नक्षत्र 16 · Vishakha Nakshatra
विशाखा नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
विशाखा नक्षत्र निरयण राशिचक्र में तुला 20°00′ से वृश्चिक 3°20′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह गुरु है, देवता इंद्र और अग्नि (इंद्राग्नि) हैं और प्रतीक सजा हुआ तोरण द्वार है।
विशाखा नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 16 |
|---|---|
| विस्तार | तुला 20°00′ से वृश्चिक 3°20′ |
| राशि | तुला, वृश्चिक |
| स्वामी ग्रह | गुरु |
| देवता | इंद्र और अग्नि (इंद्राग्नि) |
| प्रतीक | सजा हुआ तोरण द्वार |
| नाम का अर्थ | दो शाखाओं वाली |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | मिश्र (मिला-जुला) |
| गण | राक्षस |
| योनि | व्याघ्र (बाघ) |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| वृक्ष | कैथ |
विशाखा नक्षत्र का स्वभाव
विशाखा में जन्मे लोग अक्सर दृढ़ निश्चयी, एकाग्र और किसी साफ़ लक्ष्य से प्रेरित बताए जाते हैं। वे कड़ी मेहनत करते हैं और तब तक लगे रहते हैं, जब तक जो ठाना है वह पा न लें।
तेज़ महत्वाकांक्षा उन्हें अधीर या होड़ करने वाला बना सकती है। छोटे-छोटे कदमों की ख़ुशी मनाना, और रास्ते में मदद करने वालों की क़द्र करना, उनकी लगन को संतुलित रखता है।
विशाखा से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: शोध, राजनीति और सार्वजनिक जीवन, कारोबार, अध्यापन।
विशाखा नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 20°00′ से 23°20′ | तुला | मेष | ती Ti |
| 2 | 23°20′ से 26°40′ | तुला | वृषभ | तू Tu |
| 3 | 26°40′ से 30°00′ | तुला | मिथुन | ते Te |
| 4 | 0°00′ से 3°20′ | वृश्चिक | कर्क | तो To |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: तुला राशि और वृश्चिक राशि।
विशाखा नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा विशाखा नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- रोज़मर्रा के नियमित काम
- हवन या अग्नि से जुड़ा कोई और काम
- धातु का काम और शिल्प
- ऐसे काम जिनमें मेहनत और सावधानी दोनों लगें
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
विशाखा नक्षत्र से जुड़े सवाल
विशाखा नक्षत्र का स्वामी कौन है?
गुरु। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा विशाखा में हो, उनका जीवन गुरु की महादशा से शुरू होता है।
विशाखा नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से ती, तू, ते, तो। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
विशाखा नक्षत्र किस राशि में है?
यह दो राशियों में फैला है: चरण 1 तुला में, चरण 2 तुला में, चरण 3 तुला में, चरण 4 वृश्चिक में।
क्या विशाखा शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। विशाखा एक मिश्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे रोज़मर्रा के नियमित काम, और हवन या अग्नि से जुड़ा कोई और काम। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।