सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

ग्रह गोचर · वैदिक निरयण

आज ग्रहों की स्थिति: नौ ग्रह किस राशि और नक्षत्र में

नौ ग्रहों की राशि, अंश, नक्षत्र और चरण, कौन से ग्रह वक्री हैं, और हर ग्रह अगली बार कब राशि बदलेगा। किसी और समय की स्थिति देखने के लिए तारीख़ और समय चुनें।

27/10/2026, सुबह 6:00 बजे (IST)

ग्रहराशिअंशनक्षत्र, चरणगतिअगला राशि परिवर्तन
सूर्यतुला9°22′स्वाती 1मार्गीवृश्चिक, 16/11/2026
चंद्रमामेष20°47′भरणी 3मार्गीवृषभ, 27/10/2026 21:07
मंगलकर्क21°50′आश्लेषा 2मार्गीसिंह, 12/11/2026
बुधतुला26°13′विशाखा 2वक्रीवृश्चिक, 02/12/2026
गुरु (बृहस्पति)कर्क29°27′आश्लेषा 4मार्गीसिंह, 31/10/2026
शुक्रतुला4°45′चित्रा 4वक्रीकन्या, 06/11/2026
शनिमीन15°22′उत्तरा भाद्रपद 4वक्रीमेष, 03/06/2027
राहुकुंभ2°05′धनिष्ठा 3सदा वक्रीमकर, 05/12/2026
केतुसिंह2°05′मघा 1सदा वक्रीकर्क, 05/12/2026

किसी और तारीख़ और समय (IST) पर ग्रहों की स्थिति

तालिका कैसे पढ़ें

  • राशि और अंश: ग्रह किस राशि में है और उसमें कितना आगे बढ़ चुका है (0° से 30°)।
  • नक्षत्र और चरण: हर राशि में सवा दो नक्षत्र होते हैं, और हर नक्षत्र के 3°20′ के 4 चरण होते हैं।
  • गति: मार्गी (सीधी चाल) या वक्री (उल्टी चाल)। राहु और केतु हमेशा वक्री रहते हैं।
  • अगला राशि परिवर्तन: ग्रह कब अगली राशि में जाएगा (गोचर)। धीमे ग्रह वक्री होने पर पिछली राशि में लौट भी सकते हैं।

जब तक आप कोई समय न चुनें, स्थिति सुबह 6:00 बजे (IST) की दिखाई जाती है। चंद्रमा एक दिन में लगभग 13° चलता है, इसलिए दिन भर में उसका अंश और नक्षत्र बदलता रहता है; बाकी ग्रह धीरे चलते हैं।

ये स्थितियाँ कहाँ काम आती हैं

दैनिक राशिफल और अंग्रेज़ी का सन साइन राशिफल इन्हीं स्थितियों से पढ़े जाते हैं। आपकी अपनी चंद्र राशि और नक्षत्र आपके जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से निकलते हैं: इन्हें राशि कैलकुलेटर और नक्षत्र कैलकुलेटर से जानें। पूरे साल के राशि परिवर्तन ग्रह गोचर और वक्री ग्रह पेज पर हैं, हर ग्रह का मंत्र, रत्न और उपाय नवग्रह पेजों पर हैं, और बाकी टूल ज्योतिष पेज पर।

ग्रहों की स्थिति से जुड़े सवाल

ये स्थितियाँ किस राशि चक्र से हैं?

भारतीय निरयण राशि चक्र से, लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश के साथ, जिसे ज़्यादातर भारतीय पंचांग लेते हैं। आज अयनांश लगभग 24°14′ है, इसलिए पश्चिमी (सायन) स्थिति निरयण स्थिति में इतना जोड़ने पर मिलती है।

वक्री का क्या मतलब है?

पृथ्वी से देखने पर कोई ग्रह कभी-कभी कुछ हफ़्तों के लिए राशि चक्र में उल्टा चलता दिखता है। ज्योतिष में इसे वक्री कहते हैं। राहु और केतु हमेशा उल्टी दिशा में चलते हैं, इसलिए उन्हें सदा वक्री दिखाया जाता है।

राहु ठीक केतु के सामने क्यों होता है?

राहु और केतु वे दो बिंदु हैं जहाँ चंद्रमा का मार्ग सूर्य के मार्ग को काटता है। ये हमेशा 180° की दूरी पर रहते हैं। यह पेज मध्यम राहु (mean node) लेता है, जो ज़्यादातर छपे पंचांगों का तरीका है।

राशिफल और कुंडली में इनका उपयोग कैसे होता है?

गोचर फल में हर ग्रह का भाव आपकी चंद्र राशि से गिना जाता है। दैनिक राशिफल इन्हीं सटीक स्थितियों से पढ़ा जाता है। आपकी अपनी कुंडली के लिए गोचर को आपके जन्म के समय के ग्रहों के साथ पढ़ा जाता है।

ये स्थितियाँ कितनी सटीक हैं?

ये astronomy-engine लाइब्रेरी से आती हैं, जो एक प्रकाशित खगोलीय मॉडल है और सूर्य, चंद्रमा व ग्रहों के लिए लगभग एक कला (एक डिग्री का साठवाँ भाग) तक सटीक है। राशि परिवर्तनों को मकर संक्रांति, गुरु और शनि के गोचर जैसी प्रकाशित तारीख़ों से मिलाकर जाँचा गया है।