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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर अगस्त 2027

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, अगस्त 2027

  • महीने: श्रावण · भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2084
  • शक संवत: 1949
1रविवारश्रावण
कृ चतुर्दशी तक 7:21 pm → अमावस्या
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 2:49 pm
5:47 am · 6:53 pm
2सोमवार
अमावस्या तक 3:36 pm → शु प्रतिपदा
पुष्य
कर्क
5:48 am · 6:52 pm
अमावस्यासूर्य ग्रहण
3मंगलवार
शु प्रतिपदा तक 11:52 am → शु द्वितीया
आश्लेषा
कर्क → सिंह 2:17 pm
5:48 am · 6:52 pm
4बुधवार
शु द्वितीया तक 8:21 am → शु तृतीया तक 5:10 am → शु चतुर्थी
मघा
सिंह
5:48 am · 6:51 pm
5गुरुवार
शु चतुर्थी तक 2:28 am → शु पंचमी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 2:51 pm
5:49 am · 6:50 pm
6शुक्रवार
शु पंचमी तक 12:24 am → शु षष्ठी
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
5:49 am · 6:50 pm
नाग पंचमी
7शनिवार
शु षष्ठी तक 11:02 pm → शु सप्तमी
हस्त
कन्या → तुला 6:08 pm
5:49 am · 6:49 pm
8रविवार
शु सप्तमी तक 10:25 pm → शु अष्टमी
चित्रा
तुला
5:50 am · 6:49 pm
9सोमवार
शु अष्टमी तक 10:35 pm → शु नवमी
स्वाती
तुला → वृश्चिक 1:08 am
5:50 am · 6:48 pm
10मंगलवार
शु नवमी तक 11:28 pm → शु दशमी
विशाखा
वृश्चिक
5:50 am · 6:47 pm
11बुधवार
शु दशमी तक 1:00 am → शु एकादशी
अनुराधा
वृश्चिक
5:51 am · 6:47 pm
12गुरुवार
शु एकादशी तक 3:00 am → शु द्वादशी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 11:35 am
5:51 am · 6:46 pm
एकादशी
13शुक्रवार
शु द्वादशी तक 5:22 am → शु त्रयोदशी
मूल
धनु
5:52 am · 6:45 pm
14शनिवार
शु त्रयोदशी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 12:08 am
5:52 am · 6:45 pm
15रविवार
शु त्रयोदशी तक 7:55 am → शु चतुर्दशी
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:52 am · 6:44 pm
16सोमवार
शु चतुर्दशी तक 10:30 am → पूर्णिमा
श्रवण
मकर
5:52 am · 6:43 pm
17मंगलवार
पूर्णिमा तक 12:59 pm → कृ प्रतिपदा
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 1:06 pm
5:53 am · 6:43 pm
रक्षा बंधनपूर्णिमासंक्रांतिचंद्र ग्रहण
18बुधवारभाद्रपद
कृ प्रतिपदा तक 3:17 pm → कृ द्वितीया
शतभिषा
कुंभ
5:53 am · 6:42 pm
19गुरुवार
कृ द्वितीया तक 5:17 pm → कृ तृतीया
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 1:06 am
5:53 am · 6:41 pm
20शुक्रवार
कृ तृतीया तक 6:54 pm → कृ चतुर्थी
पूर्वा भाद्रपद
मीन
5:54 am · 6:40 pm
21शनिवार
कृ चतुर्थी तक 8:06 pm → कृ पंचमी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
5:54 am · 6:39 pm
22रविवार
कृ पंचमी तक 8:46 pm → कृ षष्ठी
रेवती
मीन → मेष 11:12 am
5:54 am · 6:39 pm
23सोमवार
कृ षष्ठी तक 8:54 pm → कृ सप्तमी
अश्विनी
मेष
5:55 am · 6:38 pm
24मंगलवार
कृ सप्तमी तक 8:26 pm → कृ अष्टमी
भरणी
मेष → वृषभ 6:39 pm
5:55 am · 6:37 pm
25बुधवार
कृ अष्टमी तक 7:21 pm → कृ नवमी
कृत्तिका
वृषभ
5:55 am · 6:36 pm
कृष्ण जन्माष्टमी
26गुरुवार
कृ नवमी तक 5:40 pm → कृ दशमी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 11:08 pm
5:55 am · 6:35 pm
27शुक्रवार
कृ दशमी तक 3:26 pm → कृ एकादशी
मृगशिरा
मिथुन
5:56 am · 6:35 pm
28शनिवार
कृ एकादशी तक 12:43 pm → कृ द्वादशी
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 12:54 am
5:56 am · 6:34 pm
एकादशी
29रविवार
कृ द्वादशी तक 9:36 am → कृ त्रयोदशी
पुनर्वसु
कर्क
5:56 am · 6:33 pm
30सोमवार
कृ त्रयोदशी तक 6:13 am → कृ चतुर्दशी तक 2:42 am → अमावस्या
आश्लेषा
कर्क → सिंह 1:04 am
5:57 am · 6:32 pm
31मंगलवार
अमावस्या तक 11:12 pm → शु प्रतिपदा
मघा
सिंह
5:57 am · 6:31 pm
अमावस्या

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

अगस्त 2027 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
2 अगस्त, सोमश्रावणअमावस्या · सूर्य ग्रहण
6 अगस्त, शुक्रश्रावणनाग पंचमी
12 अगस्त, गुरुश्रावणशुक्ल पक्ष एकादशी
17 अगस्त, मंगलश्रावणरक्षा बंधन · पूर्णिमा · सिंह संक्रांति, 2:15 pm · चंद्र ग्रहण (यहाँ से नहीं दिखेगा: Nagpur)
25 अगस्त, बुधभाद्रपदकृष्ण जन्माष्टमी
28 अगस्त, शनिभाद्रपदकृष्ण पक्ष एकादशी
31 अगस्त, मंगलभाद्रपदअमावस्या

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।