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अंक ज्योतिष के प्रकार

लेखक: नमिता मोदीअपडेट:

अंक ज्योतिष के प्रकार: पाइथागोरियन, कैल्डियन और भारतीय पद्धति

अंक ज्योतिष कोई एक ही पद्धति नहीं है। अलग-अलग संस्कृतियों ने अंकों और अक्षरों का रिश्ता अपने-अपने ढंग से जोड़ा है। सबसे जानी-मानी पद्धतियाँ हैं पाइथागोरियन, कैल्डियन, कब्बाला, भारतीय (वैदिक) और चीनी। हर पद्धति आपके नाम या जन्मतिथि को अंकों में बदलती है, पर हर एक का चार्ट और नियम अपना है।

एक नज़र में: पाइथागोरियन पद्धति अक्षरों को वर्णमाला के क्रम से अंक देती है। कैल्डियन पद्धति उन्हें ध्वनि के हिसाब से अंक देती है, और ज़्यादातर भारतीय अंक ज्योतिषी यही चार्ट इस्तेमाल करते हैं। भारतीय अंक ज्योतिष जन्मतिथि के मूलांक (Moolank) और भाग्यांक से शुरू होता है और हर अंक को एक ग्रह से जोड़ता है। चीनी लो शू ग्रिड जन्मतिथि के अंकों को 3 x 3 के खाने में रखता है।

मुख्य प्रकार, सीधे शब्दों में:

1. पाइथागोरियन अंक ज्योतिष: पश्चिमी किताबों में सबसे ज़्यादा यही मिलती है। अक्षरों को वर्णमाला के क्रम से 1 से 9 तक अंक मिलते हैं (A = 1, B = 2, इसी तरह आगे, और J से फिर 1)। जन्मतिथि से यह लाइफ़ पाथ नंबर निकालती है, और नाम से एक्सप्रेशन, सोल अर्ज और पर्सनैलिटी नंबर। नाम यूनानी दार्शनिक पाइथागोरस पर रखा गया है, जो मानते थे कि हर चीज़ के मूल में अंक हैं। पर अक्षरों का चार्ट बहुत बाद में, बीसवीं सदी की शुरुआत के लेखकों ने बनाया। अपना लाइफ़ पाथ नंबर लाइफ़ पाथ नंबर कैलकुलेटर से निकालें।

2. कैल्डियन अंक ज्योतिष: इसका नाम प्राचीन बेबीलोन के कैल्डियन लोगों पर है। पर इसका कोई लिखित प्रमाण नहीं कि उन्होंने यही चार्ट इस्तेमाल किया हो; यह मुख्य रूप से 1900 के दशक की शुरुआत में लेखक कीरो (Cheiro) की किताबों से लोकप्रिय हुआ। अक्षरों को ध्वनि के आधार पर 1 से 8 तक अंक मिलते हैं, और 9 को पवित्र मानकर अलग रखा जाता है। इसमें नाम का दो अंकों वाला जोड़, यानी कंपाउंड नंबर, भी पढ़ा जाता है। आपका नाम कैल्डियन चार्ट पर कितना बनता है, यह नाम अंक ज्योतिष कैलकुलेटर में देखें।

3. कब्बाला अंक ज्योतिष: यहूदी रहस्यवादी परंपरा कब्बाला पर आधारित। हर हिब्रू अक्षर का एक अंक-मान होता है, और जिन शब्दों का जोड़ बराबर हो, उन्हें आपस में जुड़ा माना जाता है (इसे गेमेट्रिया कहते हैं)। इसका इस्तेमाल ज़्यादातर आध्यात्मिक अध्ययन में होता है।

