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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर सितंबर 2027

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, सितंबर 2027

  • महीने: भाद्रपद · आश्विन
  • विक्रम संवत: 2084
  • शक संवत: 1949
1बुधवारभाद्रपद
शु प्रतिपदा तक 7:51 pm → शु द्वितीया
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 1:14 am
5:57 am · 6:30 pm
2गुरुवार
शु द्वितीया तक 4:51 pm → शु तृतीया
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
5:57 am · 6:29 pm
3शुक्रवार
शु तृतीया तक 2:20 pm → शु चतुर्थी
हस्त
कन्या → तुला 3:17 am
5:58 am · 6:28 pm
4शनिवार
शु चतुर्थी तक 12:27 pm → शु पंचमी
चित्रा
तुला
5:58 am · 6:27 pm
गणेश चतुर्थी
5रविवार
शु पंचमी तक 11:18 am → शु षष्ठी
स्वाती
तुला
5:58 am · 6:27 pm
6सोमवार
शु षष्ठी तक 10:59 am → शु सप्तमी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 8:48 am
5:58 am · 6:26 pm
7मंगलवार
शु सप्तमी तक 11:29 am → शु अष्टमी
अनुराधा
वृश्चिक
5:59 am · 6:25 pm
8बुधवार
शु अष्टमी तक 12:45 pm → शु नवमी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 6:18 pm
5:59 am · 6:24 pm
9गुरुवार
शु नवमी तक 2:40 pm → शु दशमी
मूल
धनु
5:59 am · 6:23 pm
10शुक्रवार
शु दशमी तक 5:01 pm → शु एकादशी
पूर्वाषाढ़ा
धनु
5:59 am · 6:22 pm
11शनिवार
शु एकादशी तक 7:37 pm → शु द्वादशी
उत्तराषाढ़ा
धनु → मकर 6:38 am
6:00 am · 6:21 pm
एकादशी
12रविवार
शु द्वादशी तक 10:14 pm → शु त्रयोदशी
श्रवण
मकर
6:00 am · 6:20 pm
13सोमवार
शु त्रयोदशी तक 12:41 am → शु चतुर्दशी
श्रवण
मकर → कुंभ 7:35 pm
6:00 am · 6:19 pm
14मंगलवार
शु चतुर्दशी तक 2:49 am → पूर्णिमा
धनिष्ठा
कुंभ
6:00 am · 6:18 pm
15बुधवार
पूर्णिमा तक 4:34 am → कृ प्रतिपदा
शतभिषा
कुंभ
6:01 am · 6:17 pm
पूर्णिमा
16गुरुवारआश्विन
कृ प्रतिपदा तक 5:53 am → कृ द्वितीया
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 7:14 am
6:01 am · 6:16 pm
17शुक्रवार
कृ द्वितीया
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:01 am · 6:15 pm
संक्रांति
18शनिवार
कृ द्वितीया तक 6:45 am → कृ तृतीया
रेवती
मीन → मेष 4:49 pm
6:01 am · 6:14 pm
19रविवार
कृ तृतीया तक 7:10 am → कृ चतुर्थी
अश्विनी
मेष
6:02 am · 6:13 pm
20सोमवार
कृ चतुर्थी तक 7:09 am → कृ पंचमी
भरणी
मेष → वृषभ 12:13 am
6:02 am · 6:12 pm
21मंगलवार
कृ पंचमी तक 6:44 am → कृ षष्ठी तक 5:53 am → कृ सप्तमी
कृत्तिका
वृषभ
6:02 am · 6:11 pm
22बुधवार
कृ सप्तमी तक 4:38 am → कृ अष्टमी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 5:33 am
6:02 am · 6:10 pm
23गुरुवार
कृ अष्टमी तक 2:58 am → कृ नवमी
मृगशिरा
मिथुन
6:03 am · 6:09 pm
24शुक्रवार
कृ नवमी तक 12:55 am → कृ दशमी
आर्द्रा
मिथुन
6:03 am · 6:09 pm
25शनिवार
कृ दशमी तक 10:32 pm → कृ एकादशी
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 8:53 am
6:03 am · 6:08 pm
26रविवार
कृ एकादशी तक 7:50 pm → कृ द्वादशी
पुष्य
कर्क
6:03 am · 6:07 pm
एकादशी
27सोमवार
कृ द्वादशी तक 4:56 pm → कृ त्रयोदशी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 10:34 am
6:04 am · 6:06 pm
28मंगलवार
कृ त्रयोदशी तक 1:55 pm → कृ चतुर्दशी
मघा
सिंह
6:04 am · 6:05 pm
29बुधवार
कृ चतुर्दशी तक 10:56 am → अमावस्या
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 11:35 am
6:04 am · 6:04 pm
30गुरुवार
अमावस्या तक 8:06 am → शु प्रतिपदा तक 5:36 am → शु द्वितीया
हस्त
कन्या
6:04 am · 6:03 pm
शारदीय नवरात्रि आरंभअमावस्या

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

सितंबर 2027 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
4 सितंबर, शनिभाद्रपदगणेश चतुर्थी
11 सितंबर, शनिभाद्रपदशुक्ल पक्ष एकादशी
15 सितंबर, बुधभाद्रपदपूर्णिमा
17 सितंबर, शुक्रआश्विनकन्या संक्रांति, 2:12 pm
26 सितंबर, रविआश्विनकृष्ण पक्ष एकादशी
30 सितंबर, गुरुआश्विनशारदीय नवरात्रि आरंभ · अमावस्या

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।