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उपरत्न · शुक्र

ओपल: किसे पहनना चाहिए और कैसे

ओपल नवरत्न के नौ रत्नों में नहीं है। यह शुक्र का उपरत्न है, जिसे आम तौर पर हीरे की जगह पहना जाता है। इस पेज पर जानें कि ओपल क्या है, परंपरा में शुक्र के रत्न किन लग्नों के लिए देखे जाते हैं, ओपल आम तौर पर कैसे पहना जाता है, डबलेट और लैब में बने ओपल को कैसे पहचानें, और इसकी देखभाल कैसे करें।

ओपल: मुख्य बातें

अंग्रेज़ी नामOpal
ग्रहशुक्र
किसका उपरत्नहीरा या सफ़ेद पुखराज
अंक (मूलांक)6
रंगसफ़ेद या गहरी पृष्ठभूमि पर इंद्रधनुष जैसे रंगों की झलक (प्ले ऑफ़ कलर); फ़ायर ओपल नारंगी होता है
यह क्या हैपानी वाला सिलिका (सिलिकॉन डाइऑक्साइड और पानी), जिसमें क्रिस्टल की बनावट नहीं होती
कठोरता (मोह्स)5 से 6.5
उपरत्नसफ़ेद ज़िरकॉन
क्रिस्टलरोज़ क्वार्ट्ज़, क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक), ओपल

पहले अपनी कुंडली दिखाएँ

कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं।

ओपल क्या है

ओपल ऐसा सिलिका है जिसके भीतर थोड़ा पानी होता है। कीमती ओपल में हिलाने पर रंगों की बदलती झलक दिखती है, जिसे प्ले ऑफ़ कलर कहते हैं। यह हीरे या नीलम से बहुत नरम है और इसे सँभालकर रखना पड़ता है।

परंपरा में ओपल किन बातों से जुड़ा है

परंपरा में इसे प्रेम, सुख-सुविधा, सुंदरता और घर के मेल-जोल से जोड़ा जाता है।

  • प्रेम, विवाह और साझेदारी
  • सुख-सुविधा, सुंदरता और अच्छा घर
  • कला, संगीत और डिज़ाइन
  • हीरे की तुलना में शुक्र को सौम्य सहारा

ये परंपरा की मान्यताएँ हैं, वादे नहीं। रत्न दवा या आर्थिक सलाह नहीं है, और किसी नतीजे की गारंटी नहीं दी जाती।

परंपरा में ओपल किसके लिए सुझाया जाता है

ओपल शुक्र के हिसाब से चलता है। इसे सबसे ज़्यादा तब देखा जाता है जब शुक्र लग्नेश हो (वृषभ या तुला लग्न) या किसी त्रिकोण भाव का स्वामी हो, खास तौर पर जब हीरा ठीक न हो।

ज्योतिष में रत्न कुंडली देखकर चुना जाता है, सिर्फ़ सूर्य राशि या चंद्र राशि से नहीं। आम तौर पर शुरुआत लग्न से होती है: सबसे पहले लग्नेश का रत्न देखा जाता है, फिर 5वें और 9वें भाव (त्रिकोण) के स्वामियों के रत्न। जो ग्रह सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव के स्वामी हों, उन्हें आम तौर पर बल नहीं दिया जाता। नीचे की तालिका यही नियम 12 लग्नों के लिए शुक्र पर लगाती है। यह सिर्फ़ शुरुआत है: रत्न सुझाने से पहले शुक्र की राशि, भाव, बल और चल रही दशा देखी जाती है।

आपका लग्नशुक्र किन भावों का स्वामीपरंपरा की राय
मेष2वाँ, 7वाँकुंडली पर निर्भर
वृषभ1वाँ, 6वाँआम तौर पर देखा जाता है
मिथुन5वाँ, 12वाँआम तौर पर देखा जाता है
कर्क4वाँ, 11वाँकुंडली पर निर्भर
सिंह3वाँ, 10वाँकुंडली पर निर्भर
कन्या2वाँ, 9वाँआम तौर पर देखा जाता है
तुला1वाँ, 8वाँआम तौर पर देखा जाता है
वृश्चिक7वाँ, 12वाँआम तौर पर नहीं पहना जाता
धनु6वाँ, 11वाँआम तौर पर नहीं पहना जाता
मकर5वाँ, 10वाँआम तौर पर देखा जाता है
कुंभ4वाँ, 9वाँआम तौर पर देखा जाता है
मीन3वाँ, 8वाँआम तौर पर नहीं पहना जाता

लग्न कैलकुलेटर से अपना लग्न जानें

किन्हें सावधान रहना चाहिए

हीरे की तरह, जब शुक्र आपके लग्न के लिए सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव का स्वामी हो, तो ओपल भी आम तौर पर नहीं पहना जाता। उपरत्न होने से यह सौम्य हो जाता है, सबके लिए ठीक नहीं।

ओपल के साथ आम तौर पर ये रत्न नहीं पहने जाते: माणिक्य, मोती और पुखराज। इस साइट की ग्रह मैत्री तालिका में इनके ग्रहों को आपस में मित्र नहीं माना जाता।

ओपल आम तौर पर कैसे पहना जाता है

धातुचाँदी, व्हाइट गोल्ड या प्लैटिनम
उँगलीअनामिका या मध्यमा (कुछ परंपराओं में तर्जनी)
दिनशुक्रवार
समयशुक्ल पक्ष में, सुबह
वज़न3 से 7 कैरेट