4. भारतीय (वैदिक) अंक ज्योतिष: भारत में अंक ज्योतिष और ज्योतिष साथ-साथ चलते हैं। 1 से 9 तक हर अंक नवग्रह में से एक ग्रह के अधीन माना जाता है: 1 सूर्य, 2 चंद्र, 3 गुरु, 4 राहु, 5 बुध, 6 शुक्र, 7 केतु, 8 शनि और 9 मंगल। शुरुआत होती है जन्म के दिन से निकले मूलांक और पूरी जन्मतिथि से निकले भाग्यांक से। अंग्रेज़ी में लिखे नाम आम तौर पर कैल्डियन चार्ट पर पढ़े जाते हैं। बच्चे का नाम, कारोबार का नाम, मोबाइल नंबर और शुभ तारीख़ चुनने में भारतीय अंक ज्योतिष का खूब इस्तेमाल होता है। अपने दोनों अंक मूलांक और भाग्यांक कैलकुलेटर से निकालें।

5. चीनी अंक ज्योतिष: चीनी परंपरा में अंक का अर्थ उसकी आवाज़ से तय होता है। जैसे 8 का उच्चारण “समृद्धि” के शब्द जैसा है, इसलिए उसे शुभ माना जाता है, और 4 का उच्चारण “मृत्यु” के शब्द जैसा है, इसलिए उससे अक्सर बचा जाता है। लो शू ग्रिड भी चीन से आया है: 3 x 3 का ऐसा वर्ग जिसकी हर पंक्ति का जोड़ 15 आता है। कथा के अनुसार यह लुओ नदी से निकले एक कछुए की पीठ पर दिखा था। अपना ग्रिड लो शू ग्रिड कैलकुलेटर से बनाएँ।

6. पश्चिमी (आधुनिक) अंक ज्योतिष: ऊपर की पद्धतियों के विचारों का मिला-जुला रूप, जो ज़्यादातर पाइथागोरियन चार्ट पर टिका है। इसमें लाइफ़ पाथ, स्वभाव, सालाना चक्र और आपसी मेल पर ज़ोर रहता है।

7. एंजेल नंबर: 111, 222 या 333 जैसे अंक जो बार-बार नज़र आते रहें, उन्हें पढ़ने का एक आधुनिक, आध्यात्मिक तरीक़ा। लोग इन्हें किसी संकेत या याद-दहानी की तरह लेते हैं। ये नाम या जन्मतिथि से नहीं निकाले जाते।

8. नाम अंक ज्योतिष: इसमें सिर्फ़ नाम के अंक देखे जाते हैं, पाइथागोरियन या कैल्डियन चार्ट से। नाम सुधार इसी पर टिका है: नाम की स्पेलिंग इस तरह बदली जाती है कि उसका अंक व्यक्ति के जन्म के अंकों से मेल खाए।

हर पद्धति का तरीक़ा अलग है, और एक ही अंक को अलग-अलग अंक ज्योतिषी थोड़ा अलग पढ़ सकते हैं। इस साइट के कैलकुलेटर भारतीय तरीक़ा अपनाते हैं (कैल्डियन चार्ट के साथ मूलांक और भाग्यांक) और पाइथागोरियन अंक साथ में दिखाते हैं, ताकि आप दोनों की तुलना कर सकें।

अंक ज्योतिष की अलग-अलग पद्धतियों के फ़ायदे

हर पद्धति किस काम आती है, यह तालिका में देखें:

पद्धति क्या है और किस काम की
पाइथागोरियन वर्णमाला के क्रम से अक्षरों को 1 से 9 तक अंक। लाइफ़ पाथ, एक्सप्रेशन, सोल अर्ज और पर्सनैलिटी नंबर देती है। स्वभाव, प्रतिभा और आपसी मेल समझने में काम आती है।
कैल्डियन ध्वनि के हिसाब से अक्षरों को 1 से 8 तक अंक; कंपाउंड नंबर (10 से 52) भी पढ़ा जाता है। रोज़ के नाम की जाँच और नाम सुधार में काम आती है।
कब्बाला हिब्रू अक्षर और उनके अंक-मान (गेमेट्रिया)। मुख्य रूप से आध्यात्मिक अध्ययन और चिंतन के लिए।
चीनी पद्धतियाँ (लो शू और बाज़ी) लो शू ग्रिड जन्मतिथि के अंकों को 3 x 3 के खाने में रखकर मज़बूत और ग़ायब अंक दिखाता है। बाज़ी (चार स्तंभ) असल में चीनी ज्योतिष है, अंक ज्योतिष नहीं: यह जन्म के साल, महीने, दिन और घंटे को तत्वों और पशु-चिह्नों से पढ़ती है।
भारतीय (वैदिक) जन्मतिथि से मूलांक और भाग्यांक, हर एक का अपना ग्रह, और नाम कैल्डियन चार्ट पर। नाम, मोबाइल नंबर, तारीख़ और आपसी मेल के लिए, अक्सर ज्योतिष के साथ।
पश्चिमी ज़्यादातर पाइथागोरियन चार्ट पर बना आधुनिक मिला-जुला रूप। लाइफ़ पाथ, स्वभाव, सालाना चक्र और आपसी मेल।

