लो शू ग्रिड में गायब अंक वह खाना है जो जन्म तिथि के अंक रखने के बाद भी ख़ाली रह जाता है। भारतीय अंक ज्योतिष में हर ख़ाली खाना ऐसे गुण की ओर इशारा करता है जिसे मेहनत से विकसित करना पड़ सकता है, और हर खाना एक ग्रह, एक तत्व और घर की एक दिशा से भी जुड़ा है। इस लेख में 1 से 9 तक हर गायब अंक का अर्थ, उसके लिए परंपरा से सुझाया जाने वाला सरल उपाय, और बार-बार आने वाले अंकों को पढ़ने का तरीका दिया गया है।
सार: गायब अंक कोई बुरा संकेत नहीं, बल्कि विकसित करने लायक एक गुण है। आम उपाय है रोज़ की एक सीधी आदत और घर की एक दिशा की देखभाल। इसके लिए कुछ ख़रीदना ज़रूरी नहीं है।
अपने गायब अंक कुछ ही सेकंड में जानने के लिए मुफ़्त लो शू ग्रिड कैलकुलेटर का इस्तेमाल करें। यह आपका ग्रिड, गायब और बार-बार आए अंक, और पूरे हुए तल दिखाता है।
अपने गायब अंक कैसे निकालें
इस साइट पर लो शू ग्रिड हमेशा इसी क्रम में बनता है: ऊपर 4-9-2, बीच में 3-5-7 और नीचे 8-1-6। अंक इस तरह रखे जाते हैं (भारतीय पद्धति):
- जन्म तिथि पूरी, दिन-महीना-वर्ष (DD-MM-YYYY) के क्रम में लिखें और उसका हर अंक अलग करें।
- हर 0 छोड़ दें। ग्रिड में शून्य का कोई खाना नहीं है।
- मूलांक जोड़ें, यानी जन्म का दिन जोड़कर एक अंक तक लाया गया, और भाग्यांक, यानी पूरी जन्म तिथि के अंकों का जोड़, एक अंक तक लाया गया।
- हर अंक उसके खाने में लिखें। कोई अंक दो बार आए, तो दो बार लिखें।
- जो खाना फिर भी ख़ाली रहे, वही गायब अंक है। 0 को कभी गायब नहीं गिना जाता।
उदाहरण: अनन्या की जन्म तिथि 14-07-1992 है। अंक हैं 1, 4, 0, 7, 1, 9, 9, 2, जिनमें से 0 छूट जाता है। उसका मूलांक 1 + 4 = 5 है, और भाग्यांक 1 + 4 + 0 + 7 + 1 + 9 + 9 + 2 = 33, यानी 3 + 3 = 6। ग्रिड में रखने पर ये ऐसे दिखते हैं:
| 4 | 99 | 2 |
|---|---|---|
| गायब | 5 | 7 |
| गायब | 11 | 6 |
अनन्या के गायब अंक 3 और 8 हैं, और 1 व 9 दो-दो बार आए हैं। पुरानी पद्धति में, जहाँ केवल जन्म तिथि के अंक लिए जाते हैं, उसके ग्रिड से 5 और 6 भी गायब होते, क्योंकि तब मूलांक 5 और भाग्यांक 6 नहीं जुड़ते। कैलकुलेटर में दोनों पद्धतियों के बीच बदला जा सकता है।
1 से 9 तक गायब अंक, एक नज़र में
नीचे की तालिका में हर गायब अंक का आम तौर पर लिया जाने वाला अर्थ, एक सीधी आदत और पारंपरिक वास्तु उपाय एक साथ दिए गए हैं, उस अंक से जुड़ी दिशा, रंग और ग्रह के साथ।
| गायब अंक | इसका क्या अर्थ हो सकता है | सरल उपाय | दिशा | रंग | ग्रह |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | अपनी बात कहने में झिझक दिख सकती है। | रोज़ की छोटी बातचीत में अपनी राय रखने का अभ्यास करें। वास्तु के हिसाब से घर का उत्तर भाग खुला और साफ़ रखें। | उत्तर | सुनहरा, नारंगी | सूर्य |
| 2 | धैर्य रखना और दूसरों की भावनाएँ समझना कठिन हो सकता है। | प्रतिक्रिया देने से पहले थोड़ा रुकें। वास्तु के हिसाब से दक्षिण-पश्चिम को भारी और स्थिर रखें। | दक्षिण-पश्चिम | सफ़ेद, क्रीम | चंद्र |
| 3 | योजना बनाना और अपनी बात रखना कठिन हो सकता है। | योजनाएँ लिखें और हर हफ़्ते दोबारा देखें। वास्तु के हिसाब से पूर्व को खुला और रोशन रखें। | पूर्व | पीला | बृहस्पति (गुरु) |
| 4 | दिनचर्या और व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो सकता है। | रोज़ की छोटी आदतें बनाएँ और काम की जगह साफ़-सुथरी रखें। वास्तु के हिसाब से दक्षिण-पूर्व (रसोई का क्षेत्र) साफ़ और इस्तेमाल में रखें। | दक्षिण-पूर्व | नीला, स्लेटी | राहु |
