जन्मतिथि से मेरा शुभ रंग कौन-सा है? अंक ज्योतिष में आपका शुभ रंग आपके मूलांक (Mulank, Moolank) से आता है, यानी जन्म की तारीख़ के दिन वाले अंक से। 1 से 9 तक हर अंक का एक स्वामी ग्रह है, और हर ग्रह के परंपरागत रंग हैं: सूर्य (1) के लिए सुनहरा और नारंगी, चंद्र (2) के लिए सफ़ेद और क्रीम, गुरु (3) के लिए पीला, और इसी तरह आगे। बहुत-से लोग इनके साथ अपने भाग्यांक, यानी पूरी जन्मतिथि के अंक, के रंग भी जोड़ लेते हैं। यह लेख बताता है कि अंक कैसे निकलता है, नौ के नौ अंकों की तालिका देता है, और समझाता है कि शुभ रंग आम तौर पर कैसे इस्तेमाल किए जाते हैं।
एक नज़र में: जन्म के दिन के अंक जोड़कर अपना मूलांक निकालें, जो 1 से 9 तक होता है। उसका ग्रह आपका शुभ रंग बताता है: 1 के लिए सुनहरा और नारंगी; 2 के लिए सफ़ेद और क्रीम; 3 के लिए पीला; 4 के लिए नीला और स्लेटी; 5 के लिए हरा; 6 के लिए सफ़ेद और हल्का गुलाबी; 7 के लिए हल्का हरा और सफ़ेद; 8 के लिए गहरा नीला और काला; 9 के लिए लाल। इसे छोटे-छोटे तरीक़ों से इस्तेमाल करें, जैसे अपने शुभ दिन पर उस रंग की कोई एक चीज़।
अंक ज्योतिष जन्मतिथि से रंग कैसे जोड़ता है
तरीक़े के तीन क़दम हैं:
- अपना मूलांक निकालें। महीने की जिस तारीख़ को आप जन्मे, उसके अंक तब तक जोड़ें जब तक एक अंक न बचे। 14 तारीख़ को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 1 + 4 = 5 है। 29 तारीख़ को जन्मे का 2 + 9 = 11, फिर 1 + 1 = 2।
- उस अंक का ग्रह देखें। भारतीय अंक ज्योतिष में 1 का ग्रह सूर्य है, 2 का चंद्र, 3 का गुरु, 4 का राहु, 5 का बुध, 6 का शुक्र, 7 का केतु, 8 का शनि और 9 का मंगल।
- उस ग्रह के रंग लें। परंपरा में हर ग्रह एक या दो रंगों से जुड़ा है, और वही ग्रह हफ़्ते का आपका शुभ दिन (वार) भी बताता है।
जन्म का महीना और साल मूलांक नहीं बदलते। ये भाग्यांक में आते हैं, जिसकी बात आगे है।
मूलांक 1 से 9 के शुभ रंग
नीचे की तालिका उसी डेटा से छपी है जिससे इस साइट के कैलकुलेटर चलते हैं, इसलिए यहाँ के रंग और आपके कैलकुलेटर के नतीजे हमेशा एक जैसे रहेंगे।
| शुभ रंग | मूलांक | किन तारीख़ों को जन्म | ग्रह | शुभ दिन |
|---|---|---|---|---|
| सुनहरा, नारंगी | 1 | 1, 10, 19, 28 | सूर्य | रविवार |
| सफ़ेद, क्रीम | 2 | 2, 11, 20, 29 | चंद्र | सोमवार |
| पीला | 3 | 3, 12, 21, 30 | गुरु | गुरुवार |
| नीला, स्लेटी | 4 | 4, 13, 22, 31 | राहु | शनिवार |
| हरा | 5 | 5, 14, 23 | बुध | बुधवार |
| सफ़ेद, हल्का गुलाबी | 6 | 6, 15, 24 | शुक्र | शुक्रवार |
| हल्का हरा, सफ़ेद | 7 | 7, 16, 25 | केतु | सोमवार |
| गहरा नीला, काला | 8 | 8, 17, 26 | शनि | शनिवार |
| लाल | 9 | 9, 18, 27 | मंगल | मंगलवार |
4 और 7 पर एक बात