अंक ज्योतिष की कोई भी पद्धति विज्ञान नहीं है, और दो जानकारों की रीडिंग में फ़र्क़ हो सकता है। आप जो भी पद्धति चुनें, उसे अपने बारे में सोचने और योजना बनाने के साधन की तरह लें, पक्की भविष्यवाणी की तरह नहीं।

अंक ज्योतिष की सेवाएँ कैसे मदद करती हैं?

एक अंक ज्योतिषी इन अंकों को किसी ख़ास सवाल के लिए जोड़कर पढ़ता है। आम सेवाओं में क्या होता है:

सेवा उसमें क्या होता है
व्यक्तिगत अंक ज्योतिष रीडिंग मूलांक, भाग्यांक, नामांक और लो शू ग्रिड को एक साथ पढ़ना। आपकी ख़ूबियाँ, किन बातों का ध्यान रखना है, और आपके अंक आपस में कैसे काम करते हैं।
रिश्तों का मेल दो लोगों के अंक मिलाकर देखना कि तालमेल कहाँ आसान है और कहाँ धीरज चाहिए। पति-पत्नी, परिवार और कारोबारी साझेदार, सबके लिए।
नाम सुधार और बच्चे का नामकरण नाम के विकल्प जाँचना, ताकि नामांक जन्म के अंकों से मेल खाए। नवजात के लिए नाम जन्म नक्षत्र के नाम-अक्षर से भी रखा जा सकता है।
करियर की राह किस तरह का काम आपके अंकों को रास आता है: नेतृत्व, साझेदारी, रचनात्मक काम, सेवा या कारोबार। यह करियर की व्यावहारिक सलाह में एक नज़रिया जोड़ता है, उसकी जगह नहीं लेता।
सालाना मार्गदर्शन और समय व्यक्तिगत वर्ष के चक्र से आने वाले हर साल का मुख्य विषय, और शादी, नई शुरुआत या घर बदलने के लिए आपके अंकों के अनुकूल तारीख़ें।
कारोबार का अंक ज्योतिष कारोबार का नाम, और कभी-कभी शुरुआत की तारीख़ भी, मालिक के अंकों से मिलाकर देखना।
अपने ऊपर काम और आत्मचिंतन अंकों को आईने की तरह देखना: क्या आपको सहज आता है, और इस जीवन में आप क्या सीख रहे हैं।
मन और दिनचर्या पर विचार कुछ लोग अपने अंकों से दिनचर्या, आराम और तनाव पर सोचते हैं। अंक ज्योतिष किसी बीमारी की पहचान या इलाज नहीं करता। सेहत की किसी भी चिंता के लिए डॉक्टर से मिलें।
उलझन और फ़ैसले सामने खड़े किसी चुनाव को एक और कोण से देखना, ताकि तथ्यों और भरोसेमंद लोगों की सलाह के साथ उस पर सोच सकें।

रीडिंग कितनी काम की होगी, यह अंक ज्योतिषी पर भी निर्भर है और इस पर भी कि आप उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। इसे सोचने के लिए मार्गदर्शन मानें, किसी नतीजे का वादा नहीं।

