नक्षत्र 7 · Punarvasu Nakshatra
पुनर्वसु नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
पुनर्वसु नक्षत्र निरयण राशिचक्र में मिथुन 20°00′ से कर्क 3°20′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह गुरु है, देवता अदिति हैं और प्रतीक बाणों से भरा तरकश है।
पुनर्वसु नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 7 |
|---|---|
| विस्तार | मिथुन 20°00′ से कर्क 3°20′ |
| राशि | मिथुन, कर्क |
| स्वामी ग्रह | गुरु |
| देवता | अदिति, देवताओं की माता |
| प्रतीक | बाणों से भरा तरकश |
| नाम का अर्थ | फिर से शुभ, या प्रकाश का लौटना |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | चर (चलायमान) |
| गण | देव |
| योनि | मार्जार (बिल्ली) |
| नाड़ी | आदि (वात) |
| वृक्ष | बांस |
पुनर्वसु नक्षत्र का स्वभाव
पुनर्वसु में जन्मे लोग अक्सर दयालु, आशावान और क्षमा करने वाले बताए जाते हैं। अपने नाम की तरह वे मुश्किलों के बाद फिर सँभल जाते हैं, जिन बातों को महत्व देते हैं उनकी ओर लौट आते हैं और दूसरों को अपनापन महसूस कराते हैं।
वे थोड़े में संतुष्ट रहते हैं और कभी-कभी ज़रूरत से ज़्यादा भरोसा करने वाले या बेफ़िक्र हो सकते हैं। थोड़ी ज़्यादा योजना उनके उदार स्वभाव को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद करती है।
पुनर्वसु से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: अध्यापन, लेखन और प्रकाशन, यात्रा और पर्यटन, समाज सेवा।
पुनर्वसु नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 20°00′ से 23°20′ | मिथुन | मेष | के Ke |
| 2 | 23°20′ से 26°40′ | मिथुन | वृषभ | को Ko |
| 3 | 26°40′ से 30°00′ | मिथुन | मिथुन | हा Ha |
| 4 | 0°00′ से 3°20′ | कर्क | कर्क | ही Hi |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: मिथुन राशि और कर्क राशि।
पुनर्वसु नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- यात्रा शुरू करना
- वाहन ख़रीदना
- बागवानी
- ऐसे काम जिनमें यात्रा या आना-जाना हो
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
पुनर्वसु नक्षत्र से जुड़े सवाल
पुनर्वसु नक्षत्र का स्वामी कौन है?
गुरु। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा पुनर्वसु में हो, उनका जीवन गुरु की महादशा से शुरू होता है।
पुनर्वसु नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से के, को, हा, ही। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
पुनर्वसु नक्षत्र किस राशि में है?
यह दो राशियों में फैला है: चरण 1 मिथुन में, चरण 2 मिथुन में, चरण 3 मिथुन में, चरण 4 कर्क में।
क्या पुनर्वसु शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। पुनर्वसु एक चर नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे यात्रा शुरू करना, और वाहन ख़रीदना। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।