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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर दिसंबर 2027

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, दिसंबर 2027

  • महीने: मार्गशीर्ष · पौष
  • विक्रम संवत: 2084
  • शक संवत: 1949
1बुधवारमार्गशीर्ष
शु तृतीया तक 11:40 am → शु चतुर्थी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 6:25 am
6:34 am · 5:31 pm
2गुरुवार
शु चतुर्थी तक 1:45 pm → शु पंचमी
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:35 am · 5:31 pm
3शुक्रवार
शु पंचमी तक 4:14 pm → शु षष्ठी
श्रवण
मकर
6:35 am · 5:31 pm
4शनिवार
शु षष्ठी तक 6:57 pm → शु सप्तमी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 7:08 pm
6:36 am · 5:31 pm
5रविवार
शु सप्तमी तक 9:38 pm → शु अष्टमी
धनिष्ठा
कुंभ
6:37 am · 5:31 pm
6सोमवार
शु अष्टमी तक 12:01 am → शु नवमी
शतभिषा
कुंभ
6:37 am · 5:32 pm
7मंगलवार
शु नवमी तक 1:51 am → शु दशमी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 7:40 am
6:38 am · 5:32 pm
8बुधवार
शु दशमी तक 3:00 am → शु एकादशी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:38 am · 5:32 pm
9गुरुवार
शु एकादशी तक 3:21 am → शु द्वादशी
रेवती
मीन → मेष 5:28 pm
6:39 am · 5:32 pm
एकादशी
10शुक्रवार
शु द्वादशी तक 2:54 am → शु त्रयोदशी
अश्विनी
मेष
6:40 am · 5:33 pm
11शनिवार
शु त्रयोदशी तक 1:44 am → शु चतुर्दशी
भरणी
मेष → वृषभ 11:28 pm
6:40 am · 5:33 pm
12रविवार
शु चतुर्दशी तक 11:56 pm → पूर्णिमा
कृत्तिका
वृषभ
6:41 am · 5:33 pm
13सोमवार
पूर्णिमा तक 9:39 pm → कृ प्रतिपदा
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 2:23 am
6:42 am · 5:34 pm
पूर्णिमा
14मंगलवारपौष
कृ प्रतिपदा तक 7:02 pm → कृ द्वितीया
मृगशिरा
मिथुन
6:42 am · 5:34 pm
15बुधवार
कृ द्वितीया तक 4:14 pm → कृ तृतीया
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 3:46 am
6:43 am · 5:34 pm
16गुरुवार
कृ तृतीया तक 1:23 pm → कृ चतुर्थी
पुनर्वसु
कर्क
6:43 am · 5:35 pm
संक्रांति
17शुक्रवार
कृ चतुर्थी तक 10:35 am → कृ पंचमी
पुष्य
कर्क → सिंह 5:12 am
6:44 am · 5:35 pm
18शनिवार
कृ पंचमी तक 7:59 am → कृ षष्ठी तक 5:37 am → कृ सप्तमी
मघा
सिंह
6:44 am · 5:36 pm
19रविवार
कृ सप्तमी तक 3:35 am → कृ अष्टमी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह
6:45 am · 5:36 pm
20सोमवार
कृ अष्टमी तक 1:54 am → कृ नवमी
उत्तरा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 7:50 am
6:45 am · 5:36 pm
21मंगलवार
कृ नवमी तक 12:36 am → कृ दशमी
हस्त
कन्या
6:46 am · 5:37 pm
22बुधवार
कृ दशमी तक 11:42 pm → कृ एकादशी
चित्रा
कन्या → तुला 12:15 pm
6:47 am · 5:37 pm
23गुरुवार
कृ एकादशी तक 11:13 pm → कृ द्वादशी
स्वाती
तुला
6:47 am · 5:38 pm
एकादशी
24शुक्रवार
कृ द्वादशी तक 11:09 pm → कृ त्रयोदशी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 6:40 pm
6:47 am · 5:38 pm
25शनिवार
कृ त्रयोदशी तक 11:33 pm → कृ चतुर्दशी
अनुराधा
वृश्चिक
6:48 am · 5:39 pm
26रविवार
कृ चतुर्दशी तक 12:24 am → अमावस्या
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 3:15 am
6:48 am · 5:40 pm
27सोमवार
अमावस्या तक 1:43 am → शु प्रतिपदा
मूल
धनु
6:49 am · 5:40 pm
अमावस्या
28मंगलवार
शु प्रतिपदा तक 3:29 am → शु द्वितीया
पूर्वाषाढ़ा
धनु
6:49 am · 5:41 pm
29बुधवार
शु द्वितीया तक 5:41 am → शु तृतीया
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 2:05 pm
6:50 am · 5:41 pm
30गुरुवार
शु तृतीया
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:50 am · 5:42 pm
31शुक्रवार
शु तृतीया तक 8:13 am → शु चतुर्थी
श्रवण
मकर → कुंभ 2:40 am
6:50 am · 5:42 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

दिसंबर 2027 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
9 दिसंबर, गुरुमार्गशीर्षशुक्ल पक्ष एकादशी
13 दिसंबर, सोममार्गशीर्षपूर्णिमा
16 दिसंबर, गुरुपौषधनु संक्रांति, 4:41 pm
23 दिसंबर, गुरुपौषकृष्ण पक्ष एकादशी
27 दिसंबर, सोमपौषअमावस्या

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।