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मोती: किसे पहनना चाहिए और कैसे
मोती नवरत्न में चंद्रमा का रत्न है। इस पेज पर जानें कि मोती क्या है, परंपरा में इसे किन लग्नों के लिए देखा जाता है, इसे आम तौर पर कैसे पहना जाता है, इसका उपरत्न क्या है, प्राकृतिक, कल्चर्ड और नकली मोती को कैसे पहचानें, और इसकी देखभाल कैसे करें।
मोती: मुख्य बातें
| अंग्रेज़ी नाम | पर्ल |
|---|---|
| ग्रह | चंद्र |
| अंक (मूलांक) | 2 |
| रंग | सफ़ेद, क्रीम, हल्का गुलाबी या चाँदी जैसा |
| यह क्या है | जैविक: सीप या शंख जैसे जीव के भीतर बनी नैकर की परतें (ज़्यादातर कैल्शियम कार्बोनेट) |
| कठोरता (मोह्स) | 2.5 से 3 |
| उपरत्न | मूनस्टोन |
| क्रिस्टल | मूनस्टोन, सेलेनाइट, क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक) |
| तेज़ असर वाला रत्न | नहीं, फिर भी कुंडली देखकर ही चुना जाता है |
पहले अपनी कुंडली दिखाएँ
कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं।
मोती क्या है
मोती ज़मीन से निकला खनिज नहीं है। यह सीप जैसे जीव के भीतर बनता है, जो किसी कण पर नैकर की पतली परतें चढ़ाता जाता है। आज बिकने वाले लगभग सभी मोती कल्चर्ड होते हैं, यानी यह प्रक्रिया इंसान ने शुरू की; प्राकृतिक मोती बहुत कम मिलते हैं। दोनों असली मोती हैं, और इनमें सबसे ज़्यादा इनकी चमक देखी जाती है।
परंपरा में मोती किन बातों से जुड़ा है
परंपरा में इसे शांत मन, भावनात्मक संतुलन और पारिवारिक जीवन से जोड़ा जाता है।
- शांत मन और भावनात्मक संतुलन
- माता, घर और पारिवारिक जीवन
- चिंता से कम परेशान होने वाली नींद
- लोगों और जनता से नरमी से पेश आना
ये परंपरा की मान्यताएँ हैं, वादे नहीं। रत्न दवा या आर्थिक सलाह नहीं है, और किसी नतीजे की गारंटी नहीं दी जाती।
परंपरा में मोती किसके लिए सुझाया जाता है
मोती सबसे ज़्यादा तब देखा जाता है जब चंद्रमा लग्नेश हो (कर्क लग्न) या किसी त्रिकोण भाव का स्वामी हो, और कमज़ोर न हो (जैसे अमावस्या के पास)।
ज्योतिष में रत्न कुंडली देखकर चुना जाता है, सिर्फ़ सूर्य राशि या चंद्र राशि से नहीं। आम तौर पर शुरुआत लग्न से होती है: सबसे पहले लग्नेश का रत्न देखा जाता है, फिर 5वें और 9वें भाव (त्रिकोण) के स्वामियों के रत्न। जो ग्रह सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव के स्वामी हों, उन्हें आम तौर पर बल नहीं दिया जाता। नीचे की तालिका यही नियम 12 लग्नों के लिए चंद्र पर लगाती है। यह सिर्फ़ शुरुआत है: रत्न सुझाने से पहले चंद्र की राशि, भाव, बल और चल रही दशा देखी जाती है।
| आपका लग्न | चंद्र किन भावों का स्वामी | परंपरा की राय |
|---|---|---|
| मेष | 4वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| वृषभ | 3वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| मिथुन | 2वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| कर्क | 1वाँ | आम तौर पर देखा जाता है |
| सिंह | 12वाँ | आम तौर पर नहीं पहना जाता |
| कन्या | 11वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| तुला | 10वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| वृश्चिक | 9वाँ | आम तौर पर देखा जाता है |
| धनु | 8वाँ | आम तौर पर नहीं पहना जाता |
| मकर | 7वाँ | कुंडली पर निर्भर |
| कुंभ | 6वाँ | आम तौर पर नहीं पहना जाता |
| मीन | 5वाँ | आम तौर पर देखा जाता है |
लग्न कैलकुलेटर से अपना लग्न जानें
किन्हें सावधान रहना चाहिए
अगर आपके लग्न के लिए चंद्रमा 6वें, 8वें या 12वें भाव का स्वामी हो, तो मोती आम तौर पर नहीं पहना जाता। चंद्रमा मन से जुड़ा है, इसलिए जब कोई उदास या बेचैन महसूस करता हो, तब भी पहले कुंडली देखी जाती है।
मोती के साथ आम तौर पर ये रत्न नहीं पहने जाते: हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया। इस साइट की ग्रह मैत्री तालिका में इनके ग्रहों को आपस में मित्र नहीं माना जाता।
मोती आम तौर पर कैसे पहना जाता है
| धातु | चाँदी |
|---|---|
| उँगली | कनिष्ठा (छोटी उँगली; कुछ परंपराओं में अनामिका) |
| दिन | सोमवार |
| समय | शुक्ल पक्ष में, सुबह या शाम |
| वज़न | 4 से 7 रत्ती |
ये आम तौर पर बताए जाने वाले तरीके हैं, और परंपरा व ज्योतिषी के हिसाब से अलग हो सकते हैं। अपनी कुंडली के साथ मिली सलाह मानें। रत्नों के बाज़ार की रत्ती (पक्की रत्ती) लगभग 0.91 कैरेट होती है; सुनारों की पुरानी रत्ती छोटी, लगभग 0.61 कैरेट होती है, इसलिए पूछ लें कि कौन सी रत्ती की बात है।
उपरत्न और क्रिस्टल
चंद्र के लिए आम तौर पर ये उपरत्न इस्तेमाल होते हैं: मूनस्टोन। इन्हें मोती से सौम्य माना जाता है, और जब मुख्य रत्न की सलाह न हो तब अक्सर इन्हें सुझाया जाता है। चंद्र के लिए अक्सर चुने जाने वाले क्रिस्टल: मूनस्टोन, सेलेनाइट और क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक)।
चंद्र के लिए मूनस्टोन सबसे आम क्रिस्टल है। इसे अक्सर सिरहाने के पास रखा जाता है या पेंडेंट की तरह पहना जाता है।
प्राकृतिक, ट्रीटेड या नकली?
