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भृगु नंदी नाड़ी (BNN) ज्योतिष क्या है?

लेखक: नमिता मोदीअपडेट:

भृगु नंदी नाड़ी, जिसे छोटे में BNN कहते हैं, जन्म कुंडली पढ़ने का एक तरीक़ा है। आम कुंडली रीडिंग भाव-दर-भाव चलती है, जबकि BNN रीडिंग ग्रहों से शुरू होती है और देखती है कि वे आपस में कैसे जुड़े हैं। यह लेख इस विचार को आसान भाषा में समझाता है: यह पाराशरी कुंडली रीडिंग से कैसे अलग है, और एक परामर्श में क्या होता है।

एक नज़र में: BNN (भृगु नंदी नाड़ी) आपकी जन्म कुंडली को ग्रहों और उनके आपसी जुड़ाव से पढ़ता है, जैसे एक ही राशि में बैठे ग्रह, या एक-दूसरे से 2, 5, 7, 9 या 12 राशि की दूरी पर बैठे ग्रह। कुंडली (पाराशरी) रीडिंग इसके बजाय लग्न और बारह भावों से शुरू होती है। दोनों एक ही कुंडली पढ़ते हैं, और रीडिंग किसी सवाल पर सोचने में मदद करती है; वह नतीजों का वादा नहीं करती।

यह इस तरीक़े का सामान्य परिचय है। अलग-अलग ज्योतिषी अलग ढंग से काम करते हैं, इसलिए इसे परिचय की तरह पढ़ें, नियमों की किताब की तरह नहीं।

BNN का पूरा नाम क्या है?

BNN का पूरा नाम है भृगु नंदी नाड़ी। नाम में महर्षि भृगु हैं, जिन्हें भारतीय ज्योतिष परंपरा बहुत आदर से याद करती है, और नंदी हैं, और यह ज्योतिष के नाड़ी परिवार से जुड़ा है। इस परंपरा में कुंडली को एक-एक बात अलग करके नहीं, बल्कि इस नज़र से पढ़ा जाता है कि सारे ग्रह मिलकर कौन-सी कहानी कहते हैं।

BNN का तरीक़ा, जैसा आज सिखाया जाता है, मुख्य रूप से बीसवीं सदी के ज्योतिषी आर. जी. राव (R. G. Rao) के लेखन से सामने आया। नाड़ी ग्रंथों को परंपरा प्राचीन ऋषियों से जोड़ती है, पर उनकी सही उम्र किसी को पता नहीं, इसलिए भृगु और नंदी से इसका रिश्ता परंपरा के रूप में ही समझना ठीक है।

BNN रीडिंग आपकी कुंडली को कैसे देखती है

BNN रीडिंग आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों से शुरू होती है और हर ग्रह से दो सीधे सवाल पूछती है:

  • यह ग्रह किस बात का कारक है? हर ग्रह कुछ विषयों से जुड़ा माना जाता है। जैसे परंपरा गुरु को ज्ञान और मार्गदर्शन से, शुक्र को रिश्तों और सुख-सुविधा से, और शनि को काम, धीरज और देरी से जोड़ती है।
  • यह किन ग्रहों से जुड़ा है? दो ग्रह एक ही राशि में हो सकते हैं, आमने-सामने हो सकते हैं (7 राशि की दूरी पर), या एक-दूसरे से किसी तय जगह पर, जैसे ठीक अगली या पिछली राशि में (दूसरी और बारहवीं) या त्रिकोण में (पाँचवीं और नौवीं)। BNN में इन जुड़ावों से पढ़ा जाता है कि ग्रह किसी विषय पर मिलकर कैसे काम करते हैं।

BNN के बहुत-से जानकार समय देखने के लिए धीमी चाल वाले ग्रहों, ख़ासकर गुरु और शनि, पर भी नज़र रखते हैं: जब वे आपकी जन्म कुंडली के ग्रहों के ऊपर से गुज़रते हैं या उनसे जुड़ते हैं।

काम, विवाह या घर बदलने जैसे सवाल पर ज्योतिषी उस विषय से जुड़े ग्रह देखते हैं, और यह कि आपकी कुंडली में वे आपस में कैसे जुड़े हैं।

BNN और कुंडली (पाराशरी) रीडिंग

दोनों एक ही जन्म कुंडली पढ़ते हैं। ज़्यादातर फ़र्क़ इसमें है कि शुरुआत कहाँ से होती है।

