नक्षत्र 5 · Mrigashira Nakshatra
मृगशिरा नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
मृगशिरा नक्षत्र निरयण राशिचक्र में वृषभ 23°20′ से मिथुन 6°40′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह मंगल है, देवता सोम हैं और प्रतीक हिरण का सिर है।
मृगशिरा नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 5 |
|---|---|
| विस्तार | वृषभ 23°20′ से मिथुन 6°40′ |
| राशि | वृषभ, मिथुन |
| स्वामी ग्रह | मंगल |
| देवता | सोम, यानी चंद्रमा |
| प्रतीक | हिरण का सिर |
| नाम का अर्थ | हिरण का सिर |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | मृदु (कोमल, मैत्रीपूर्ण) |
| गण | देव |
| योनि | सर्प (साँप) |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| वृक्ष | खैर (कत्थे का पेड़) |
मृगशिरा नक्षत्र का स्वभाव
मृगशिरा में जन्मे लोग अक्सर जिज्ञासु, कोमल और हमेशा कुछ नया खोजते रहने वाले बताए जाते हैं। अपने प्रतीक हिरण की तरह वे सजग रहते हैं, माहौल को जल्दी भाँप लेते हैं और नए विचारों, जगहों और लोगों को जानकर ख़ुश होते हैं।
यह बेचैन खोज उन्हें अस्थिर बना सकती है, या अपने फ़ैसले पर जल्दी शक करा सकती है। थोड़ी नियमित दिनचर्या उन्हें, जो पास है उसका आनंद लेने में मदद करती है।
मृगशिरा से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: शोध और लेखन, यात्रा और पर्यटन, कपड़ा और फ़ैशन, अध्यापन।
मृगशिरा नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 23°20′ से 26°40′ | वृषभ | सिंह | वे Ve |
| 2 | 26°40′ से 30°00′ | वृषभ | कन्या | वो Vo |
| 3 | 0°00′ से 3°20′ | मिथुन | तुला | का Ka |
| 4 | 3°20′ से 6°40′ | मिथुन | वृश्चिक | की Ki |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: वृषभ राशि और मिथुन राशि।
मृगशिरा नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा मृगशिरा नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- नए कपड़े या गहने पहनना
- संगीत, नृत्य और कलाएँ
- दोस्तों से मिलना और नए संपर्क बनाना
- त्योहार और उत्सव
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
मृगशिरा नक्षत्र से जुड़े सवाल
मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
मंगल। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा मृगशिरा में हो, उनका जीवन मंगल की महादशा से शुरू होता है।
मृगशिरा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से वे, वो, का, की। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
मृगशिरा नक्षत्र किस राशि में है?
यह दो राशियों में फैला है: चरण 1 वृषभ में, चरण 2 वृषभ में, चरण 3 मिथुन में, चरण 4 मिथुन में।
क्या मृगशिरा शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। मृगशिरा एक मृदु नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे नए कपड़े या गहने पहनना, और संगीत, नृत्य और कलाएँ। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।