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नवरात्रि के रंग · Navratri colours

नवरात्रि के रंग 2027: नौ दिन, नौ रंग

वे नौ रंग जो बहुत से लोग नवरात्रि के नौ दिनों में पहनते हैं, हर दिन की तारीख़, सूर्योदय की तिथि और देवी के साथ। तारीख़ें नागपुर के लिए निकाली गई हैं।

चैत्र नवरात्रि 2027 के रंग

बुधवार, 7 अप्रैल 2027 से गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 तक।

दिनरंगदेवीतिथि (नागपुर)
दिन 1: बुधवार, 7 अप्रैल 2027 रॉयल ब्लू (गहरा नीला)शैलपुत्रीशुक्ल प्रतिपदा, फिर शुक्ल द्वितीया
दिन 2: गुरुवार, 8 अप्रैल 2027 पीलाब्रह्मचारिणीशुक्ल द्वितीया, फिर शुक्ल तृतीया
दिन 3: शुक्रवार, 9 अप्रैल 2027 हराचंद्रघंटाशुक्ल तृतीया, फिर शुक्ल चतुर्थी
दिन 4: शनिवार, 10 अप्रैल 2027 स्लेटी (ग्रे)कूष्मांडाशुक्ल चतुर्थी, फिर शुक्ल पंचमी
दिन 5: रविवार, 11 अप्रैल 2027 नारंगीस्कंदमाताशुक्ल पंचमी, फिर शुक्ल षष्ठी
दिन 6: सोमवार, 12 अप्रैल 2027 सफ़ेदकात्यायनीशुक्ल षष्ठी, फिर शुक्ल सप्तमी
दिन 7: मंगलवार, 13 अप्रैल 2027 लालकालरात्रिशुक्ल सप्तमी, फिर शुक्ल अष्टमी
दिन 8: बुधवार, 14 अप्रैल 2027 आसमानीमहागौरीशुक्ल अष्टमी, फिर शुक्ल नवमी
दिन 9: गुरुवार, 15 अप्रैल 2027 गुलाबीसिद्धिदात्रीशुक्ल नवमी, फिर शुक्ल दशमी

चैत्र नवरात्रि 2028 के रंग

सोमवार, 27 मार्च 2028 से मंगलवार, 4 अप्रैल 2028 तक।

दिनरंगदेवीतिथि (नागपुर)
दिन 1: सोमवार, 27 मार्च 2028 सफ़ेदशैलपुत्रीशुक्ल प्रतिपदा, फिर शुक्ल द्वितीया
दिन 2: मंगलवार, 28 मार्च 2028 लालब्रह्मचारिणीशुक्ल द्वितीया, फिर शुक्ल तृतीया
दिन 3: बुधवार, 29 मार्च 2028 रॉयल ब्लू (गहरा नीला)चंद्रघंटाशुक्ल तृतीया, फिर शुक्ल चतुर्थी
दिन 4: गुरुवार, 30 मार्च 2028 पीलाकूष्मांडाशुक्ल चतुर्थी, फिर शुक्ल पंचमी
दिन 5: शुक्रवार, 31 मार्च 2028 हरास्कंदमाताशुक्ल पंचमी, फिर शुक्ल षष्ठी
दिन 6: शनिवार, 1 अप्रैल 2028 स्लेटी (ग्रे)कात्यायनीशुक्ल षष्ठी, फिर शुक्ल सप्तमी
दिन 7: रविवार, 2 अप्रैल 2028 नारंगीकालरात्रिशुक्ल सप्तमी, फिर शुक्ल अष्टमी
दिन 8: सोमवार, 3 अप्रैल 2028 मोरपंखी हरामहागौरीशुक्ल अष्टमी, फिर शुक्ल नवमी
दिन 9: मंगलवार, 4 अप्रैल 2028 गुलाबीसिद्धिदात्रीशुक्ल नवमी, फिर शुक्ल दशमी

नौ रंग कैसे तय होते हैं

पहले दिन का रंग उस वार का रंग है जिस वार नवरात्रि शुरू होती है, और उसके बाद हर दिन अपने वार का रंग लेता है। सात दिन बाद वही वार फिर आते हैं, इसलिए दिन 8 और 9 को उनके वार का दूसरा रंग दिया जाता है।

यह एक लोकप्रिय नई परंपरा है, शास्त्र का नियम नहीं। यह महाराष्ट्र से अख़बारों के ज़रिए फैली और अब गुजरात, मुंबई और पूरे भारत में मानी जाती है। शास्त्र देवी के नौ रूपों (नवदुर्गा) की बात करते हैं, हर दिन के रंग की नहीं। छपी हुई सूचियाँ, जिनमें drikpanchang की वह सूची भी है जिससे यह पेज मिलाया गया है, नीचे दिया वार का नियम मानती हैं।

