लो शू ग्रिड में अंक 1 शुरुआत करने, आगे बढ़कर नेतृत्व करने और अपनी बात खुलकर कहने का अंक है। लो शू ग्रिड 3×3 का एक वर्ग है, जिसकी हर पंक्ति, हर स्तंभ और हर विकर्ण का जोड़ 15 होता है। 1 से 9 तक हर अंक का खाना तय है:
| 4 | 9 | 2 |
|---|---|---|
| 3 | 5 | 7 |
| 8 | 1 | 6 |
अंक 1 नीचे की पंक्ति के बीच वाले खाने में आता है। ग्रिड में यह खाना उत्तर दिशा का है, और भारतीय अंक ज्योतिष में 1 का ग्रह सूर्य है।
सार: आपके ग्रिड में 1 है, तो आम तौर पर आप अपनी बात रख लेते हैं और पहल कर लेते हैं। दो 1 हों तो यह गुण मज़बूत होता है। तीन या ज़्यादा 1 हों तो आप सुनने से ज़्यादा बोल सकते हैं। और 1 न हो, तो अपनी बात कहने में झिझक दिख सकती है।
ग्रिड में अंक 1 की जगह
| पहलू | अंक 1 |
|---|---|
| खाना | नीचे की पंक्ति में बीच का खाना |
| दिशा | उत्तर |
| ग्रह | सूर्य |
| तत्व | जल। लो शू के बागुआ में 1 का त्रिग्राम खान (Kan) है, जो उत्तर का जल त्रिग्राम है |
| तल | व्यावहारिक तल (8-1-6) और इच्छाशक्ति तल (9-5-1)। अंक 1 किसी विकर्ण पर नहीं है |
| सामने का अंक | 9, बीच के ठीक पार: 1 + 5 + 9 = 15, और 1 + 9 = 10 |
अंक 1 दो तलों पर है, इसलिए 1 गायब हो तो न व्यावहारिक तल पूरा हो सकता है, न इच्छाशक्ति तल। इसका तत्व जल है, लकड़ी नहीं। लकड़ी 3 और 4 का तत्व है।
आपके ग्रिड में 1: एक बार, कई बार या गायब
ग्रिड में 1 कितनी बार है, इससे उसका अर्थ बदल जाता है:
| 1 कितनी बार है | आम तौर पर इसका क्या अर्थ लिया जाता है |
|---|---|
| गायब | अपनी बात कहने में झिझक दिख सकती है। रोज़ की छोटी-छोटी बातचीत में अपनी राय रखने का अभ्यास करें। |
| एक बार | संतुलित 1: ज़रूरत पड़ने पर आप अपनी राय रख देते हैं और काम शुरू कर लेते हैं। |
| दो बार | अपनी बात रखने की क्षमता मज़बूत होती है। आप आम तौर पर अपनी बात साफ़ समझा लेते हैं। |
| तीन या ज़्यादा बार | बोलने की ताक़त बहुत होती है। ध्यान रखें कि बातचीत पर आप ही हावी न हो जाएँ। |
| केवल मूलांक या भाग्यांक से | भारतीय पद्धति में 1 जन्म तिथि के अंकों से नहीं, आपके मूलांक या भाग्यांक से भी आ सकता है। तब भी वह गिना जाता है। |
| ख़ूबियाँ | पहल, आत्मविश्वास और फ़ैसला लेने की क्षमता। |
| किन बातों का ध्यान रखें | अधीरता, और हर काम अकेले करने की ज़िद। |
ये अर्थ वही हैं जो लो शू ग्रिड कैलकुलेटर दिखाता है। वह आपकी जन्म तिथि से बने ग्रिड में हर गायब और बार-बार आए अंक को अलग से बताता है।
उदाहरण: एक ग्रिड में 1 गिनना
रोहन की जन्म तिथि 11-01-1991 है। भारतीय पद्धति से उसका ग्रिड ऐसे बनता है:
- अंक: 1, 1, 0, 1, 1, 9, 9, 1। 0 छोड़ दिया जाता है।
- मूलांक: 1 + 1 = 2।
- भाग्यांक: 1 + 1 + 0 + 1 + 1 + 9 + 9 + 1 = 23, और 2 + 3 = 5।
- ग्रिड: 1 पाँच बार, 9 दो बार, और 2 व 5 एक-एक बार।
- गायब अंक: 3, 4, 6, 7 और 8।
- तल: इच्छाशक्ति तल (9-5-1) पूरा है। विचार तल (4-3-8) पूरी तरह खाली है।
पाँच बार 1 होने से रोहन “तीन या ज़्यादा बार” वाली पंक्ति में आता है: अपनी बात रखना उसकी साफ़ ख़ूबी है, और सलाह यह है कि बातचीत में दूसरों को भी बोलने की जगह दे। पुरानी पद्धति में, जहाँ केवल जन्म तिथि के अंक गिने जाते हैं, उसके ग्रिड से 2 और 5 भी गायब होते और कोई तल पूरा नहीं होता।
रिश्तों में अंक 1 और किससे मेल
जिनके ग्रिड में 1 है, वे रिश्ते में अपनी चाहत साफ़ कह देते हैं और फ़ैसले लेना उन्हें अच्छा लगता है। ग्रिड में कई 1 हों, तो सीखने की बात यह है कि सामने वाले को ध्यान से सुनें और फ़ैसले मिलकर लें।
