चंद्रोदय का समय
आज चाँद कितने बजे निकलेगा
आपके शहर में आज और अगले 7 दिन का चंद्रोदय और चंद्रास्त, 15 बड़े शहरों में करवा चौथ पर चाँद निकलने का समय, और हर संकष्टी चतुर्थी का चंद्रोदय।
नागपुर में आज चंद्रोदय · मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026
6:28 pm
- चंद्रास्त: 7:13 am
- चंद्रोदय के समय तिथि: कृष्ण द्वितीया
सभी समय भारतीय समय (IST) में हैं।
अगले 7 दिन का चंद्रोदय और चंद्रास्त
| तारीख़ | चंद्रोदय | चंद्रास्त | चंद्रोदय के समय तिथि |
|---|---|---|---|
| मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 आज | 6:28 pm | 7:13 am | कृष्ण द्वितीया |
| बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 | 7:23 pm | 8:20 am | कृष्ण तृतीया |
| गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | 8:25 pm | 9:29 am | कृष्ण चतुर्थी |
| शुक्रवार, 30 अक्टूबर 2026 | 9:31 pm | 10:33 am | कृष्ण षष्ठी |
| शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 | 10:37 pm | 11:32 am | कृष्ण सप्तमी |
| रविवार, 1 नवंबर 2026 | 11:42 pm | 12:24 pm | कृष्ण अष्टमी |
| सोमवार, 2 नवंबर 2026 | इस तारीख़ को चंद्रोदय नहीं | 1:08 pm | |
| मंगलवार, 3 नवंबर 2026 | 12:43 am | 1:48 pm | कृष्ण नवमी |
नागपुर का समय, भारतीय समय (IST) में। चंद्रास्त उसी तारीख़ का दिया गया है, इसलिए वह चंद्रोदय से पहले भी हो सकता है।
करवा चौथ 2026: शहरों में चाँद निकलने का समय
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर 1:08 am से 10:11 pm तक (भारतीय समय) रहेगी, और व्रत चंद्रोदय के बाद पूरा होता है।
| शहर | चंद्रोदय (भारतीय समय) |
|---|---|
| दिल्ली | 8:12 pm |
| मुंबई | 8:56 pm |
| कोलकाता | 7:42 pm |
| चेन्नई | 8:40 pm |
| बेंगलुरु | 8:51 pm |
| हैदराबाद | 8:37 pm |
| अहमदाबाद | 8:47 pm |
| पुणे | 8:53 pm |
| जयपुर | 8:23 pm |
| लखनऊ | 8:02 pm |
| चंडीगढ़ | 8:08 pm |
| इंदौर | 8:34 pm |
| भोपाल | 8:26 pm |
| पटना | 7:48 pm |
| नागपुर | 8:25 pm |
करवा चौथ 2027
करवा चौथ 2027 सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को है। चतुर्थी तिथि 18 अक्टूबर 5:53 pm से 19 अक्टूबर 4:43 pm तक (भारतीय समय) रहेगी, और व्रत चंद्रोदय के बाद पूरा होता है।
| शहर | चंद्रोदय (भारतीय समय) |
|---|---|
| दिल्ली | 7:30 pm |
| मुंबई | 8:11 pm |
| कोलकाता | 6:59 pm |
| चेन्नई | 7:53 pm |
| बेंगलुरु | 8:04 pm |
| हैदराबाद | 7:51 pm |
| अहमदाबाद | 8:03 pm |
| पुणे | 8:08 pm |
| जयपुर | 7:40 pm |
| लखनऊ | 7:19 pm |
| चंडीगढ़ | 7:26 pm |
| इंदौर | 7:50 pm |
| भोपाल | 7:43 pm |
| पटना | 7:05 pm |
| नागपुर | 7:40 pm |
करवा चौथ उत्तर भारत के पूर्णिमांत पंचांग में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी को होता है (महाराष्ट्र और गुजरात के अमांत पंचांग में यही आश्विन कृष्ण चतुर्थी है), उस दिन जब चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि हो। चाँद देखकर और अर्घ्य देकर व्रत पूरा किया जाता है। दिए गए समय के कुछ मिनट बाद देखें: पहाड़ियाँ और इमारतें चाँद को तब तक छिपाए रखती हैं जब तक वह थोड़ा ऊपर न आ जाए।
संकष्टी चतुर्थी 2026 और 2027: चंद्रोदय का समय
संकष्टी (संकट) चतुर्थी हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है। यह व्रत गणेश जी के लिए रखा जाता है और चंद्रोदय पर पूरा होता है। माघ में सकट चौथ और कार्तिक में करवा चौथ आती है; मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी अंगारकी कहलाती है।