- पूछें कि मोती प्राकृतिक है या कल्चर्ड। दोनों असली मोती हैं, और रिपोर्ट में यह लिखा होना चाहिए।
- नकली मोती काँच या प्लास्टिक के मनके होते हैं जिन पर चमकदार परत चढ़ी होती है। समय के साथ छेद के पास यह परत उतरने लगती है।
- कई मोती रंग सुधारने के लिए ब्लीच या रंगे जाते हैं। रिपोर्ट में यह ट्रीटमेंट लिखा होता है।
- प्राकृतिक और कल्चर्ड मोती का फ़र्क भरोसे से सिर्फ़ लैब में एक्स-रे जाँच से पता चलता है।
घर पर की जाने वाली जाँचें (पानी, आग, खरोंच, रगड़ना) भरोसे लायक नहीं हैं, और कुछ से पत्थर खराब भी हो जाता है। किसी स्वतंत्र रत्न जाँच लैब की रिपोर्ट के साथ ही खरीदें, जिसमें पत्थर का नाम हो, लिखा हो कि वह प्राकृतिक है या लैब में बना, और हर ट्रीटमेंट का ज़िक्र हो। रिपोर्ट रत्न के साथ सँभालकर रखें।
मोती की देखभाल
- मोती सबसे आख़िर में पहनें, परफ़्यूम, हेयर स्प्रे और क्रीम के बाद, और उतारें सबसे पहले।
- पहनने के बाद हल्के गीले नरम कपड़े से पोंछ लें। साबुन, केमिकल या अल्ट्रासोनिक क्लीनर का इस्तेमाल न करें।
- इसे नरम थैली में बाकी सख़्त पत्थरों से अलग रखें, और लंबे समय तक बंद प्लास्टिक की थैली में न रखें।
- भारी काम, बागवानी, केमिकल से सफ़ाई और तैराकी के समय अँगूठी उतार दें।
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मोती से जुड़े सवाल
मोती किसे पहनना चाहिए?
मोती चंद्र का रत्न है। लग्न के आम नियम से इसे कर्क, वृश्चिक और मीन लग्न के लिए देखा जाता है, जहाँ चंद्र 1ले, 5वें या 9वें भाव का स्वामी है, और सिंह, धनु और कुंभ लग्न के लिए आम तौर पर नहीं पहना जाता, जहाँ वह सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव का स्वामी है। आख़िरी फ़ैसला आपकी कुंडली में चंद्र के बल और स्थिति से होता है।
मोती किस उँगली में और किस धातु में पहनते हैं?
मोती आम तौर पर चाँदी में जड़वाकर कनिष्ठा (छोटी उँगली; कुछ परंपराओं में अनामिका) में, सोमवार को शुक्ल पक्ष में, सुबह या शाम पहना जाता है। ये आम तौर पर बताए जाने वाले तरीके हैं और परंपरा के हिसाब से अलग हो सकते हैं; अपनी कुंडली के साथ मिली सलाह मानें।
मोती की जगह क्या पहन सकते हैं?
मोती का आम उपरत्न मूनस्टोन है। चंद्र के लिए अक्सर चुने जाने वाले क्रिस्टल मूनस्टोन, सेलेनाइट और क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक) हैं। क्रिस्टल किसी इरादे की याद के रूप में घर या काम की जगह पर रखे जाते हैं, और जब रत्न की सलाह न हो तब ये सौम्य विकल्प हैं।
कैसे पता करें कि मोती असली है?
पक्के तौर पर सिर्फ़ रत्न जाँच लैब बता सकती है। मोती किसी स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट के साथ खरीदें, जिसमें पत्थर का नाम हो, लिखा हो कि वह प्राकृतिक है या लैब में बना, और हर ट्रीटमेंट का ज़िक्र हो। घर की जाँचें भरोसे लायक नहीं हैं और कुछ से पत्थर खराब हो सकता है।
क्या मूनस्टोन मोती की जगह पहन सकते हैं?
मूनस्टोन चंद्रमा का आम उपरत्न है, और क्रिस्टल के रूप में भी यही सबसे ज़्यादा चुना जाता है। इसे मोती से सौम्य माना जाता है, और जब रत्न की सलाह न हो तब अक्सर यही सुझाया जाता है।