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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर अप्रैल 2027

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, अप्रैल 2027

  • महीने: चैत्र · वैशाख
  • विक्रम संवत: 2083 / 2084
  • शक संवत: 1948 / 1949
1गुरुवारचैत्र
कृ दशमी तक 12:46 am → कृ एकादशी
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:07 am · 6:28 pm
2शुक्रवार
कृ एकादशी तक 2:53 am → कृ द्वादशी
श्रवण
मकर → कुंभ 1:34 am
6:06 am · 6:29 pm
एकादशी
3शनिवार
कृ द्वादशी तक 4:27 am → कृ त्रयोदशी
धनिष्ठा
कुंभ
6:06 am · 6:29 pm
4रविवार
कृ त्रयोदशी तक 5:24 am → कृ चतुर्दशी
शतभिषा
कुंभ
6:05 am · 6:29 pm
5सोमवार
कृ चतुर्दशी तक 5:41 am → अमावस्या
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 11:33 am
6:04 am · 6:29 pm
6मंगलवार
अमावस्या तक 5:22 am → शु प्रतिपदा
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:03 am · 6:30 pm
अमावस्या
7बुधवार
शु प्रतिपदा तक 4:29 am → शु द्वितीया
रेवती
मीन → मेष 6:26 pm
6:02 am · 6:30 pm
चैत्र नवरात्रि आरंभ
8गुरुवार
शु द्वितीया तक 3:11 am → शु तृतीया
अश्विनी
मेष
6:01 am · 6:30 pm
9शुक्रवार
शु तृतीया तक 1:33 am → शु चतुर्थी
भरणी
मेष → वृषभ 10:57 pm
6:00 am · 6:31 pm
10शनिवार
शु चतुर्थी तक 11:41 pm → शु पंचमी
कृत्तिका
वृषभ
5:59 am · 6:31 pm
11रविवार
शु पंचमी तक 9:40 pm → शु षष्ठी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 2:15 am
5:59 am · 6:31 pm
12सोमवार
शु षष्ठी तक 7:36 pm → शु सप्तमी
मृगशिरा
मिथुन
5:58 am · 6:32 pm
13मंगलवार
शु सप्तमी तक 5:30 pm → शु अष्टमी
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 5:13 am
5:57 am · 6:32 pm
14बुधवार
शु अष्टमी तक 3:25 pm → शु नवमी
पुनर्वसु
कर्क
5:56 am · 6:32 pm
बैसाखीसंक्रांति
15गुरुवार
शु नवमी तक 1:22 pm → शु दशमी
पुष्य
कर्क
5:55 am · 6:33 pm
राम नवमी
16शुक्रवार
शु दशमी तक 11:23 am → शु एकादशी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 8:19 am
5:54 am · 6:33 pm
17शनिवार
शु एकादशी तक 9:29 am → शु द्वादशी
मघा
सिंह
5:54 am · 6:33 pm
एकादशी
18रविवार
शु द्वादशी तक 7:43 am → शु त्रयोदशी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 11:53 am
5:53 am · 6:34 pm
19सोमवार
शु त्रयोदशी तक 6:09 am → शु चतुर्दशी तक 4:52 am → पूर्णिमा
हस्त
कन्या
5:52 am · 6:34 pm
20मंगलवार
पूर्णिमा तक 3:58 am → कृ प्रतिपदा
चित्रा
कन्या → तुला 4:32 pm
5:51 am · 6:34 pm
हनुमान जयंतीपूर्णिमा
21बुधवारवैशाख
कृ प्रतिपदा तक 3:31 am → कृ द्वितीया
स्वाती
तुला
5:50 am · 6:35 pm
22गुरुवार
कृ द्वितीया तक 3:38 am → कृ तृतीया
विशाखा
तुला → वृश्चिक 11:18 pm
5:50 am · 6:35 pm
23शुक्रवार
कृ तृतीया तक 4:22 am → कृ चतुर्थी
अनुराधा
वृश्चिक
5:49 am · 6:35 pm
24शनिवार
कृ चतुर्थी तक 5:43 am → कृ पंचमी
अनुराधा
वृश्चिक
5:48 am · 6:36 pm
25रविवार
कृ पंचमी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 8:58 am
5:47 am · 6:36 pm
26सोमवार
कृ पंचमी तक 7:38 am → कृ षष्ठी
मूल
धनु
5:47 am · 6:37 pm
27मंगलवार
कृ षष्ठी तक 9:58 am → कृ सप्तमी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 9:12 pm
5:46 am · 6:37 pm
28बुधवार
कृ सप्तमी तक 12:32 pm → कृ अष्टमी
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:45 am · 6:37 pm
29गुरुवार
कृ अष्टमी तक 3:02 pm → कृ नवमी
श्रवण
मकर
5:45 am · 6:38 pm
30शुक्रवार
कृ नवमी तक 5:15 pm → कृ दशमी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 9:54 am
5:44 am · 6:38 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

अप्रैल 2027 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
2 अप्रैल, शुक्रचैत्रकृष्ण पक्ष एकादशी
6 अप्रैल, मंगलचैत्रअमावस्या
7 अप्रैल, बुधचैत्रचैत्र नवरात्रि आरंभ
14 अप्रैल, बुधचैत्रबैसाखी · मेष संक्रांति, 3:31 pm
15 अप्रैल, गुरुचैत्रराम नवमी
17 अप्रैल, शनिचैत्रशुक्ल पक्ष एकादशी
20 अप्रैल, मंगलचैत्रहनुमान जयंती · पूर्णिमा

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।