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नवग्रह · मङ्गलः

मंगल ग्रह: बीज मंत्र, रत्न, उपाय और आज की स्थिति

मंगल ग्रहों में सेनापति माने जाते हैं। मंगल व्यक्ति के जोश, साहस और टकराव से निपटने के तरीके को दिखाता है। लग्न, चंद्र और शुक्र से मंगल की स्थिति से ही मांगलिक दोष तय होता है।

आज मंगल कहाँ है

27/10/2026, सुबह 6:00 बजे (IST)

राशि
कर्क, 21°50′
नक्षत्र
आश्लेषा, चरण 2
गति
मार्गी
अगला राशि परिवर्तन
सिंह राशि में, 12/11/2026

सभी नौ ग्रह एक साथ आज ग्रहों की स्थिति पर हैं; इस साल के राशि परिवर्तन ग्रह गोचर पर और वक्री अवधि वक्री ग्रह पेज पर।

मंगल एक नज़र में

नामसंस्कृत: मङ्गलः · हिंदी: मंगल · अन्य नाम: भौम, अंगारक, कुज
कारकसाहस और ऊर्जा; भाई-बहन, ख़ासकर छोटे; ज़मीन, संपत्ति और भवन; प्रतिस्पर्धा और खेल; अनुशासन और तेज़ कदम
स्वराशिमेष और वृश्चिक
उच्च राशिमकर
नीच राशिकर्क
मित्र ग्रहसूर्य, चंद्र और गुरु
सम ग्रहशुक्र और शनि
शत्रु ग्रहबुध
नक्षत्र (स्वामी)मृगशिरा, चित्रा, धनिष्ठा
वारमंगलवार
अंक9
रंगलाल
रत्नमूंगा (Red Coral)
विंशोत्तरी महादशा7 वर्ष (दशा क्रम में 5वाँ)
लाल किताबपक्का घर 3, 8; भाई, साहस, ज़मीन और संपत्ति

मंगल किन बातों का कारक है

  • साहस और ऊर्जा
  • भाई-बहन, ख़ासकर छोटे
  • ज़मीन, संपत्ति और भवन
  • प्रतिस्पर्धा और खेल
  • अनुशासन और तेज़ कदम

मंगल की महादशा (7 वर्ष): ऊर्जा, साहस और कर्म। ज़मीन-जायदाद, भाई-बहन और प्रतिस्पर्धा सामने आते हैं; धैर्य से काम बनता है। अपनी चल रही दशा दशा कैलकुलेटर से जानें।

मंगल मंत्र

मंगल बीज मंत्र

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः

रोमन लिपि में: Om krāṃ krīṃ krauṃ saḥ bhaumāya namaḥ

अर्थ: ॐ, मंगल के बीज अक्षर, पृथ्वी पुत्र भौम (मंगल) को नमस्कार।

नवग्रह स्तोत्र से मंगल का श्लोक

धरणीगर्भसंभूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं तं मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥

रोमन लिपि में: dharaṇī-garbha-sambhūtaṃ vidyut-kānti-samaprabham /
kumāraṃ śakti-hastaṃ taṃ maṅgalaṃ praṇamāmyaham

अर्थ: पृथ्वी के गर्भ से उत्पन्न, बिजली जैसी चमक वाले, हाथ में शक्ति (भाला) धारण करने वाले कुमार मंगल को मैं प्रणाम करता हूँ।

नवग्रह स्तोत्र महर्षि वेदव्यास का माना जाता है, जिसमें हर ग्रह के लिए एक श्लोक है।

जाप संख्या (आम तौर पर सुझाई गई): 10,000। पूरे जाप (अनुष्ठान) के लिए आम तौर पर सुझाई गई कुल संख्या, जो कई दिनों में माला पर 108-108 के चक्र में पूरी की जाती है। रोज़ के जाप के लिए आम तौर पर एक माला (108 बार) सुझाई जाती है। कुछ ग्रंथों में अलग संख्या दी गई है; अपने पंडित या ज्योतिषी की बताई संख्या मानें।

मंत्र का सही उच्चारण किसी जानकार गुरु या पंडित से सीखना परंपरा में अच्छा माना जाता है। मंत्र आस्था और ध्यान का अभ्यास है, किसी नतीजे की गारंटी नहीं।

मंगल के सरल उपाय (आम तौर पर सुझाए जाने वाले)

ये उपाय परंपरा में आम तौर पर सुझाए जाते हैं। कौन सा ग्रह आपकी कुंडली में ध्यान माँगता है, यह पूरी कुंडली देखकर ही तय होता है।

  • मंगलवार को बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • कई परिवारों की तरह मंगलवार को हनुमान मंदिर जाएँ।
  • मंगलवार को लाल मसूर का दान करें।
  • भाई-बहनों से अच्छे संबंध रखें, और अपनी ऊर्जा व्यायाम या खेल में लगाएँ।

रत्न: मंगल का रत्न मूंगा (Red Coral) है; आम तौर पर सुझाए जाने वाले उपरत्न कार्नेलियन हैं। कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।

लाल किताब: मंगल के लाल किताब उपाय लाल किताब के उपाय पेज पर हैं।

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मंगल ग्रह से जुड़े सवाल

मंगल का बीज मंत्र क्या है?

ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः (Om krāṃ krīṃ krauṃ saḥ bhaumāya namaḥ)। ॐ, मंगल के बीज अक्षर, पृथ्वी पुत्र भौम (मंगल) को नमस्कार।

मंगल मंत्र का जाप कितनी बार करें?

रोज़ एक माला (108 बार) आम तौर पर सुझाई जाती है, अक्सर मंगलवार से शुरू करके। पूरे अनुष्ठान के लिए आम तौर पर 10,000 की संख्या बताई जाती है, जो कई दिनों में पूरी होती है। आपके लिए क्या ठीक है, यह आपकी कुंडली पर निर्भर है।

मंगल का रत्न कौन सा है?

मूंगा (Red Coral); उपरत्न कार्नेलियन। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, इसलिए कुंडली दिखाकर ही पहनें। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।

मंगल की महादशा कितने साल की होती है?

विंशोत्तरी दशा में 7 वर्ष। ऊर्जा, साहस और कर्म। ज़मीन-जायदाद, भाई-बहन और प्रतिस्पर्धा सामने आते हैं; धैर्य से काम बनता है।

क्या मंगल अशुभ ग्रह है?

कोई ग्रह सिर्फ़ शुभ या अशुभ नहीं होता। मंगल दूसरी बातों के साथ साहस और ऊर्जा, तथा भाई-बहन, ख़ासकर छोटे का कारक है; आपके लिए यह कैसा काम करता है, यह आपकी कुंडली में इसकी राशि, भाव और बल और चल रही दशा पर निर्भर है।