दिन 1 से 7: हर वार का रंग

वाररंग
सोमवार सफ़ेद
मंगलवार लाल
बुधवार रॉयल ब्लू (गहरा नीला)
गुरुवार पीला
शुक्रवार हरा
शनिवार स्लेटी (ग्रे)
रविवार नारंगी

दिन 8 और 9: वार का दूसरा रंग

वाररंग
सोमवार मोरपंखी हरा
मंगलवार गुलाबी
बुधवार आसमानी
गुरुवार गुलाबी
शुक्रवार बैंगनी
शनिवार मोरपंखी हरा
रविवार बैंगनी

किसी दिन की देवी दोबारा क्यों आ सकती है

रंगों की सूची घटस्थापना से नौ कैलेंडर दिन गिनती है। हर दिन की देवी नागपुर में सूर्योदय की तिथि से तय होती है, और तिथियाँ कैलेंडर के दिनों से मेल नहीं खातीं: जब कोई तिथि दो सूर्योदय तक चले तो उसकी देवी दोबारा आती है, और जो तिथि किसी सूर्योदय को न छुए वह छूट जाती है। इसलिए पंचांग में नवरात्रि आठ या दस दिन की हो सकती है, जबकि रंगों की सूची हमेशा नौ दिन की रहती है। पूजा के समय के लिए देखें: नवरात्रि की तारीख़ें और घटस्थापना (चैत्र नवरात्रि) और दुर्गा अष्टमी की तारीख़ें।

आज के रंग से अलग

नवरात्रि में वार के रंग ग्रहों के रंग नहीं हैं। साल भर हर वार का रंग उसके स्वामी ग्रह से आता है, जैसे बुधवार (बुध) का हरा। देखें: आज का शुभ रंग।

नवरात्रि के रंगों से जुड़े सवाल

नवरात्रि 2027 के रंग कौन से हैं?

शारदीय नवरात्रि 2027 गुरुवार, 30 सितंबर 2027 को शुरू होती है। नौ रंग हैं: पीला (दिन 1), हरा (दिन 2), स्लेटी (ग्रे) (दिन 3), नारंगी (दिन 4), सफ़ेद (दिन 5), लाल (दिन 6), रॉयल ब्लू (गहरा नीला) (दिन 7), गुलाबी (दिन 8) और बैंगनी (दिन 9)।

नवरात्रि के नौ रंग कैसे तय होते हैं?

पहले दिन का रंग उस वार का रंग है जिस वार नवरात्रि शुरू होती है (सोमवार सफ़ेद, मंगलवार लाल, बुधवार रॉयल ब्लू (गहरा नीला), गुरुवार पीला, शुक्रवार हरा, शनिवार स्लेटी (ग्रे), रविवार नारंगी)। फिर हर दिन अपने वार का रंग लेता है, और दिन 8 और 9 को उनके वार का दूसरा रंग मिलता है।

क्या नवरात्रि के रंग शास्त्रों में दिए गए हैं?

नहीं। नौ रंग महाराष्ट्र से शुरू हुई एक लोकप्रिय नई परंपरा है। शास्त्र हर दिन के लिए देवी के एक रूप की बात करते हैं, हर दिन के रंग की नहीं। अच्छा लगे तो ये रंग पहनें; पूजा के लिए लाल या कोई भी साफ़ त्योहार वाले कपड़े उतने ही ठीक हैं।

क्या चैत्र नवरात्रि के रंग भी इसी नियम से चलते हैं?

हाँ। छपी हुई सूचियाँ चैत्र नवरात्रि के लिए भी यही वार का नियम मानती हैं, इसलिए उसके रंग इस बात से तय होते हैं कि चैत्र नवरात्रि किस वार से शुरू हुई।

कुछ सूचियों में दूसरे रंग क्यों होते हैं?

क्योंकि यह परंपरा है, कोई पक्का नियम नहीं, कुछ साइटें और समूह अपनी सूची छापते हैं। यह पेज महाराष्ट्र की प्रचलित सूची का वार वाला नियम मानता है। अगर आपका परिवार या मंडल कोई दूसरी सूची मानता है, तो वही मानें।

अगर उस रंग के कपड़े न हों तो?

जो लोग सूची मानते हैं उनके लिए उस रंग का दुपट्टा, स्कार्फ़, चूड़ियाँ या रूमाल काफ़ी है। पूजा में इस पर कुछ निर्भर नहीं है।