सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

तमिल कैलेंडर · सौर

तमिल कैलेंडर 2027

तमिल कैलेंडर सौर कैलेंडर है: सूर्य जब अगली निरयण राशि में जाता है, तब नया महीना शुरू होता है। वर्ष अप्रैल के बीच चित्तिरै माह से शुरू होता है, और हर वर्ष का अपना नाम होता है, जो 60 वर्षों के चक्र से आता है।

तमिल त्योहार 2027

2027 के मुख्य त्योहार, Chennai की गणना से। तारीख पर क्लिक करके उस महीने का पूरा कैलेंडर देखें।

तारीखत्योहार
15 जनवरी, शुक्रमकर संक्रांति
15 जनवरी, शुक्रपोंगल
23 जनवरी, शनिथाईपूसम
6 मार्च, शनिमहाशिवरात्रि
14 अप्रैल, बुधपुथांडु (तमिल नव वर्ष)
15 अप्रैल, गुरुराम नवमी
9 मई, रविअक्षय तृतीया
18 जुलाई, रविगुरु पूर्णिमा
25 अगस्त, बुधकृष्ण जन्माष्टमी
4 सितंबर, शनिगणेश चतुर्थी
30 सितंबर, गुरुशारदीय नवरात्रि आरंभ
7 अक्टूबर, गुरुदुर्गा अष्टमी
9 अक्टूबर, शनिदशहरा (विजयादशमी)
29 अक्टूबर, शुक्रदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
14 नवंबर, रविकार्तिक पूर्णिमा
12 दिसंबर, रविकार्तिगई दीपम

हर बड़े त्योहार की तिथि, मुहूर्त और दिन: हिंदू त्योहार 2026 और 2027।

2027 के महीने

जनवरी 2027मार्गळि (மார்கழி) · तै (தை)पूर्णिमा: 22 · अमावस्या: 7मकर संक्रांति, पोंगल, थाईपूसमफ़रवरी 2027तै (தை) · मासी (மாசி)पूर्णिमा: – · अमावस्या: 6मार्च 2027मासी (மாசி) · पंगुनी (பங்குனி)पूर्णिमा: 22 · अमावस्या: 8महाशिवरात्रिअप्रैल 2027पंगुनी (பங்குனி) · चित्तिरै (சித்திரை)पूर्णिमा: 20 · अमावस्या: 6पुथांडु (तमिल नव वर्ष), राम नवमीमई 2027चित्तिरै (சித்திரை) · वैकासी (வைகாசி)पूर्णिमा: 20 · अमावस्या: 6अक्षय तृतीयाजून 2027वैकासी (வைகாசி) · आनी (ஆனி)पूर्णिमा: 18, 19 · अमावस्या: 4जुलाई 2027आनी (ஆனி) · आडी (ஆடி)पूर्णिमा: 18 · अमावस्या: 4गुरु पूर्णिमाअगस्त 2027आडी (ஆடி) · आवणी (ஆவணி)पूर्णिमा: 17 · अमावस्या: 2, 31कृष्ण जन्माष्टमीसितंबर 2027आवणी (ஆவணி) · पुरट्टासी (புரட்டாசி)पूर्णिमा: 15 · अमावस्या: 30गणेश चतुर्थी, शारदीय नवरात्रि आरंभअक्टूबर 2027पुरट्टासी (புரட்டாசி) · ऐप्पसी (ஐப்பசி)पूर्णिमा: 15 · अमावस्या: 29दुर्गा अष्टमी, दशहरा (विजयादशमी), दीपावली (लक्ष्मी पूजा)नवंबर 2027ऐप्पसी (ஐப்பசி) · कार्तिगै (கார்த்திகை)पूर्णिमा: 14 · अमावस्या: 28कार्तिक पूर्णिमादिसंबर 2027कार्तिगै (கார்த்திகை) · मार्गळि (மார்கழி)पूर्णिमा: 13 · अमावस्या: 27कार्तिगई दीपम

तमिल कैलेंडर 2026 →

तमिल कैलेंडर कैसे चलता है

जिस दिन संक्रांति हो, अगर सूर्य सूर्यास्त से पहले राशि बदल ले तो उसी दिन से महीना शुरू होता है; सूर्यास्त के बाद बदले तो अगले दिन से। इसी वजह से तमिल महीने 29 से 32 दिन तक के होते हैं। दीपावली और विनायक चतुर्थी जैसे त्योहार चंद्रमा की तिथि से तय होते हैं, जबकि तै पोंगल (थाई पोंगल) और पुथांडु सूर्य से।

तमिल नववर्ष पुथांडु चित्तिरै माह का पहला दिन है, जब अप्रैल के बीच सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है।

#महीनाTamilसूर्य की राशि
1चित्तिरैசித்திரைमेष
2वैकासीவைகாசிवृषभ
3आनीஆனிमिथुन
4आडीஆடிकर्क
5आवणीஆவணிसिंह
6पुरट्टासीபுரட்டாசிकन्या
7ऐप्पसीஐப்பசிतुला
8कार्तिगैகார்த்திகைवृश्चिक
9मार्गळिமார்கழிधनु
10तैதைमकर
11मासीமாசிकुंभ
12पंगुनीபங்குனிमीन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।

तमिल कैलेंडर के बारे में सवाल

2027 में तमिल नव वर्ष कब है?

14 अप्रैल 2027 को (पुथांडु (तमिल नव वर्ष))। तमिल नववर्ष पुथांडु चित्तिरै माह का पहला दिन है, जब अप्रैल के बीच सूर्य मेष राशि में प्रवेश करता है।

तमिल कैलेंडर के महीने कौन से हैं?

चित्तिरै, वैकासी, आनी, आडी, आवणी, पुरट्टासी, ऐप्पसी, कार्तिगै, मार्गळि, तै, मासी, पंगुनी।

क्या तमिल कैलेंडर सौर है या चंद्र?

सौर: हर महीना तब शुरू होता है जब सूर्य अगली राशि में जाता है। जिस दिन संक्रांति हो, अगर सूर्य सूर्यास्त से पहले राशि बदल ले तो उसी दिन से महीना शुरू होता है; सूर्यास्त के बाद बदले तो अगले दिन से। इसी वजह से तमिल महीने 29 से 32 दिन तक के होते हैं। दीपावली और विनायक चतुर्थी जैसे त्योहार चंद्रमा की तिथि से तय होते हैं, जबकि तै पोंगल (थाई पोंगल) और पुथांडु सूर्य से।

ये समय किस शहर के हैं?

सूर्योदय, सूर्यास्त और दिन की तिथि Chennai के लिए निकाली गई है, समय IST में हैं। दूसरे शहरों में सूर्योदय कुछ मिनट आगे-पीछे होता है, और कभी-कभी सूर्योदय पर चल रही तिथि भी बदल सकती है।

कोई त्योहार मेरे स्थानीय पंचांग से एक दिन अलग क्यों दिख सकता है?

हर त्योहार उस दिन मनाया जाता है जब उसकी तिथि दिन के एक तय समय पर चल रही हो (जैसे सूर्योदय, दोपहर या प्रदोष)। परंपराओं के नियम थोड़े अलग होते हैं, इसलिए अपने परिवार की परंपरा या पुरोहित से पुष्टि कर लें।