नवग्रह · बुधः
बुध ग्रह: बीज मंत्र, रत्न, उपाय और आज की स्थिति
बुध ग्रहों में राजकुमार और सोचने वाले मन के ग्रह माने जाते हैं। बुध बताता है कि व्यक्ति कैसे सीखता है, बोलता है, हिसाब लगाता है और व्यापार करता है, और यह जिन ग्रहों के साथ बैठता है उनका स्वभाव ले लेता है।
आज बुध कहाँ है
27/10/2026, सुबह 6:00 बजे (IST)
- राशि
- तुला, 26°13′
- नक्षत्र
- विशाखा, चरण 2
- गति
- वक्री
- अगला राशि परिवर्तन
- वृश्चिक राशि में, 02/12/2026
सभी नौ ग्रह एक साथ आज ग्रहों की स्थिति पर हैं; इस साल के राशि परिवर्तन ग्रह गोचर पर और वक्री अवधि वक्री ग्रह पेज पर।
बुध एक नज़र में
| नाम | संस्कृत: बुधः · हिंदी: बुध · अन्य नाम: सौम्य |
|---|---|
| कारक | बुद्धि और पढ़ाई; वाणी और लेखन; व्यापार, हिसाब-किताब और कारोबार; हुनर, हास्य और तेज़ सोच; मित्र और मामा |
| स्वराशि | मिथुन और कन्या |
| उच्च राशि | कन्या |
| नीच राशि | मीन |
| मित्र ग्रह | सूर्य और शुक्र |
| सम ग्रह | मंगल, गुरु और शनि |
| शत्रु ग्रह | चंद्र |
| नक्षत्र (स्वामी) | आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती |
| वार | बुधवार |
| अंक | 5 |
| रंग | हरा |
| रत्न | पन्ना (Emerald) |
| विंशोत्तरी महादशा | 17 वर्ष (दशा क्रम में 9वाँ) |
| लाल किताब | पक्का घर 7; बहन, बेटी, बुआ और मौसी, वाणी और व्यापार |
बुध किन बातों का कारक है
- बुद्धि और पढ़ाई
- वाणी और लेखन
- व्यापार, हिसाब-किताब और कारोबार
- हुनर, हास्य और तेज़ सोच
- मित्र और मामा
बुध की महादशा (17 वर्ष): पढ़ाई, बातचीत, व्यापार और हुनर। सीखने, लिखने और कारोबार का दौर। अपनी चल रही दशा दशा कैलकुलेटर से जानें।
बुध मंत्र
बुध बीज मंत्र
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
रोमन लिपि में: Om brāṃ brīṃ brauṃ saḥ budhāya namaḥ
अर्थ: ॐ, बुध के बीज अक्षर, बुध देव को नमस्कार।
नवग्रह स्तोत्र से बुध का श्लोक
प्रियङ्गुकलिकाश्यामं रूपेणाप्रतिमं बुधम्।
सौम्यं सौम्यगुणोपेतं तं बुधं प्रणमाम्यहम्॥
रोमन लिपि में: priyaṅgu-kalikā-śyāmaṃ rūpeṇāpratimaṃ budham /
saumyaṃ saumya-guṇopetaṃ taṃ budhaṃ praṇamāmyaham
अर्थ: प्रियंगु की कली जैसे श्याम रंग वाले, अनुपम रूप वाले, सौम्य और सौम्य गुणों से भरे बुध को मैं प्रणाम करता हूँ।
नवग्रह स्तोत्र महर्षि वेदव्यास का माना जाता है, जिसमें हर ग्रह के लिए एक श्लोक है।
जाप संख्या (आम तौर पर सुझाई गई): 9,000। पूरे जाप (अनुष्ठान) के लिए आम तौर पर सुझाई गई कुल संख्या, जो कई दिनों में माला पर 108-108 के चक्र में पूरी की जाती है। रोज़ के जाप के लिए आम तौर पर एक माला (108 बार) सुझाई जाती है। कुछ ग्रंथों में अलग संख्या दी गई है; अपने पंडित या ज्योतिषी की बताई संख्या मानें।
मंत्र का सही उच्चारण किसी जानकार गुरु या पंडित से सीखना परंपरा में अच्छा माना जाता है। मंत्र आस्था और ध्यान का अभ्यास है, किसी नतीजे की गारंटी नहीं।
बुध के सरल उपाय (आम तौर पर सुझाए जाने वाले)
ये उपाय परंपरा में आम तौर पर सुझाए जाते हैं। कौन सा ग्रह आपकी कुंडली में ध्यान माँगता है, यह पूरी कुंडली देखकर ही तय होता है।
- बुधवार को बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
- गाय को हरा चारा खिलाएँ।
- बुधवार को हरी मूँग का दान करें।
- अपनी बात के पक्के रहें, मीठा बोलें और कुछ नया सीखते रहें।
रत्न: बुध का रत्न पन्ना (Emerald) है; आम तौर पर सुझाए जाने वाले उपरत्न पेरिडॉट और ग्रीन टूमलाइन हैं। कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।
लाल किताब: बुध के लाल किताब उपाय लाल किताब के उपाय पेज पर हैं।
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बुध ग्रह से जुड़े सवाल
बुध का बीज मंत्र क्या है?
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः (Om brāṃ brīṃ brauṃ saḥ budhāya namaḥ)। ॐ, बुध के बीज अक्षर, बुध देव को नमस्कार।
बुध मंत्र का जाप कितनी बार करें?
रोज़ एक माला (108 बार) आम तौर पर सुझाई जाती है, अक्सर बुधवार से शुरू करके। पूरे अनुष्ठान के लिए आम तौर पर 9,000 की संख्या बताई जाती है, जो कई दिनों में पूरी होती है। आपके लिए क्या ठीक है, यह आपकी कुंडली पर निर्भर है।
बुध का रत्न कौन सा है?
पन्ना (Emerald); उपरत्न पेरिडॉट और ग्रीन टूमलाइन। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, इसलिए कुंडली दिखाकर ही पहनें। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।
बुध की महादशा कितने साल की होती है?
विंशोत्तरी दशा में 17 वर्ष। पढ़ाई, बातचीत, व्यापार और हुनर। सीखने, लिखने और कारोबार का दौर।
क्या बुध अशुभ ग्रह है?
कोई ग्रह सिर्फ़ शुभ या अशुभ नहीं होता। बुध दूसरी बातों के साथ बुद्धि और पढ़ाई, तथा वाणी और लेखन का कारक है; आपके लिए यह कैसा काम करता है, यह आपकी कुंडली में इसकी राशि, भाव और बल और चल रही दशा पर निर्भर है।