| 5 | संतुलन रखना और काम पूरा करना कठिन हो सकता है। | अगला काम शुरू करने से पहले पिछला पूरा करें। वास्तु के हिसाब से घर का बीच (ब्रह्मस्थान) खुला रखें। | केंद्र | हरा | बुध |
| 6 | घर-गृहस्थी और ज़िम्मेदारियाँ कम जमी हुई लग सकती हैं। | परिवार के साथ मिलकर कुछ रीतियाँ निभाने का समय निकालें। वास्तु के हिसाब से उत्तर-पश्चिम में हवा का आना-जाना अच्छा रखें। | उत्तर-पश्चिम | सफ़ेद, हल्का गुलाबी | शुक्र |
| 7 | अड़चनों से सबक लेना कठिन हो सकता है। | अनुभवों की डायरी रखें। वास्तु के हिसाब से घर का पश्चिम भाग व्यवस्थित रखें। | पश्चिम | हल्का हरा, सफ़ेद | केतु |
| 8 | पैसे का प्रबंधन और लंबी योजना कठिन हो सकती है। | एक सीधा-सादा बजट रखें। वास्तु के हिसाब से उत्तर-पूर्व को साफ़, हल्का और ख़ाली रखें। | उत्तर-पूर्व | गहरा नीला, काला | शनि |
| 9 | महत्वाकांक्षा और जोश कमज़ोर लग सकते हैं। | एक समय में एक ही साफ़ लक्ष्य रखें। वास्तु के हिसाब से घर का दक्षिण भाग रोशन रखें। | दक्षिण | लाल | मंगल |
हर अंक के साथ दिया गया रंग वही है जो भारतीय परंपरा में उस अंक से जोड़ा जाता है। ये उपाय पारंपरिक सुझाव हैं जिन्हें बहुत से परिवार अपनाते हैं। ये किसी नतीजे का वादा नहीं हैं, और इनमें से किसी के लिए कुछ ख़रीदने की ज़रूरत नहीं है।
हर गायब अंक का अर्थ
गायब 1 (सूर्य, उत्तर)
1 न हो तो अपनी बात कहने में झिझक दिख सकती है। 1 व्यावहारिक तल (8-1-6) और इच्छाशक्ति तल (9-5-1), दोनों का हिस्सा है, इसलिए 1 गायब हो तो इनमें से कोई तल पूरा नहीं हो सकता। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 1।
गायब 2 (चंद्र, दक्षिण-पश्चिम)
2 न हो तो धैर्य रखना और दूसरों की भावनाएँ समझना कठिन हो सकता है। गायब 2 से मानसिक तल (4-9-2), कर्म तल (2-7-6) और रजत योग (2-5-8) भी अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 2।
गायब 3 (बृहस्पति, पूर्व)
3 न हो तो योजना बनाना और अपनी बात रखना कठिन हो सकता है। गायब 3 से भावनात्मक तल (3-5-7) और विचार तल (4-3-8) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 3।
गायब 4 (राहु, दक्षिण-पूर्व)
4 न हो तो दिनचर्या और व्यवस्था बनाए रखना कठिन हो सकता है। गायब 4 से मानसिक तल (4-9-2), विचार तल (4-3-8) और स्वर्ण योग (4-5-6) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 4।
गायब 5 (बुध, केंद्र)
5 न हो तो संतुलन रखना और काम पूरा करना कठिन हो सकता है। 5 बीच में है, इसलिए गायब 5 से चार तल अधूरे रहते हैं: भावनात्मक तल, इच्छाशक्ति तल, स्वर्ण योग और रजत योग। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 5।
गायब 6 (शुक्र, उत्तर-पश्चिम)
6 न हो तो घर-गृहस्थी और ज़िम्मेदारियाँ कम जमी हुई लग सकती हैं। गायब 6 से व्यावहारिक तल (8-1-6), कर्म तल (2-7-6) और स्वर्ण योग (4-5-6) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 6।
गायब 7 (केतु, पश्चिम)
7 न हो तो अड़चनों से सबक लेना कठिन हो सकता है। गायब 7 से भावनात्मक तल (3-5-7) और कर्म तल (2-7-6) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 7।
गायब 8 (शनि, उत्तर-पूर्व)
8 न हो तो पैसे का प्रबंधन और लंबी योजना कठिन हो सकती है। गायब 8 से व्यावहारिक तल (8-1-6), विचार तल (4-3-8) और रजत योग (2-5-8) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 8।
गायब 9 (मंगल, दक्षिण)