निष्कर्ष

अंक ज्योतिष की सभी मुख्य पद्धतियाँ नाम और तारीख़ को अंकों में बदलती हैं, पर हर एक अपने ढंग से:

  1. पाइथागोरियन: वर्णमाला के क्रम से अक्षरों को 1 से 9 तक अंक; लाइफ़ पाथ, एक्सप्रेशन, सोल अर्ज और पर्सनैलिटी नंबर।
  2. कैल्डियन: ध्वनि के हिसाब से अक्षरों को 1 से 8 तक अंक; रोज़ का नाम और उसका कंपाउंड नंबर।
  3. कब्बाला: हिब्रू अक्षरों के अंक-मान (गेमेट्रिया), आध्यात्मिक अध्ययन के लिए।
  4. चीनी पद्धतियाँ: जन्मतिथि का लो शू ग्रिड, और आवाज़ के हिसाब से शुभ-अशुभ अंक। बाज़ी अंक ज्योतिष नहीं, चीनी ज्योतिष है।
  5. भारतीय (वैदिक): मूलांक और भाग्यांक, हर एक का अपना ग्रह, और नाम कैल्डियन चार्ट पर।

भारत में हों तो सबसे आसान शुरुआत अपने मूलांक और भाग्यांक से है। फिर अपना नामांक और लो शू ग्रिड देखें। अंक ज्योतिष परंपरा है, विज्ञान नहीं, इसलिए इसे अपनी समझ के साथ, सोचने के एक साधन की तरह इस्तेमाल करें।

अंक ज्योतिष के प्रकारों पर अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पाइथागोरियन अंक ज्योतिष क्या है?

पाइथागोरियन अंक ज्योतिष में अंग्रेज़ी के अक्षरों को वर्णमाला के क्रम से 1 से 9 तक अंक मिलते हैं (A = 1, B = 2 … I = 9, फिर J से दोबारा 1)। इससे नाम के एक्सप्रेशन, सोल अर्ज और पर्सनैलिटी नंबर निकलते हैं, और जन्मतिथि से लाइफ़ पाथ नंबर। इसका नाम यूनानी दार्शनिक पाइथागोरस के नाम पर है, जो मानते थे कि हर चीज़ के मूल में अंक हैं। पर आज जो अक्षर चार्ट चलता है, उसे बीसवीं सदी की शुरुआत के लेखकों ने तैयार किया था।

कैल्डियन अंक ज्योतिष पाइथागोरियन से कैसे अलग है?

दोनों पद्धतियाँ अक्षरों को अलग-अलग अंक देती हैं। पाइथागोरियन वर्णमाला के क्रम से चलता है और 1 से 9 तक अंक देता है। कैल्डियन अक्षरों को उनकी ध्वनि के हिसाब से समूहों में रखता है, सिर्फ़ 1 से 8 तक अंक देता है (9 को पवित्र मानकर किसी अक्षर को नहीं दिया जाता) और वह नाम पढ़ता है जिससे आप रोज़ पहचाने जाते हैं। कैल्डियन में एक अंक बनाने से पहले दो अंकों वाला जोड़ (कंपाउंड नंबर, 10 से 52) भी पढ़ा जाता है। भारतीय अंक ज्योतिषी आम तौर पर कैल्डियन चार्ट ही लेते हैं और हर अंक को एक ग्रह से जोड़ते हैं।

कब्बाला अंक ज्योतिष क्या है?

कब्बाला यहूदी रहस्यवादी परंपरा है, और यह अंक ज्योतिष उसी से आया है। इसमें हिब्रू वर्णमाला के हर अक्षर का एक अंक-मान होता है, और जिन शब्दों का जोड़ बराबर हो, उन्हें आपस में जुड़ा माना जाता है। इस तरीक़े को गेमेट्रिया कहते हैं। इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से आध्यात्मिक अध्ययन में होता है; कुछ आधुनिक लेखकों ने इसे अंग्रेज़ी नामों पर भी लागू किया है।

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