संक्रांति · Sankranti
संक्रांति 2026: मकर संक्रांति और सभी 12 तारीख़ें
हर संक्रांति वह क्षण है जब सूर्य नई राशि में प्रवेश करते हैं। यहाँ 2026 और 2027 की सभी संक्रांतियाँ हैं, भारतीय समय (IST) में मिनट तक।
मकर संक्रांति 2026: बुधवार, 14 जनवरी 2026, 3:11 pm (IST)।
संक्रांति 2026 की तारीख़ें
| संक्रांति | तारीख़ | समय (IST) | महत्व |
|---|---|---|---|
| मकर संक्रांति | बुधवार, 14 जनवरी 2026 | 3:11 pm | उत्तरायण की शुरुआत। पोंगल, लोहड़ी (एक शाम पहले), पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ इसी से जुड़े हैं। |
| कुंभ संक्रांति | शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026 | 4:12 am | |
| मीन संक्रांति | रविवार, 15 मार्च 2026 | 1:06 am | खरमास फिर शुरू होता है, जो मेष संक्रांति तक रहता है। |
| मेष संक्रांति | मंगलवार, 14 अप्रैल 2026 | 9:37 am | बहुत से क्षेत्रों में सौर नव वर्ष: बैसाखी, विषु, पुथांडु और पोहेला बोइशाख। |
| वृषभ संक्रांति | शुक्रवार, 15 मई 2026 | 6:27 am | |
| मिथुन संक्रांति | सोमवार, 15 जून 2026 | 12:57 pm | |
| कर्क संक्रांति | गुरुवार, 16 जुलाई 2026 | 11:43 pm | दक्षिणायन की शुरुआत, यानी साल का वह आधा भाग जब सूर्य दक्षिण की ओर चलते हैं। |
| सिंह संक्रांति | सोमवार, 17 अगस्त 2026 | 8:02 am | |
| कन्या संक्रांति | गुरुवार, 17 सितंबर 2026 | 7:56 am | इसी दिन विश्वकर्मा पूजा होती है। |
| तुला संक्रांति | शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 | 7:56 pm | |
| वृश्चिक संक्रांति | सोमवार, 16 नवंबर 2026 | 7:46 pm | |
| धनु संक्रांति | बुधवार, 16 दिसंबर 2026 | 10:27 am | खरमास शुरू होता है: बहुत से परिवार मकर संक्रांति तक विवाह और गृह प्रवेश नहीं करते। |
संक्रांति 2027 की तारीख़ें
| संक्रांति | तारीख़ | समय (IST) | महत्व |
|---|---|---|---|
| मकर संक्रांति | गुरुवार, 14 जनवरी 2027 | 9:12 pm | उत्तरायण की शुरुआत। पोंगल, लोहड़ी (एक शाम पहले), पतंग उड़ाना और तिल-गुड़ इसी से जुड़े हैं। |
| कुंभ संक्रांति | शनिवार, 13 फ़रवरी 2027 | 10:11 am | |
| मीन संक्रांति | सोमवार, 15 मार्च 2027 | 7:02 am | खरमास फिर शुरू होता है, जो मेष संक्रांति तक रहता है। |
| मेष संक्रांति | बुधवार, 14 अप्रैल 2027 | 3:30 pm | बहुत से क्षेत्रों में सौर नव वर्ष: बैसाखी, विषु, पुथांडु और पोहेला बोइशाख। |
| वृषभ संक्रांति | शनिवार, 15 मई 2027 | 12:22 pm | |
| मिथुन संक्रांति | मंगलवार, 15 जून 2027 | 6:58 pm | |
| कर्क संक्रांति | शनिवार, 17 जुलाई 2027 | 5:50 am | दक्षिणायन की शुरुआत, यानी साल का वह आधा भाग जब सूर्य दक्षिण की ओर चलते हैं। |
| सिंह संक्रांति | मंगलवार, 17 अगस्त 2027 | 2:15 pm | |
| कन्या संक्रांति | शुक्रवार, 17 सितंबर 2027 | 2:12 pm | इसी दिन विश्वकर्मा पूजा होती है। |
| तुला संक्रांति | सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 | 2:10 am | |
| वृश्चिक संक्रांति | बुधवार, 17 नवंबर 2027 | 2:00 am | |
| धनु संक्रांति | गुरुवार, 16 दिसंबर 2027 | 4:40 pm | खरमास शुरू होता है: बहुत से परिवार मकर संक्रांति तक विवाह और गृह प्रवेश नहीं करते। |
हर निरयण राशि (लाहिड़ी अयनांश) में सूर्य का प्रवेश, astronomy-engine लाइब्रेरी से मिनट तक निकाला गया। जो पंक्ति अभी चल रही है या आगे आने वाली है, वह अलग रंग में दिखती है।
यह भी देखें: सभी ग्रहों का गोचर, पंचांग, और अमावस्या व पूर्णिमा की तारीख़ें।
संक्रांति से जुड़े सवाल
मकर संक्रांति 2026 कब है?
सूर्य बुधवार, 14 जनवरी 2026 को 3:11 pm (IST) पर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। अगर प्रवेश सूर्यास्त के बाद हो, तो बहुत से पंचांग त्योहार और उसका पुण्य काल अगले दिन मानते हैं।
संक्रांति क्या होती है?
वह क्षण जब सूर्य एक निरयण राशि से निकलकर अगली राशि में जाते हैं। साल में 12 संक्रांतियाँ होती हैं, और हर संक्रांति से एक सौर महीना शुरू होता है।
मकर संक्रांति 14 या 15 जनवरी को ही क्यों आती है?
मकर संक्रांति सूर्य के निरयण मकर राशि में प्रवेश से तय होती है। इन वर्षों में यह प्रवेश 14 या 15 जनवरी को होता है, और सदियों के साथ यह तारीख़ धीरे-धीरे आगे खिसकती जाती है।
पुण्य काल क्या होता है?
संक्रांति के आसपास का शुभ समय, जिसमें स्नान, दान और पूजा की जाती है। इसकी अवधि संक्रांति और दिन के समय पर निर्भर करती है, इसलिए अपने शहर के लिए सही समय पूछ लें।