इस साइट पर मेल (अनुकूलता) लो शू ग्रिड से नहीं देखा जाता। यह आपके मूलांक और भाग्यांक से, उनके ग्रहों की पारंपरिक मित्रता के आधार पर देखा जाता है। अगर 1 आपका मूलांक या भाग्यांक है, तो तस्वीर ऐसी है:
| जब 1 आपका मूलांक या भाग्यांक हो | अंक |
|---|---|
| अच्छा या बहुत अच्छा मेल | 1, 2, 3, 5 और 9 |
| कम सहज मेल | 4, 6, 7 और 8 |
कम सहज मेल का अर्थ ख़राब जोड़ी नहीं है। बस इतना कि दोनों को एक-दूसरे को समझने में थोड़ी ज़्यादा मेहनत करनी होगी। दो जन्म तिथियों का मिलान अंक ज्योतिष मिलान कैलकुलेटर से किया जा सकता है।
अंक 1 गायब हो तो उपाय
ये आम तौर पर सुझाए जाने वाले अभ्यास हैं। इन्हें आदत की तरह आज़माएँ, किसी नतीजे के वादे की तरह नहीं:
- आदत बनाएँ: रोज़ की छोटी बातचीत में बोलें, जैसे घर की किसी चर्चा में अपनी राय देना या दफ़्तर में सवाल पूछना।
- उत्तर दिशा सँभालें: वास्तु के हिसाब से घर का उत्तर भाग खुला, साफ़ और कम सामान वाला रखें।
- छोटे काम की शुरुआत ख़ुद करें: दूसरों की राह देखने के बजाय रोज़ कम से कम एक छोटे काम में पहला कदम आप उठाएँ।
- रत्न केवल कुंडली देखकर: कुछ अंक ज्योतिषी सूर्य का रत्न माणिक्य (माणिक) सुझाते हैं। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, इसलिए इसे कुंडली की जाँच के बाद ही पहनें। घर या दफ़्तर में रखने के लिए सनस्टोन या सिट्रीन जैसे क्रिस्टल हल्का विकल्प हैं। रत्न चुनने के बारे में और जानकारी कौन सा रत्न पहनें में है।
1 से 9 तक हर अंक के लिए पढ़ें: लो शू ग्रिड के गायब अंक और उनके उपाय।
लो शू ग्रिड में अंक 1: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
लो शू ग्रिड में अंक 1 किस बात का प्रतीक है?
अंक 1 पहल, नेतृत्व और अपनी बात साफ़ कहने का अंक है। इसका ग्रह सूर्य है, और यह लो शू ग्रिड में नीचे बीच वाले खाने में आता है, जो उत्तर दिशा से जुड़ा है। ग्रिड में 1 होने का अर्थ यह लगाया जाता है कि बोलना और काम की शुरुआत करना आपको सहज लगता है।
जिनके ग्रिड में अंक 1 हो, उनका स्वभाव कैसा होता है?
ऐसे लोगों को अक्सर अपने मन की बात कहना और पहला कदम उठाना आसान लगता है। दो बार 1 हो तो यह गुण आम तौर पर काफ़ी मज़बूत होता है। तीन या उससे ज़्यादा बार हो तो सलाह यही दी जाती है कि जितना बोलें, उतना सुनें भी। ये झुकाव हैं जिन्हें सँवारा जा सकता है, पत्थर की लकीर नहीं।
अंक 1 वाले लोग अपनी महत्वाकांक्षा और जीवन के बाकी हिस्सों में संतुलन कैसे रखें?
अंक 1 को आगे रहना और काम अकेले निपटाना पसंद है, इसलिए संतुलन ज़िम्मेदारी बाँटने से आता है। फ़ैसले से पहले दूसरों की राय लें, परिवार और आराम के लिए समय तय रखें, और ऐसे लक्ष्य बनाएँ जिनमें दूसरों के योगदान की भी जगह हो।
क्या अंक 1 का असर समय के साथ बदल सकता है?
आपका लो शू ग्रिड जन्म तिथि से बनता है, इसलिए उसमें 1 कितनी बार है, यह कभी नहीं बदलता। बदलता है यह कि आप इसके गुणों को कैसे बरतते हैं। गायब 1 को अभ्यास से विकसित किया जा सकता है, और बहुत सारे 1 को ज़्यादा सुनने की आदत से संतुलित।
निष्कर्ष
अंक 1 लो शू ग्रिड में नीचे बीच वाले खाने में, यानी उत्तर दिशा में है, और इसका ग्रह सूर्य है। एक या दो 1 को अपनी बात ठीक से कह पाने का संकेत माना जाता है, तीन या ज़्यादा 1 को ऐसी दमदार आवाज़ का, जिसे सुनना भी सीखना है, और गायब 1 को ऐसे गुण का, जो अभ्यास से आता है।
अपना ग्रिड बनाइए, उसमें 1 गिनिए और ऊपर की तालिका में अपनी पंक्ति पढ़िए। ग्रिड आपके अंकों का सिर्फ़ एक हिस्सा है, इसलिए इसे अपने मूलांक और भाग्यांक के साथ मिलाकर पढ़ें।
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यह भी पढ़ें: मूलांक 1, उन लोगों के लिए जिनका जन्म किसी महीने की 1, 10, 19 या 28 तारीख़ को हुआ हो।
