नक्षत्र 3 · Krittika Nakshatra
कृत्तिका नक्षत्र: स्वभाव, स्वामी, देवता और चरण
कृत्तिका नक्षत्र निरयण राशिचक्र में मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′ तक फैला है। इसका स्वामी ग्रह सूर्य है, देवता अग्नि हैं और प्रतीक उस्तरा या धारदार छुरी है।
कृत्तिका नक्षत्र एक नज़र में
| क्रम | 27 में से 3 |
|---|---|
| विस्तार | मेष 26°40′ से वृषभ 10°00′ |
| राशि | मेष, वृषभ |
| स्वामी ग्रह | सूर्य |
| देवता | अग्नि, अग्नि के देवता |
| प्रतीक | उस्तरा या धारदार छुरी |
| नाम का अर्थ | काटने वाली (कृत्तिका तारा-पुंज) |
| स्वभाव (मुहूर्त वर्ग) | मिश्र (मिला-जुला) |
| गण | राक्षस |
| योनि | मेष (भेड़) |
| नाड़ी | अंत्य (कफ) |
| वृक्ष | गूलर |
कृत्तिका नक्षत्र का स्वभाव
कृत्तिका में जन्मे लोग अक्सर तेज़ बुद्धि वाले, सीधी बात कहने वाले और उसूलों के पक्के बताए जाते हैं। अपने प्रतीक के धारदार उस्तरे की तरह वे उलझन को काटकर साफ़ बात कहते हैं, और अक्सर अपनी देखरेख में रहने वालों की रक्षा करते हैं और उनके खाने-पीने का ध्यान रखते हैं।
थकान या दबाव में उनकी साफ़गोई कठोर लग सकती है। सही समय पर कहा गया एक नरम शब्द उनके अच्छे इरादों को ठीक से पहुँचाने में मदद करता है।
कृत्तिका से आम तौर पर जुड़े क्षेत्र: खाना पकाना और कैटरिंग, रक्षा सेवाएँ और पुलिस, प्रशासन, इंजीनियरिंग और धातु का काम।
कृत्तिका नक्षत्र के चार चरण
| चरण | विस्तार | राशि | नवांश | नाम का अक्षर |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 26°40′ से 30°00′ | मेष | धनु | अ A |
| 2 | 0°00′ से 3°20′ | वृषभ | मकर | ई I |
| 3 | 3°20′ से 6°40′ | वृषभ | कुंभ | ऊ U |
| 4 | 6°40′ से 10°00′ | वृषभ | मीन | ए E |
हर चरण में जन्मे बच्चे के लिए परंपरा से इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम चुने जाते हैं। बच्चों के नामकरण की तालिकाएँ और नामों के अर्थ देखें। राशि का स्वभाव: मेष राशि और वृषभ राशि।
कृत्तिका नक्षत्र का दिन किन कामों के लिए अच्छा है
जिस दिन चंद्रमा कृत्तिका नक्षत्र में हो, मुहूर्त ग्रंथ परंपरा से इन कामों को अच्छा मानते हैं:
- रोज़मर्रा के नियमित काम
- हवन या अग्नि से जुड़ा कोई और काम
- खाना पकाना और धातु का काम
- ऐसे काम जिनमें मेहनत और सावधानी दोनों लगें
आज का नक्षत्र और वह कब तक है, यह पंचांग में देखें; कोई दिन आपके लिए ख़ुद कैसा है, यह तारा बल बताता है।
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स्वामी, चरण और अक्षर मानक तालिकाओं के अनुसार हैं; अर्थ, प्रतीक, वृक्ष और स्वभाव वैसे हैं जैसे आम तौर पर बताए जाते हैं, और अलग-अलग ग्रंथों में थोड़े अलग मिलते हैं।
कृत्तिका नक्षत्र से जुड़े सवाल
कृत्तिका नक्षत्र का स्वामी कौन है?
सूर्य। विंशोत्तरी दशा में, जिनके जन्म के समय चंद्रमा कृत्तिका में हो, उनका जीवन सूर्य की महादशा से शुरू होता है।
कृत्तिका नक्षत्र के नाम अक्षर कौन से हैं?
चारों चरणों के लिए क्रम से अ, ई, ऊ, ए। चरण जन्म के सही समय से तय होता है: जन्म तिथि से बच्चे का नाम कैलकुलेटर इसे निकालता है।
कृत्तिका नक्षत्र किस राशि में है?
यह दो राशियों में फैला है: चरण 1 मेष में, चरण 2 वृषभ में, चरण 3 वृषभ में, चरण 4 वृषभ में।
क्या कृत्तिका शुभ नक्षत्र है?
हर नक्षत्र की अपनी ख़ूबियाँ हैं। कृत्तिका एक मिश्र नक्षत्र है, जिसे परंपरा से कुछ ख़ास कामों के लिए ठीक माना जाता है, जैसे रोज़मर्रा के नियमित काम, और हवन या अग्नि से जुड़ा कोई और काम। किसी व्यक्ति के लिए अकेले नक्षत्र से ज़्यादा पूरी कुंडली मायने रखती है।
मैं अपना नक्षत्र कैसे जानूँ?
जन्म के समय चंद्रमा की स्थिति से: नक्षत्र कैलकुलेटर इसे आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान से निकालता है।