नक्षत्र 2 · Bharani Nakshatra
भरणी नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
भरणी नक्षत्र निरयण राशिचक्र में मेष 13°20′ से 26°40′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह शुक्र है, देवता यम हैं और प्रतीक योनि, जन्म का प्रतीक है।
भरणी नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 2 |
|---|---|
| विस्तार | मेष 13°20′ से 26°40′ |
| राशि | मेष |
| स्वामी ग्रह | शुक्र |
| देवता | यम, धर्म के स्वामी |
| प्रतीक | योनि, जन्म का प्रतीक |
| नाम का अर्थ | धारण करने वाली, या वहन करने वाली |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | उग्र (कठोर) |
| गण | मनुष्य |
| योनि | गज (हाथी) |
| नाड़ी | मध्य (पित्त) |
| वृक्ष | आंवला |
भरणी नक्षत्र का स्वभाव
भरणी में जन्मे लोग अक्सर दृढ़ इच्छा वाले, ईमानदार और भारी ज़िम्मेदारी उठा सकने वाले बताए जाते हैं। वे कड़वे सच का सीधे सामना करते हैं, और एक बार वचन दे दें तो उस पर टिके रहते हैं।
वे आम तौर पर बातों को गहराई से महसूस करते हैं और खाने से लेकर कला तक, जीवन के सुखों का आनंद लेते हैं। पसंद और नापसंद बहुत पक्की होने से वे कभी-कभी ज़िद्दी हो सकते हैं, इसलिए दूसरों की रफ़्तार के साथ धैर्य रखना उनकी मदद करता है।
भरणी से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: क़ानून और न्याय, कला और मनोरंजन, भोजन और आतिथ्य, वित्त और बैंकिंग।
भरणी नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 13°20′ से 16°40′ | मेष | सिंह | ली Li |
| 2 | 16°40′ से 20°00′ | मेष | कन्या | लू Lu |
| 3 | 20°00′ से 23°20′ | मेष | तुला | ले Le |
| 4 | 23°20′ से 26°40′ | मेष | वृश्चिक | लो Lo |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: मेष राशि।
भरणी नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा भरणी नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- हिम्मत माँगने वाले काम
- पुराने ढाँचे हटाना या गिराना
- आग या धातु से जुड़ा काम
- किसी मुक़ाबले या विवाद का सामना करना
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
भरणी नक्षत्र से जुड़े सवाल
भरणी नक्षत्र का स्वामी कौन है?
शुक्र। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा भरणी में हो, उनका जीवन शुक्र की महादशा से शुरू होता है।
भरणी नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से ली, लू, ले, लो। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
भरणी नक्षत्र किस राशि में है?
इसके चारों चरण मेष राशि में हैं।
क्या भरणी शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। भरणी एक उग्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे हिम्मत माँगने वाले काम, और पुराने ढाँचे हटाना या गिराना। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।