4 और 7 के स्वामी राहु और केतु हैं, जो दोनों छाया ग्रह हैं। पुराने ग्रंथ इन्हें कोई अपना रंग नहीं देते, इसलिए किताबों में फ़र्क़ मिलता है, और अलग-अलग परंपराएँ इन्हें अलग रंग देती हैं। तालिका में वही रंग हैं जो आम तौर पर इस्तेमाल होते हैं, पर इन दो अंकों के लिए इन्हें शुरुआती संकेत ही मानें।
भाग्यांक के रंग भी जोड़ें
आपका भाग्यांक (डेस्टिनी नंबर) पूरी जन्मतिथि के हर अंक को जोड़कर, एक अंक तक लाकर निकलता है। इसे जीवन की राह का अंक माना जाता है, जबकि मूलांक स्वभाव का। भाग्यशाली अंक कैलकुलेटर दोनों अंकों के रंग एक साथ दिखाता है और दोहराए गए रंग एक ही बार गिनता है।
उदाहरण। 14 जुलाई 1994 के जन्म में तारीख़ 14 से मूलांक 5 (बुध) आता है। पूरी तारीख़ के सारे अंक मिलाकर भाग्यांक 8 (शनि) बनता है। इसलिए शुभ रंग हैं हरा, गहरा नीला, काला, और शुभ दिन हैं बुधवार और शनिवार। अपने दोनों अंक मूलांक और भाग्यांक कैलकुलेटर से जाँचें।
जब दोनों अंकों का ग्रह एक ही हो, जैसे 5 तारीख़ का जन्म जिसकी पूरी तारीख़ का जोड़ भी 5 हो, तो रंगों का एक ही सेट रहता है।
शुभ रंग आम तौर पर कैसे इस्तेमाल होते हैं
शुभ रंग का मतलब यह नहीं कि रोज़ एक ही रंग के कपड़े पहनें। लोग इसे छोटे और आसान तरीक़ों से इस्तेमाल करते हैं:
- कपड़े और साथ की चीज़ें: इंटरव्यू, मीटिंग या किसी नई जगह पर पहले दिन अपने रंग की कमीज़, दुपट्टा, स्कार्फ़ या टाई।
- अपना शुभ दिन: अपने अंक के ग्रह वाले दिन वह रंग पहनना, जैसे मूलांक 3 के लिए गुरुवार को पीला।
- रोज़ की चीज़ें: पेन, डायरी, फ़ोन का कवर या बटुआ।
- घर और काम की जगह: कुशन, कोई तस्वीर, या उस कमरे की एक दीवार जहाँ आप सबसे ज़्यादा समय बिताते हैं। दिशाओं और कमरों के अपने नियम वास्तु में हैं, जो वास्तु शास्त्र के गाइड में समझाए गए हैं।
- छोटी याद: कोई धागा, रूमाल या मेज़ पर रखी कोई चीज़, जब काम पर रंगीन कपड़े पहनना संभव न हो।
| मौक़ा | शुभ रंग का आम इस्तेमाल |
|---|---|
| इंटरव्यू या परीक्षा | मूलांक के रंग की एक चीज़, सादगी से |
| नई शुरुआत (नौकरी, दुकान, घर) | सजावट में अपना रंग, और हो सके तो शुभ दिन पर |
| रोज़ का पहनावा | पूरे कपड़ों की जगह कोई छोटी चीज़ |
| दो अलग रंग (मूलांक और भाग्यांक) | रोज़ के लिए मूलांक का रंग, ख़ास मौक़ों के लिए भाग्यांक का |
आज का शुभ रंग
एक अलग विचार भी है: हफ़्ते के हर दिन का रंग, जो उस दिन के स्वामी ग्रह से आता है (रविवार सूर्य, सोमवार चंद्र, और आगे)। यह रोज़ बदलता है और सबके लिए एक ही होता है। आज का शुभ रंग वाले पेज पर पूरे हफ़्ते की तालिका है, और रोज़ के राशिफल पेज भी यह रंग दिखाते हैं। मूलांक से निकला आपका निजी शुभ रंग पूरी ज़िंदगी वही रहता है।
शुभ रंग क्या कर सकता है और क्या नहीं
- शुभ रंग आपके अंक के ग्रह और उसके गुणों की परंपरागत याद है। इसे पहनना आपकी अपनी पसंद है।