9 न हो तो महत्वाकांक्षा और जोश कमज़ोर लग सकते हैं। गायब 9 से मानसिक तल (4-9-2) और इच्छाशक्ति तल (9-5-1) अधूरे रहते हैं। विस्तार से पढ़ें: लो शू ग्रिड में अंक 9।
बार-बार आने वाले अंक कैसे पढ़ें
जो अंक एक से ज़्यादा बार आए, वह अपने गुणों को और वज़न देता है। किसी अंक का दो बार आना आम तौर पर ख़ूबी माना जाता है। तीन या ज़्यादा बार आने पर वह अंक अपनी कमज़ोर तरफ़ झुक सकता है, इसलिए सलाह और बढ़ाने की नहीं, संतुलन की होती है।
| अंक | दो बार | तीन या ज़्यादा बार |
|---|---|---|
| 1 | अपनी बात रखने की क्षमता मज़बूत | ध्यान रखें कि बातचीत में आप ही हावी न हो जाएँ |
| 2 | अंतर्ज्ञान तेज़ | बातों को दिल पर लेने से बचें |
| 3 | कल्पना-शक्ति तेज़ | व्यावहारिक कदमों से जुड़े रहें |
| 4 | काम करने की बड़ी क्षमता | आराम और लचीलेपन के लिए जगह रखें |
| 5 | जोश और आज़ादी की चाह | जल्दबाज़ी के फ़ैसलों से बचें |
| 6 | दूसरों की गहरी परवाह | हर किसी की चिंता अपने सिर न लें |
| 7 | अंतर्ज्ञान मज़बूत | आसपास के लोगों से जुड़े रहें |
| 8 | सहनशक्ति ज़्यादा | ज़िद और ज़रूरत से ज़्यादा काम से बचें |
| 9 | जोश तेज़ | ऊर्जा को व्यायाम या सेवा में लगाएँ |
अनन्या के ग्रिड में 1 और 9 दो-दो बार आए हैं, इसलिए “दो बार” वाले कॉलम की बातें उस पर लागू होती हैं।
गायब अंक और तल
तल तीन खानों की एक रेखा है: तीन पंक्तियाँ, तीन स्तंभ और दो विकर्ण। जब किसी तल के तीनों अंक ग्रिड में हों तो वह पूरा माना जाता है, और जब एक भी न हो तो ख़ाली। गायब अंक सबसे ज़्यादा तब मायने रखते हैं जब वे पूरा का पूरा तल ख़ाली कर दें, क्योंकि तब उस तल के गुण पर सबसे सचेत मेहनत करनी पड़ती है।
उदाहरण के लिए, 08-12-1988 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 8 और भाग्यांक 1 है (0 + 8 + 1 + 2 + 1 + 9 + 8 + 8 = 37, 3 + 7 = 10, 1 + 0 = 1)। दोनों जोड़ने के बाद भी ग्रिड में 3, 4, 5, 6 और 7 नहीं हैं। इसलिए भावनात्मक तल (3-5-7) और स्वर्ण योग (4-5-6), दोनों ख़ाली हैं, और उपाय की शुरुआत 3, 5 और 7 के गुणों से होती है: योजना बनाना, काम पूरा करना और आत्म-चिंतन। इसके उलट अनन्या का कोई तल ख़ाली नहीं है: उसके गायब 3 और 8 से कुछ तल अधूरे रहते हैं, पर हर रेखा में कम से कम एक अंक मौजूद है।
आठों तलों की पूरी तालिका लो शू ग्रिड कैलकुलेटर पर है, जहाँ हर तल समझाया गया है। ग्रिड के इतिहास के लिए पढ़ें: लो शू ग्रिड क्या है।
उपायों को समझदारी से कैसे अपनाएँ
- चीज़ से नहीं, आदत से शुरुआत करें। योजनाएँ लिखना, बजट रखना या एक समय में एक काम पूरा करना, इनमें कोई ख़र्च नहीं, और हर उपाय का असली हिस्सा यही है।
- उस अंक से जुड़ी घर की दिशा का ध्यान रखें। यहाँ ज़्यादातर वास्तु सलाह किसी हिस्से को साफ़, खुला, रोशन या हवादार रखने की है।
- आपका ग्रिड जन्म तिथि से बनता है और बदलता नहीं। उपाय उसके साथ काम करने के लिए हैं, उसे दोबारा लिखने के लिए नहीं।
- रत्न को अलग कदम मानें। कुछ अंक ज्योतिषी गायब अंक के ग्रह का रत्न सुझाते हैं, जैसे सूर्य के लिए माणिक्य या चंद्र के लिए मोती। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, इसलिए उसे कुंडली की जाँच के बाद ही पहनें। देखें: कौन सा रत्न पहनें।
अगर आप ऐसा पूरा विश्लेषण चाहते हैं जिसमें आपका मूलांक, भाग्यांक, नाम और घर भी देखा जाए, तो नमिता जी लो शू ग्रिड को जन्म तिथि विश्लेषण के हिस्से के रूप में पढ़ती हैं।
गायब अंकों पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या लो शू ग्रिड में गायब अंक होना बुरा है?
