वक्री ग्रह · Vakri grah
वक्री ग्रह 2026 और 2027: वक्री और मार्गी होने की तारीख़ें
बुध, शुक्र, मंगल, गुरु और शनि कब वक्री (उल्टी चाल) होते हैं और कब फिर मार्गी (सीधी चाल), भारतीय समय (IST) में मिनट तक।
27 अक्टूबर 2026 को वक्री: बुध (13 नवंबर 2026 तक), शुक्र (14 नवंबर 2026 तक), शनि (11 दिसंबर 2026 तक)।
बुध वक्री
यह नया काम शुरू करने से ज़्यादा पुराने कामों को दोबारा देखने का समय है: काग़ज़ात, संदेश, यात्रा की योजना और फ़ोन-कंप्यूटर जैसी चीज़ें फिर से जाँच लें, और कोई भी अनुबंध दोबारा पढ़कर ही करें।
| वक्री होने का समय (IST) | मार्गी होने का समय (IST) | राशि | दिन |
|---|---|---|---|
| 26 फ़रवरी 2026, 12:18 pm | 21 मार्च 2026, 1:06 am | कुंभ | 23 |
| 29 जून 2026, 11:07 pm | 24 जुलाई 2026, 4:25 am | कर्क से वापस मिथुन में | 24 |
| 24 अक्टूबर 2026, 12:41 pm | 13 नवंबर 2026, 9:25 pm | तुला | 20 |
| 09 फ़रवरी 2027, 11:05 pm | 03 मार्च 2027, 6:08 pm | कुंभ से वापस मकर में | 22 |
| 10 जून 2027, 11:50 pm | 05 जुलाई 2027, 1:08 am | मिथुन | 24 |
| 07 अक्टूबर 2027, 8:06 pm | 28 अक्टूबर 2027, 7:42 pm | तुला से वापस कन्या में | 21 |
शुक्र वक्री
पुराने रिश्ते और ख़र्च की आदतें फिर से सामने आती हैं। बहुत से लोग इस समय गहने ख़रीदने या नया रिश्ता शुरू करने से बचते हैं।
| वक्री होने का समय (IST) | मार्गी होने का समय (IST) | राशि | दिन |
|---|---|---|---|
| 03 अक्टूबर 2026, 12:39 pm | 14 नवंबर 2026, 5:52 am | तुला से वापस कन्या में | 42 |
मंगल वक्री
ऊर्जा भीतर की ओर मुड़ती है। आम तौर पर बहस से बचने और ज़मीन-जायदाद या ऑपरेशन जैसे फ़ैसले कुछ समय टालने की बात कही जाती है।
| वक्री होने का समय (IST) | मार्गी होने का समय (IST) | राशि | दिन |
|---|---|---|---|
| 10 जनवरी 2027, 6:30 pm | 01 अप्रैल 2027, 7:41 pm | सिंह से वापस कर्क में | 81 |
गुरु (बृहस्पति) वक्री
तरक्की, पढ़ाई और आस्था से जुड़ी योजनाएँ धीमी होकर दोबारा सोचने का मौका देती हैं। यह फैलाव से ज़्यादा सुधार का समय माना जाता है।
| वक्री होने का समय (IST) | मार्गी होने का समय (IST) | राशि | दिन |
|---|---|---|---|
| 11 नवंबर 2025, 10:15 pm | 11 मार्च 2026, 8:57 am | कर्क से वापस मिथुन में | 119 |
| 13 दिसंबर 2026, 6:29 am | 13 अप्रैल 2027, 7:44 am | सिंह से वापस कर्क में | 121 |
शनि वक्री
अधूरे काम और पुरानी ज़िम्मेदारियाँ लौटकर आती हैं। धैर्य और लगातार मेहनत की सलाह दी जाती है।
| वक्री होने का समय (IST) | मार्गी होने का समय (IST) | राशि | दिन |
|---|---|---|---|
| 27 जुलाई 2026, 1:27 am | 11 दिसंबर 2026, 4:53 am | मीन | 137 |
| 09 अगस्त 2027, 11:22 pm | 24 दिसंबर 2027, 8:19 am | मेष से वापस मीन में | 136 |
ग्रह के रुकने (स्तंभन) का समय astronomy-engine लाइब्रेरी से मिनट तक निकाला गया है; राशियाँ निरयण (लाहिड़ी) हैं। जो पंक्ति अभी चल रही है या आगे आने वाली है, वह अलग रंग में दिखती है।
यह भी देखें: ग्रह गोचर और आज ग्रहों की स्थिति।
वक्री ग्रहों से जुड़े सवाल
2026 में बुध कब वक्री होंगे?
26 फ़रवरी 2026, 12:18 pm से 21 मार्च 2026, 1:06 am तक (IST); 29 जून 2026, 11:07 pm से 24 जुलाई 2026, 4:25 am तक (IST); 24 अक्टूबर 2026, 12:41 pm से 13 नवंबर 2026, 9:25 pm तक (IST)।
2026 में शनि कब वक्री होंगे?
27 जुलाई 2026, 1:27 am से 11 दिसंबर 2026, 4:53 am तक (IST)।
वक्री होने का क्या मतलब है?
पृथ्वी से देखने पर कोई ग्रह कुछ समय के लिए राशि चक्र में उल्टा चलता दिखता है, जब पृथ्वी उससे आगे निकलती है या वह पृथ्वी से आगे निकलता है। ग्रह पहले रुकता हुआ दिखता है, फिर पीछे चलता है, फिर दोबारा रुककर आगे बढ़ता है।
क्या राहु और केतु वक्री होते हैं?
हमेशा। उनकी औसत चाल राशि चक्र में उल्टी दिशा में होती है, इसलिए उन्हें यहाँ अलग से नहीं दिखाया गया है।
क्या वक्री ग्रह बुरा होता है?
अपने आप में नहीं। ज्योतिष में वक्री ग्रह को अक्सर बलवान माना जाता है; उसके विषय भीतर की ओर मुड़ते हैं और पुरानी बातें लौटकर आती हैं। आपके लिए उसका असर आपकी कुंडली में उसकी जगह पर निर्भर करता है।
क्या भारतीय और पश्चिमी ज्योतिष में वक्री की तारीख़ें अलग होती हैं?
नहीं। ग्रह एक ही क्षण पर रुकता है, पद्धति कोई भी हो। बस राशि का नाम अलग हो सकता है, क्योंकि भारतीय ज्योतिष निरयण राशि चक्र लेता है।