ये आम तौर पर बताए जाने वाले तरीके हैं, और परंपरा व ज्योतिषी के हिसाब से अलग हो सकते हैं। अपनी कुंडली के साथ मिली सलाह मानें। रत्नों के बाज़ार की रत्ती (पक्की रत्ती) लगभग 0.91 कैरेट होती है; सुनारों की पुरानी रत्ती छोटी, लगभग 0.61 कैरेट होती है, इसलिए पूछ लें कि कौन सी रत्ती की बात है।

उपरत्न और क्रिस्टल

शुक्र का मुख्य रत्न हीरा या सफ़ेद पुखराज है। इस साइट पर शुक्र के उपरत्न सफ़ेद ज़िरकॉन दिए गए हैं, और अक्सर चुने जाने वाले क्रिस्टल रोज़ क्वार्ट्ज़, क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक) और ओपल हैं।

रिश्तों में मेल-जोल के लिए रोज़ क्वार्ट्ज़ अक्सर बेडरूम में या घर के दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) में रखा जाता है।

प्राकृतिक, ट्रीटेड या नकली?

  • डबलेट और ट्रिपलेट में ओपल की पतली परत किसी आधार पर चिपकाई जाती है, कभी ऊपर साफ़ परत के साथ। किनारे पर सीधी जोड़ की लाइन देखें।
  • लैब में बने ओपल में अक्सर बहुत नियमित पैटर्न दिखता है, साँप की खाल या खंभों जैसा।
  • प्लास्टिक और काँच की नकल हल्की होती है या उसमें बुलबुले दिखते हैं। कुछ ओपल धुएँ या शक्कर के ट्रीटमेंट से गहरे किए जाते हैं।

घर पर की जाने वाली जाँचें (पानी, आग, खरोंच, रगड़ना) भरोसे लायक नहीं हैं, और कुछ से पत्थर खराब भी हो जाता है। किसी स्वतंत्र रत्न जाँच लैब की रिपोर्ट के साथ ही खरीदें, जिसमें पत्थर का नाम हो, लिखा हो कि वह प्राकृतिक है या लैब में बना, और हर ट्रीटमेंट का ज़िक्र हो। रिपोर्ट रत्न के साथ सँभालकर रखें।

ओपल की देखभाल

  • ओपल को गर्मी, बहुत सूखी जगह और अचानक गर्म-ठंडे से बचाएँ, इनसे इसमें दरार आ सकती है।
  • नरम गीले कपड़े से पोंछें। डबलेट या ट्रिपलेट को कभी पानी में न भिगोएँ, और अल्ट्रासोनिक या भाप वाले क्लीनर का इस्तेमाल न करें।
  • इसे नरम थैली में अलग रखें, क्योंकि इस पर आसानी से खरोंच आती है।
  • भारी काम, बागवानी, केमिकल से सफ़ाई और तैराकी के समय अँगूठी उतार दें।

और जानें

दूसरे नवरत्न

ओपल से जुड़े सवाल

ओपल किसे पहनना चाहिए?

ओपल शुक्र का रत्न है। लग्न के आम नियम से इसे वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला, मकर और कुंभ लग्न के लिए देखा जाता है, जहाँ शुक्र 1ले, 5वें या 9वें भाव का स्वामी है, और वृश्चिक, धनु और मीन लग्न के लिए आम तौर पर नहीं पहना जाता, जहाँ वह सिर्फ़ 6वें, 8वें या 12वें भाव का स्वामी है। आख़िरी फ़ैसला आपकी कुंडली में शुक्र के बल और स्थिति से होता है।

ओपल किस उँगली में और किस धातु में पहनते हैं?

ओपल आम तौर पर चाँदी, व्हाइट गोल्ड या प्लैटिनम में जड़वाकर अनामिका या मध्यमा (कुछ परंपराओं में तर्जनी) में, शुक्रवार को शुक्ल पक्ष में, सुबह पहना जाता है। ये आम तौर पर बताए जाने वाले तरीके हैं और परंपरा के हिसाब से अलग हो सकते हैं; अपनी कुंडली के साथ मिली सलाह मानें।

ओपल की जगह क्या पहन सकते हैं?

शुक्र का मुख्य रत्न हीरा या सफ़ेद पुखराज है। इस साइट पर शुक्र के उपरत्न ओपल और सफ़ेद ज़िरकॉन दिए गए हैं, और अक्सर चुने जाने वाले क्रिस्टल रोज़ क्वार्ट्ज़, क्लियर क्वार्ट्ज़ (स्फटिक) और ओपल हैं।

कैसे पता करें कि ओपल असली है?

पक्के तौर पर सिर्फ़ रत्न जाँच लैब बता सकती है। ओपल किसी स्वतंत्र लैब की रिपोर्ट के साथ खरीदें, जिसमें पत्थर का नाम हो, लिखा हो कि वह प्राकृतिक है या लैब में बना, और हर ट्रीटमेंट का ज़िक्र हो। घर की जाँचें भरोसे लायक नहीं हैं और कुछ से पत्थर खराब हो सकता है।

क्या ओपल नवरत्न में है?

नहीं। नवरत्न के नौ रत्न हैं: माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद और लहसुनिया। ओपल शुक्र का उपरत्न है, जिसे हीरे की जगह पहना जाता है।