- यह सफलता, पैसे या सेहत का वादा नहीं करता। मेहनत, तैयारी और अच्छी सलाह ही सबसे ज़्यादा मायने रखती है।
- जन्मतिथि की वजह से किसी रंग से बचना ज़रूरी नहीं। कोई रंग आपको पसंद है और आपकी सूची में नहीं, तो उसे छोड़ने की कोई वजह नहीं।
- रंग रत्न नहीं है। रत्नों को अलग तरह से देखा जाता है और परंपरा में उनके लिए कुंडली की जाँच ज़रूरी मानी जाती है; देखें कौन-सा रत्न पहनें।
अपने अंकों के बारे में और जानें
अंक ज्योतिष में आपकी जन्मतिथि जो कुछ बताती है, रंग उसका छोटा-सा हिस्सा है। अंक ज्योतिष चार्ट कैलकुलेटर आपके मुख्य अंक एक साथ दिखाता है, और भाग्यशाली अंक कैलकुलेटर आपके शुभ अंक, दिन और रंग एक जगह देता है। अपने अंक को भाग्यांक (डेस्टिनी नंबर) के रूप में और पढ़ना हो, तो उसका लेख खोलें: 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 या 9।
नमिता जी से पूछें
अगर आपके मूलांक और भाग्यांक अलग-अलग दिशा दिखाएँ, या आप जानना चाहें कि शादी, कारोबार या नए घर में अपने रंगों का इस्तेमाल कैसे करें, तो WhatsApp पर बुक करें। नमिता जी ऑनलाइन परामर्श में आपके अंक आपके साथ पढ़ती हैं: परामर्श पूरे भारत में वीडियो कॉल पर होता है, और जब परामर्श के लिए ज़रूरी हो, तो वे आमने-सामने भी मिलती हैं। सभी सेवाएँ देखें।
शुभ रंग पर सवाल
जन्मतिथि से अपना शुभ रंग कैसे पता करें?
जन्म की तारीख़ के दिन के अंक तब तक जोड़ें जब तक एक अंक न बचे। वही आपका मूलांक है। उसका स्वामी ग्रह आपका शुभ रंग बताता है, जैसे 3 (गुरु) के लिए पीला। भाग्यशाली अंक कैलकुलेटर यह हिसाब आपके लिए कर देता है और साथ में भाग्यांक के रंग भी जोड़ देता है।
शुभ रंग मूलांक का लूँ या भाग्यांक का?
दोनों चलते हैं। मूलांक का रंग आपके स्वभाव और रोज़ के व्यक्तित्व का रंग माना जाता है, और भाग्यांक का रंग जीवन की राह का। जब दोनों के रंग अलग हों, तो बहुत-से लोग रोज़ के लिए मूलांक का रंग और ख़ास मौक़ों के लिए भाग्यांक का रंग रखते हैं।
कुछ किताबें 4 और 7 के लिए दूसरे रंग क्यों बताती हैं?
4 (राहु) और 7 (केतु) के स्वामी छाया ग्रह हैं, जिनका सबसे पुराने ग्रंथों में अपना कोई रंग नहीं बताया गया, इसलिए परंपराएँ अलग-अलग हैं। इन दोनों अंकों के रंगों को शुरुआती संकेत मानें, और उन पर पूरा भरोसा करने से पहले पूछ लें।
क्या मेरे अंक के लिए कोई अशुभ रंग भी है?
यह लेख और कैलकुलेटर वे रंग बताते हैं जो परंपरा में आपके अंकों का साथ देते हैं, बचने वाले रंगों की कोई सूची नहीं देते। जन्मतिथि की वजह से किसी रंग को जीवन से हटाने की ज़रूरत नहीं है।
क्या शुभ रंग पहनने से सफलता या अच्छी सेहत मिलती है?
कोई भी रंग किसी नतीजे का वादा नहीं कर सकता। शुभ रंग आपके अंक के गुणों की परंपरागत याद है, जिसे आप अपनी मर्ज़ी से पहनते या पास रखते हैं। यह मेहनत, इलाज या किसी पेशेवर सलाह की जगह नहीं लेता।