कुंडली रीडिंग (पाराशरी) BNN रीडिंग
शुरुआत लग्न, बारह भाव और उनके स्वामी ग्रह और उनका आपसी जुड़ाव
आम तौर पर क्या पढ़ती है कुंडली भाव-दर-भाव आपके सवाल में हर ग्रह किस बात का कारक है
समय मुख्य रूप से चल रही दशा (ग्रहों की अवधि) अक्सर आपके जन्म के ग्रहों पर गुरु और शनि का गोचर
किसके लिए अच्छी कुंडली की पूरी तस्वीर एक साफ़ सवाल से शुरुआत

बहुत-से लोगों को एक ही कुंडली के दोनों नज़रिये सुनना काम का लगता है। भावों वाले तरीक़े के लिए कुंडली और ज्योतिष परामर्श देखें।

नमिता जी के साथ परामर्श में क्या होता है

नमिता जी पूरे भारत में वीडियो कॉल पर BNN परामर्श देती हैं, बुकिंग WhatsApp पर होती है, और जब परामर्श के लिए ज़रूरी हो, तो वे आमने-सामने भी मिलती हैं। एक परामर्श आम तौर पर ऐसे चलता है:

  1. आप जानकारी भेजते हैं। WhatsApp पर पूरा नाम, जन्मतिथि, जन्म का समय, जन्म स्थान और अपना सवाल।
  2. कुंडली तैयार होती है। बात से पहले आपकी जन्म कुंडली बना ली जाती है।
  3. आप बात करते हैं। नमिता जी आसान शब्दों में बताती हैं कि आपके सवाल पर कुंडली क्या दिखाती है, और संस्कृत के शब्द साथ-साथ समझाती चलती हैं।
  4. आप तय करते हैं। आप ज़्यादा साफ़ तस्वीर लेकर लौटते हैं। फ़ैसले आपके ही रहते हैं।

रीडिंग क्या है और क्या नहीं

BNN रीडिंग अपनी कुंडली को देखने का एक तरीक़ा है, ताकि आप किसी सवाल पर ठीक से सोच सकें। यह नतीजों का वादा नहीं करती, घटनाओं को पक्के तौर पर नहीं बताती, और डॉक्टर, वकील या वित्तीय सलाहकार की सलाह की जगह नहीं लेती।

तैयारी कैसे करें

  • अपनी जन्मतिथि, जन्म का समय और जन्म स्थान तैयार रखें। समय के लिए जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल का रिकॉर्ड सबसे भरोसेमंद है।
  • अपना सवाल एक-दो पंक्तियों में लिख लें। सवाल साफ़ हो, तो रीडिंग ज़्यादा काम की होती है।
  • जन्म का समय पता न हो, तो बुक करते समय बता दें।
  • चाहें तो पहले मूलांक और भाग्यांक कैलकुलेटर से अपने मुख्य अंक निकाल लें।

बुक करना चाहते हैं? देखें नागपुर में BNN ज्योतिष, या WhatsApp पर अपनी जन्म की जानकारी भेजें।

BNN ज्योतिष पर सवाल

BNN का पूरा नाम क्या है?

BNN का पूरा नाम भृगु नंदी नाड़ी है। यह जन्म कुंडली पढ़ने का एक तरीक़ा है जिसका नाम महर्षि भृगु और नंदी पर रखा गया है, और यह भारतीय ज्योतिष की नाड़ी परंपरा का हिस्सा माना जाता है।

क्या BNN और ताड़पत्र वाली नाड़ी ज्योतिष एक ही चीज़ हैं?

नहीं। भृगु नंदी नाड़ी का नाम नाड़ी परंपरा से आया है, पर BNN रीडिंग आपकी जन्म कुंडली से होती है, ताड़पत्र से नहीं। दोनों अलग विधाएँ हैं, इसलिए पूछ लें कि ज्योतिषी किसकी बात कर रहे हैं।

क्या BNN के लिए जन्म का सटीक समय चाहिए?

जो समय आपके पास है, वह भेजें; सबसे अच्छा जन्म प्रमाणपत्र या अस्पताल के रिकॉर्ड वाला समय है। अगर समय पक्का न हो, तो जानकारी भेजते समय यह बता दें, ताकि रीडिंग से पहले ही यह बात सामने रहे।

क्या BNN बता सकता है कि मेरे साथ क्या होगा?

कोई भी रीडिंग नतीजों का वादा नहीं कर सकती। BNN यह देखने का तरीक़ा है कि आपके सवाल पर आपकी कुंडली क्या दिखाती है, ताकि आप उस पर ठीक से सोच सकें। फ़ैसले आपके ही रहते हैं।

क्या BNN को अंक ज्योतिष के साथ जोड़ा जा सकता है?

हाँ। BNN आपकी जन्म कुंडली से चलता है और अंक ज्योतिष आपके नाम और जन्मतिथि से, यानी दोनों की जानकारी अलग है। आप कहें, तो नमिता जी आपका सवाल दोनों तरफ़ से देखती हैं।

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