नक्षत्र 1 · Ashwini Nakshatra
अश्विनी नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
अश्विनी नक्षत्र निरयण राशिचक्र में मेष 0°00′ से 13°20′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह केतु है, देवता अश्विनी कुमार हैं और प्रतीक घोड़े का सिर है।
अश्विनी नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 1 |
|---|---|
| विस्तार | मेष 0°00′ से 13°20′ |
| राशि | मेष |
| स्वामी ग्रह | केतु |
| देवता | अश्विनी कुमार, देवताओं के जुड़वाँ वैद्य |
| प्रतीक | घोड़े का सिर |
| नाम का अर्थ | अश्व से जन्मी, या घुड़सवार स्त्री |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | क्षिप्र (हल्का, तेज़) |
| गण | देव |
| योनि | अश्व (घोड़ा) |
| नाड़ी | आदि (वात) |
| वृक्ष | कुचला |
अश्विनी नक्षत्र का स्वभाव
अश्विनी नक्षत्र में जन्मे लोग अक्सर फुर्तीले, जोशीले और हर काम जल्दी शुरू करने को उत्सुक बताए जाते हैं। कोई विचार आते ही वे उस पर काम करने लगते हैं, नई शुरुआत उन्हें अच्छी लगती है और वे दूसरों की मदद हाथ बँटाकर, व्यावहारिक ढंग से करना पसंद करते हैं।
यही तेज़ी उन्हें धीमे काम या लंबे इंतज़ार में बेचैन कर सकती है। शुरू किया हुआ काम पूरा करना, और जल्दबाज़ी के फ़ैसले से पहले थोड़ा रुकना, उनके लिए अक्सर सीखने वाली बात होती है।
अश्विनी से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवा, खेल और फ़िटनेस, यात्रा और परिवहन, आपातकालीन और बचाव कार्य।
अश्विनी नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 0°00′ से 3°20′ | मेष | मेष | चू Chu |
| 2 | 3°20′ से 6°40′ | मेष | वृषभ | चे Che |
| 3 | 6°40′ से 10°00′ | मेष | मिथुन | चो Cho |
| 4 | 10°00′ से 13°20′ | मेष | कर्क | ला La |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: मेष राशि।
अश्विनी नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा अश्विनी नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- यात्रा शुरू करना
- वाहन ख़रीदना
- दुकान खोलना या व्यापार शुरू करना
- कोई नया हुनर सीखना शुरू करना
- खेल-कूद
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
अश्विनी नक्षत्र से जुड़े सवाल
अश्विनी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
केतु। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा अश्विनी में हो, उनका जीवन केतु की महादशा से शुरू होता है।
अश्विनी नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से चू, चे, चो, ला। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
अश्विनी नक्षत्र किस राशि में है?
इसके चारों चरण मेष राशि में हैं।
क्या अश्विनी शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। अश्विनी एक क्षिप्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे यात्रा शुरू करना, और वाहन ख़रीदना। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।