| तारीख़ | महीना | चतुर्थी | नागपुर में चंद्रोदय |
|---|---|---|---|
| गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 अगली करवा चौथ | कार्तिक कृष्ण अमांत पंचांग में आश्विन | 29 अक्टूबर 1:08 am से 10:11 pm तक | 8:25 pm |
| शुक्रवार, 27 नवंबर 2026 | मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत पंचांग में कार्तिक | 27 नवंबर 9:50 am से 28 नवंबर 6:41 am तक | 8:24 pm |
| शनिवार, 26 दिसंबर 2026 | पौष कृष्ण अमांत पंचांग में मार्गशीर्ष | 26 दिसंबर 8:06 pm से 27 दिसंबर 5:14 pm तक | 8:19 pm |
| सोमवार, 25 जनवरी 2027 सकट चौथ (तिल चौथ) | माघ कृष्ण अमांत पंचांग में पौष | 25 जनवरी 8:11 am से 26 जनवरी 6:01 am तक | 9:06 pm |
| बुधवार, 24 फ़रवरी 2027 | फाल्गुन कृष्ण अमांत पंचांग में माघ | 23 फ़रवरी 9:50 pm से 24 फ़रवरी 8:41 pm तक | 9:42 pm चतुर्थी चंद्रोदय से पहले, 8:41 pm पर समाप्त हो जाती है, इसलिए वह दिन लिया गया है जब सूर्योदय के समय चतुर्थी हो। |
| गुरुवार, 25 मार्च 2027 | चैत्र कृष्ण अमांत पंचांग में फाल्गुन | 25 मार्च 12:39 pm से 26 मार्च 12:45 pm तक | 9:22 pm |
| शनिवार, 24 अप्रैल 2027 | वैशाख कृष्ण अमांत पंचांग में चैत्र | 24 अप्रैल 4:22 am से 25 अप्रैल 5:43 am तक | 9:59 pm |
| रविवार, 23 मई 2027 | ज्येष्ठ कृष्ण अमांत पंचांग में वैशाख | 23 मई 8:43 pm से 24 मई 11:00 pm तक | 9:32 pm दो दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी है; पहला दिन लिया गया है। |
| मंगलवार, 22 जून 2027 अंगारकी संकष्टी | आषाढ़ कृष्ण अमांत पंचांग में ज्येष्ठ | 22 जून 1:08 pm से 23 जून 3:43 pm तक | 9:33 pm |
| गुरुवार, 22 जुलाई 2027 | श्रावण कृष्ण अमांत पंचांग में आषाढ़ | 22 जुलाई 4:48 am से 23 जुलाई 6:57 am तक | 9:13 pm |
| शुक्रवार, 20 अगस्त 2027 | भाद्रपद कृष्ण अमांत पंचांग में श्रावण | 20 अगस्त 6:55 pm से 21 अगस्त 8:06 pm तक | 8:19 pm |
| रविवार, 19 सितंबर 2027 | आश्विन कृष्ण अमांत पंचांग में भाद्रपद | 19 सितंबर 7:10 am से 20 सितंबर 7:09 am तक | 8:09 pm |
| सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 करवा चौथ | कार्तिक कृष्ण अमांत पंचांग में आश्विन | 18 अक्टूबर 5:53 pm से 19 अक्टूबर 4:43 pm तक | 7:40 pm |
| बुधवार, 17 नवंबर 2027 | मार्गशीर्ष कृष्ण अमांत पंचांग में कार्तिक | 17 नवंबर 3:43 am से 18 नवंबर 1:36 am तक | 8:32 pm |
| गुरुवार, 16 दिसंबर 2027 | पौष कृष्ण अमांत पंचांग में मार्गशीर्ष | 16 दिसंबर 1:23 pm से 17 दिसंबर 10:36 am तक | 8:31 pm |
तारीख़ वह दिन है जब चुने गए शहर में चंद्रोदय के समय चतुर्थी तिथि हो। अगर दो दिन चंद्रोदय के समय चतुर्थी हो तो पहला दिन लिया गया है, और किसी भी दिन न हो तो वह दिन जब सूर्योदय के समय चतुर्थी हो। महीने पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार हैं, उनके नीचे अमांत महीना दिया है। समय भारतीय समय (IST) में।
चंद्रोदय का समय कैसे निकाला जाता है
