8:57 pm | 6 मार्च, 5:54 pm | 7 मार्च, 7:18 pm |
| विकट संकष्टी चैत्र कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में वैशाख | रविवार, 5 अप्रैल 2026 | 9:28 pm | 5 अप्रैल, 12:00 pm | 6 अप्रैल, 2:11 pm |
| एकदंत संकष्टी अंगारकी संकष्टी वैशाख कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में ज्येष्ठ | मंगलवार, 5 मई 2026 | 10:01 pm | 5 मई, 5:25 am | 6 मई, 7:52 am |
| विभुवन संकष्टी अधिक ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में अधिक ज्येष्ठ | बुधवार, 3 जून 2026 | 9:33 pm | 3 जून, 9:22 pm | 4 जून, 11:31 pm |
| कृष्णपिंगल संकष्टी ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ | शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 | 9:31 pm | 3 जुलाई, 11:21 am | 4 जुलाई, 12:40 pm |
| गजानन संकष्टी आषाढ़ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में श्रावण | रविवार, 2 अगस्त 2026 | 9:13 pm | 1 अगस्त, 11:08 pm | 2 अगस्त, 11:16 pm |
| हेरंब संकष्टी बहुला चतुर्थी श्रावण कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में भाद्रपद | सोमवार, 31 अगस्त 2026 | 8:25 pm | 31 अगस्त, 8:52 am | 1 सितंबर, 7:43 am |
| विघ्नराज संकष्टी अंगारकी संकष्टी भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आश्विन | मंगलवार, 29 सितंबर 2026 | 7:46 pm | 29 सितंबर, 5:11 pm | 30 सितंबर, 2:56 pm |
| वक्रतुंड संकष्टी करवा चौथ आश्विन कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में कार्तिक | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | 8:24 pm | 29 अक्टूबर, 1:07 am | 29 अक्टूबर, 10:10 pm |
| गणाधिप संकष्टी कार्तिक कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में मार्गशीर्ष | शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 | 8:23 pm | 27 नवंबर, 9:49 am | 28 नवंबर, 6:40 am |
| आखुरथ संकष्टी मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में पौष | शनिवार, 26 दिसंबर 2026 | 8:19 pm | 26 दिसंबर, 8:06 pm | 27 दिसंबर, 5:14 pm |
संकष्टी चतुर्थी 2027 की तारीखें
| संकष्टी | दिन | चंद्रोदय (नागपुर) | तिथि शुरू (IST) | तिथि समाप्त (IST) |
|---|---|---|---|---|
| लंबोदर संकष्टी सकट चौथ (तिल चौथ) पौष कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में माघ | सोमवार, 25 जनवरी 2027 | 9:06 pm | 25 जनवरी, 8:11 am | 26 जनवरी, 6:01 am |
| द्विजप्रिय संकष्टी माघ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में फाल्गुन | बुधवार, 24 फ़रवरी 2027 | 9:41 pm | 23 फ़रवरी, 9:49 pm | 24 फ़रवरी, 8:40 pm |
| भालचंद्र संकष्टी फाल्गुन कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में चैत्र | गुरुवार, 25 मार्च 2027 | 9:21 pm | 25 मार्च, 12:38 pm | 26 मार्च, 12:44 pm |
| विकट संकष्टी चैत्र कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में वैशाख | शनिवार, 24 अप्रैल 2027 | 9:59 pm | 24 अप्रैल, 4:21 am | 25 अप्रैल, 5:42 am |
| एकदंत संकष्टी वैशाख कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में ज्येष्ठ | रविवार, 23 मई 2027 | 9:32 pm | 23 मई, 8:42 pm | 24 मई, 10:59 pm |
| कृष्णपिंगल संकष्टी अंगारकी संकष्टी ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आषाढ़ | मंगलवार, 22 जून 2027 | 9:33 pm | 22 जून, 1:08 pm | 23 जून, 3:43 pm |
| गजानन संकष्टी आषाढ़ कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में श्रावण | गुरुवार, 22 जुलाई 2027 | 9:13 pm | 22 जुलाई, 4:47 am | 23 जुलाई, 6:56 am |
| हेरंब संकष्टी बहुला चतुर्थी श्रावण कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में भाद्रपद | शुक्रवार, 20 अगस्त 2027 | 8:18 pm | 20 अगस्त, 6:54 pm | 21 अगस्त, 8:05 pm |
| विघ्नराज संकष्टी भाद्रपद कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में आश्विन | रविवार, 19 सितंबर 2027 | 8:09 pm | 19 सितंबर, 7:10 am | 20 सितंबर, 7:09 am |
| वक्रतुंड संकष्टी करवा चौथ आश्विन कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में कार्तिक | सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 | 7:40 pm | 18 अक्टूबर, 5:52 pm | 19 अक्टूबर, 4:42 pm |
