सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

नक्षत्र 19 · Mula Nakshatra

मूल नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण

मूल नक्षत्र निरयण राशिचक्र में धनु 0°00′ से 13°20′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह केतु है, देवता निर्ऋति हैं और प्रतीक एक साथ बँधी जड़ों का गुच्छा है।

मूल नक्षत्र एक नज़र में

क्रम27 में से 19
विस्तारधनु 0°00′ से 13°20′
राशिधनु
स्वामी ग्रहकेतु
देवतानिर्ऋति, विघटन की देवी
प्रतीकएक साथ बँधी जड़ों का गुच्छा
नाम का अर्थजड़
स्वभाव (मुहूर्त वर्ग)तीक्ष्ण (धारदार)
गणराक्षस
योनिश्वान (कुत्ता)
नाड़ीआदि (वात)
वृक्षसाल

मूल नक्षत्र का स्वभाव

मूल में जन्मे लोग अक्सर जिज्ञासु और हर बात की जड़ तक पहुँचने को उत्सुक बताए जाते हैं। वे सवाल करते हैं, गहराई में उतरते हैं, और अक्सर शोध, दर्शन और आध्यात्मिक अध्ययन की ओर खिंचते हैं।

उनके जीवन में नई शुरुआतें आ सकती हैं, और आम तौर पर वे उनसे और समझदार होकर निकलते हैं। धीमे नतीजों के साथ धैर्य रखना उन्हें अपनी सीख पर धीरे-धीरे आगे बढ़ने में मदद करता है।

मूल से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: शोध और जाँच, दर्शन और अध्यापन, वनस्पति विज्ञान और कृषि, क़ानून।

मूल नक्षत्र के चार चरण

चरणविस्तारराशिनवांशनाम का अक्षर
10°00′ से 3°20′धनुमेषये Ye
23°20′ से 6°40′धनुवृषभयो Yo
36°40′ से 10°00′धनुमिथुनभा Bha
410°00′ से 13°20′धनुकर्कभी Bhi

हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: धनु राशि।

मूल नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है

जिस दिन चंद्रमा मूल नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:

  • जो अब काम का नहीं, उसे हटाना
  • कोई पुरानी आदत छोड़ना
  • गहरा शोध या जाँच-पड़ताल
  • पशुओं को प्रशिक्षण देना

आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।

← ज्येष्ठा · सभी 27 नक्षत्र · पूर्वाषाढ़ा →

स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।

मूल नक्षत्र से जुड़े सवाल

मूल नक्षत्र का स्वामी कौन है?

केतु। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा मूल में हो, उनका जीवन केतु की महादशा से शुरू होता है।

मूल नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?

चारों चरणों के लिए क्रम से ये, यो, भा, भी। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।

मूल नक्षत्र किस राशि में है?

इसके चारों चरण धनु राशि में हैं।

क्या मूल शुभ नक्षत्र है?

हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। मूल एक तीक्ष्ण नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे जो अब काम का नहीं, उसे हटाना, और कोई पुरानी आदत छोड़ना। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।

मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?

जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।