नहीं। लगभग हर किसी के ग्रिड में कुछ अंक गायब होते हैं, क्योंकि जन्म तिथि में कुल आठ अंक होते हैं, शून्य छोड़ दिए जाते हैं और कई अंक दोहराते हैं। गायब अंक ऐसे गुण की ओर इशारा करता है जिसके लिए थोड़ी ज़्यादा कोशिश लग सकती है। यह कोई तय नतीजा नहीं है, और इससे किसी बुरी घटना का अनुमान नहीं लगाया जाता।
कौन सा गायब अंक सबसे अहम है?
अंक ज्योतिषी अक्सर गायब 5 पर सबसे ज़्यादा ध्यान देते हैं, क्योंकि 5 बीच में होता है और चार तलों का हिस्सा है। व्यवहार में सबसे अहम वह गायब अंक है जो उस बात से मेल खाता है जो आपको रोज़ की ज़िंदगी में सबसे कठिन लगती है।
क्या गायब अंक निकालते समय मूलांक और भाग्यांक भी गिने जाते हैं?
इस साइट पर इस्तेमाल होने वाली भारतीय पद्धति में हाँ। खाली खाने देखने से पहले मूलांक और भाग्यांक जन्म तिथि के अंकों में जोड़ दिए जाते हैं। पुरानी (क्लासिक) पद्धति में केवल जन्म तिथि के अंक लिए जाते हैं, इसलिए उसमें गायब अंक ज़्यादा दिख सकते हैं। 0 कभी गायब अंक नहीं होता, क्योंकि ग्रिड में शून्य का कोई खाना नहीं है।
लो शू ग्रिड में गायब अंक का उपाय क्या है?
पारंपरिक उपाय के दो हिस्से हैं: एक सीधी आदत जो उस अंक का गुण बढ़ाए, और उस अंक से जुड़ी वास्तु दिशा की देखभाल, जैसे गायब 1 के लिए उत्तर को खुला रखना या गायब 2 के लिए दक्षिण-पश्चिम को भारी और स्थिर रखना। ये आम तौर पर सुझाए जाने वाले अभ्यास हैं, पक्के नतीजे नहीं। रत्न इससे अलग कदम है, और उसे कुंडली की जाँच के बाद ही पहना जाता है।
क्या नाम या मोबाइल नंबर बदलकर गायब अंक भरा जा सकता है?
लो शू ग्रिड जन्म तिथि से बनता है, इसलिए वह नहीं बदलता। कुछ अंक ज्योतिषी गायब अंक के लिए नाम या मोबाइल नंबर को अतिरिक्त सहारे के रूप में देखते हैं, पर वह अलग विश्लेषण है। अपनी जन्म तिथि के लिए यह जँचवाना हो, तो नमिता जी से पूछें।
अपने गायब अंक अभी जानें: मुफ़्त लो शू ग्रिड कैलकुलेटर इस्तेमाल करें, या निजी रीडिंग के लिए अपनी जन्म तिथि नमिता जी को व्हाट्सऐप पर भेजें। आप +91 70573 19073 पर फ़ोन भी कर सकते हैं।
नमिता मोदी नागपुर में अंक ज्योतिषी, ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार हैं। नमिता जी के बारे में।
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