चंद्रोदय वह पल है जब चाँद का ऊपरी किनारा समुद्र तल के खुले क्षितिज पर दिखाई देता है। यहाँ दिए समय astronomy-engine लाइब्रेरी से निकाले गए हैं, चुने गए शहर से दिखने वाली चाँद की स्थिति के आधार पर, पृथ्वी के केंद्र से नहीं (चाँद के लिए सिर्फ़ इसी से समय कुछ मिनट बदल जाता है)। इनमें वायुमंडल के अपवर्तन का भी ध्यान रखा गया है: क्षितिज के पास हवा चाँद की रोशनी को लगभग आधा अंश मोड़ देती है, इसलिए चाँद असल में क्षितिज के ऊपर आने से दो-एक मिनट पहले दिख जाता है। 29 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के लिए इससे 8:12 pm आता है, ठीक वही मिनट जो अमेरिकी नौसेना वेधशाला (US Naval Observatory) की तालिका में है।
हर दिन समय क्यों बदलता है। चाँद एक महीने में पृथ्वी का एक चक्कर लगाता है, यानी रोज़ लगभग 13° पूर्व की ओर, इसलिए वह औसतन हर दिन पिछले दिन से लगभग 50 मिनट देर से निकलता है। पूर्णिमा के आसपास चाँद सूर्यास्त के करीब निकलता है, अमावस्या के आसपास सूर्योदय के करीब, और कृष्ण चतुर्थी को सूर्यास्त के कुछ घंटे बाद। इसीलिए चौथ के व्रत देर शाम खुलते हैं।
शहरों में फ़र्क क्यों। जो शहर ज़्यादा पूर्व में है, वहाँ चाँद पहले निकलता है, देशांतर के हर अंश पर लगभग 4 मिनट। अक्षांश और उस रात चाँद के रास्ते से भी समय आगे-पीछे होता है। पूरे भारत में घड़ी IST की ही चलती है, इसलिए देश के एक छोर से दूसरे छोर तक चंद्रोदय का घड़ी वाला समय एक घंटे या उससे ज़्यादा अलग हो सकता है।
दिन की तिथि के लिए आज की तिथि और पूरा पंचांग देखें, जिसमें राहु काल भी है; सूर्य के लिए आज सूर्योदय और सूर्यास्त देखें; पूर्णिमा और अमावस्या की तारीख़ों के लिए पूर्णिमा और अमावस्या के पेज देखें।
चंद्रोदय से जुड़े सवाल
आज चाँद कितने बजे निकलेगा?
सबसे ऊपर के बॉक्स में नागपुर का, या आपके चुने हुए शहर का, आज का चंद्रोदय मिनट तक दिया है, और तालिका में अगले 7 दिन का। चंद्रोदय रोज़ लगभग 50 मिनट खिसकता है, इसलिए जिस तारीख़ का समय चाहिए, उसी को देखें।
करवा चौथ 2026 पर चाँद कितने बजे निकलेगा?
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है। चाँद दिल्ली में लगभग 8:12 pm, मुंबई में 8:56 pm और नागपुर में 8:25 pm पर निकलेगा (भारतीय समय)। ऊपर की तालिका में 15 शहरों का समय दिया है।
चाँद रोज़ लगभग 50 मिनट देर से क्यों निकलता है?
चाँद अपनी कक्षा में रोज़ लगभग 13° पूर्व की ओर बढ़ जाता है, इसलिए उसे फिर से क्षितिज पर लाने के लिए पृथ्वी को थोड़ा और घूमना पड़ता है। औसतन इसमें लगभग 50 मिनट ज़्यादा लगते हैं, और महीने व मौसम के साथ यह अंतर आधे घंटे से लेकर एक घंटे से ज़्यादा तक बदलता रहता है।
किसी-किसी तारीख़ को चंद्रोदय क्यों नहीं होता?
रोज़ की इसी देरी से महीने में लगभग एक बार चंद्रोदय आधी रात के पार चला जाता है। एक तारीख़ को चाँद आधी रात से कुछ पहले निकलता है और अगला चंद्रोदय आधी रात के बाद, दो तारीख़ आगे होता है। बीच वाली तारीख़ पर चंद्रोदय होता ही नहीं। चंद्रास्त के साथ भी ऐसा होता है।
मेरे शहर में चंद्रोदय का समय अलग क्यों है?
भारत के पूर्वी शहरों में चाँद पश्चिमी शहरों से पहले निकलता है, देशांतर के हर अंश पर लगभग 4 मिनट, इसलिए कोलकाता में चाँद अहमदाबाद से लगभग एक घंटा पहले दिखता है। शहर का अक्षांश और उस रात चाँद भूमध्य रेखा से कितना उत्तर या दक्षिण है, इससे भी समय बदलता है।
संकष्टी चतुर्थी किस दिन रखी जाती है?
उस दिन जब कृष्ण पक्ष की चतुर्थी चंद्रोदय के समय चल रही हो, क्योंकि व्रत चाँद को अर्घ्य देकर खोला जाता है। यहाँ, अगर दो दिन चंद्रोदय पर चतुर्थी हो तो पहला दिन लिया गया है, और किसी भी दिन न हो तो वह दिन जब सूर्योदय पर चतुर्थी हो। परिवारों की परंपरा अलग हो सकती है, इसलिए अपने पंचांग से भी मिला लें।