| गणाधिप संकष्टी कार्तिक कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में मार्गशीर्ष | बुधवार, 17 नवंबर 2027 | 8:32 pm | 17 नवंबर, 3:42 am | 18 नवंबर, 1:35 am |
| आखुरथ संकष्टी मार्गशीर्ष कृष्ण पक्ष (अमांत); उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में पौष | गुरुवार, 16 दिसंबर 2027 | 8:30 pm | 16 दिसंबर, 1:22 pm | 17 दिसंबर, 10:35 am |
तिथि का समय IST में है और पूरे भारत के लिए सही है। व्रत का दिन और दिया गया समय नागपुर के सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय से निकाला गया है। गणना सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से की गई है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश); महीने अमांत हैं, और कृष्ण पक्ष के व्रत के साथ वह महीना भी लिखा है जो उत्तर भारत के (पूर्णिमांत) कैलेंडर में आता है।
संकष्टी आम तौर पर कैसे रखी जाती है
- बहुत से लोग सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखते हैं; कुछ लोग फल, दूध या साबूदाना लेते हैं, तो कुछ कड़ा व्रत रखते हैं।
- शाम को दूर्वा, लाल फूल और मोदक या तिल के लड्डू से गणेश पूजा, और उस महीने की संकष्टी कथा।
- चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को जल (अर्घ्य) देकर व्रत खोला जाता है। बादल हों तो बहुत से लोग पंचांग के चंद्रोदय के समय पर व्रत खोलते हैं।
- अंगारकी संकष्टी (मंगलवार) को बहुत से परिवार खास ध्यान से रखते हैं, और सकट चौथ आम तौर पर माँएँ अपने बच्चों के लिए रखती हैं।
व्रत हर किसी के लिए ठीक नहीं होता। अगर आप गर्भवती हैं, बुज़ुर्ग हैं, आपको डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर या कोई और बीमारी है, या आप रोज़ दवा लेते हैं, तो व्रत से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें। फल और दूध वाला हल्का व्रत, या बस पूजा करना भी इस दिन को मानने का एक आम तरीका है।
तारीखें कैसे निकाली गई हैं
संकष्टी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है: चंद्रमा सूर्य से 216° से 228° आगे। इसके शुरू और खत्म होने का समय सूर्य और चंद्रमा की स्थिति से निकलता है।
व्रत उस दिन होता है जिस दिन नागपुर में चंद्रोदय के समय चतुर्थी चल रही हो। अगर दो दिन चंद्रोदय पर चतुर्थी हो, तो पहला दिन; किसी भी दिन न हो, तो वह दिन जिसके सूर्योदय पर चतुर्थी हो।
चंद्रोदय वह पल है जब चंद्रमा का ऊपरी किनारा क्षितिज पर आता है, वायुमंडल के सामान्य अपवर्तन के साथ, ठीक चंद्रोदय वाले पेज की तरह। कुछ पंचांग चंद्रोदय कुछ मिनट बाद देते हैं। दूसरे शहर में चंद्रोदय कई मिनट पहले या बाद में हो सकता है; अपने शहर के लिए चंद्रोदय वाला पेज देखें।
आपके परिवार या मंदिर का पंचांग कोई और नियम या कोई और शहर मान सकता है; जिस पर आपका भरोसा है, उसी को मानें।
दूसरे व्रतों की तारीखें
इनसे जुड़े टूल
संकष्टी चतुर्थी के बारे में सवाल
संकष्टी चतुर्थी कब है?
इस पेज में सबसे ऊपर अगली संकष्टी दी गई है, और तालिकाओं में इस साल और अगले साल की हर संकष्टी है: चंद्रोदय का समय और चतुर्थी का समय। अभी चल रही या अगली संकष्टी अलग रंग में दिखती है।
संकष्टी पर चाँद कितने बजे निकलेगा?
तालिका में नागपुर का चंद्रोदय दिया है। चंद्रोदय हर शहर में अलग होता है, पूरे भारत में अक्सर 10 से 30 मिनट तक का फ़र्क, इसलिए दूसरे शहर के लिए चंद्रोदय वाला पेज देखें, जो आपके शहर का समय निकालता है।
अंगारकी संकष्टी क्या है?
मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी (मंगल को अंगारक भी कहते हैं)। बहुत से लोग इसे खास ध्यान से रखते हैं। तालिका में यह अलग से लिखी है।
संकष्टी और विनायक चतुर्थी में क्या फ़र्क है?
दोनों गणेश जी के लिए हैं। संकष्टी कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है और इसका व्रत चंद्रोदय पर खुलता है; विनायक चतुर्थी शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है और इसकी पूजा दोपहर में होती है।
क्या सकट चौथ और करवा चौथ भी संकष्टी हैं?
हाँ। उत्तर भारत के महीनों के हिसाब से सकट चौथ (तिल चौथ) माघ की संकष्टी है और करवा चौथ कार्तिक की। दोनों हर संकष्टी की तरह चंद्रोदय तक रखी जाती हैं।