नवग्रह · चन्द्रः
चंद्र ग्रह: बीज मंत्र, रत्न, उपाय और आज की स्थिति
चंद्र ग्रहों में रानी और मन के ग्रह माने जाते हैं। जन्म के समय चंद्रमा की राशि और नक्षत्र से ही राशिफल, दशा और कुंडली मिलान की शुरुआत होती है।
आज चंद्र कहाँ है
27/10/2026, सुबह 6:00 बजे (IST)
- राशि
- मेष, 20°47′
- नक्षत्र
- भरणी, चरण 3
- गति
- मार्गी (कभी वक्री नहीं)
- अगला राशि परिवर्तन
- वृषभ राशि में, 27/10/2026 21:07 बजे
सभी नौ ग्रह एक साथ आज ग्रहों की स्थिति पर हैं; इस साल के राशि परिवर्तन ग्रह गोचर पर और वक्री अवधि वक्री ग्रह पेज पर।
चंद्र एक नज़र में
| नाम | संस्कृत: चन्द्रः · हिंदी: चंद्र · अन्य नाम: सोम, चंद्रमा, शशि, इंदु |
|---|---|
| कारक | मन और भावनाएँ; माता; मन की शांति और नींद; जनता और लोकप्रियता; यात्रा, जल और दूध |
| स्वराशि | कर्क |
| उच्च राशि | वृषभ |
| नीच राशि | वृश्चिक |
| मित्र ग्रह | सूर्य और बुध |
| सम ग्रह | मंगल, गुरु, शुक्र और शनि |
| शत्रु ग्रह | कोई नहीं |
| नक्षत्र (स्वामी) | रोहिणी, हस्त, श्रवण |
| वार | सोमवार |
| अंक | 2 |
| रंग | सफ़ेद, क्रीम |
| रत्न | मोती (Pearl) |
| विंशोत्तरी महादशा | 10 वर्ष (दशा क्रम में 4वाँ) |
| लाल किताब | पक्का घर 4; माता, मन की शांति, यात्रा और दूध |
चंद्र किन बातों का कारक है
- मन और भावनाएँ
- माता
- मन की शांति और नींद
- जनता और लोकप्रियता
- यात्रा, जल और दूध
चंद्र की महादशा (10 वर्ष): मन, भावनाएँ, घर और माँ। यात्रा और लोगों से मेल-जोल आम विषय हैं; मन का उतार-चढ़ाव भी रह सकता है। अपनी चल रही दशा दशा कैलकुलेटर से जानें।
चंद्र मंत्र
चंद्र बीज मंत्र
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः
रोमन लिपि में: Om śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ
अर्थ: ॐ, चंद्र के बीज अक्षर, चंद्र देव को नमस्कार। कई पुस्तकों में इसका अंत “चन्द्रमसे नमः” से होता है; दोनों रूप आम तौर पर इस्तेमाल होते हैं।
नवग्रह स्तोत्र से चंद्र का श्लोक
दधिशङ्खतुषाराभं क्षीरोदार्णवसंभवम्।
नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥
रोमन लिपि में: dadhi-śaṅkha-tuṣārābhaṃ kṣīrodārṇava-sambhavam /
namāmi śaśinaṃ somaṃ śambhor-mukuṭa-bhūṣaṇam
अर्थ: दही, शंख और बर्फ़ जैसे उजले, क्षीर सागर से उत्पन्न, भगवान शिव के मुकुट के आभूषण, शशि (सोम) को मैं नमस्कार करता हूँ।
नवग्रह स्तोत्र महर्षि वेदव्यास का माना जाता है, जिसमें हर ग्रह के लिए एक श्लोक है।
जाप संख्या (आम तौर पर सुझाई गई): 11,000। पूरे जाप (अनुष्ठान) के लिए आम तौर पर सुझाई गई कुल संख्या, जो कई दिनों में माला पर 108-108 के चक्र में पूरी की जाती है। रोज़ के जाप के लिए आम तौर पर एक माला (108 बार) सुझाई जाती है। कुछ ग्रंथों में अलग संख्या दी गई है; अपने पंडित या ज्योतिषी की बताई संख्या मानें।
मंत्र का सही उच्चारण किसी जानकार गुरु या पंडित से सीखना परंपरा में अच्छा माना जाता है। मंत्र आस्था और ध्यान का अभ्यास है, किसी नतीजे की गारंटी नहीं।
चंद्र के सरल उपाय (आम तौर पर सुझाए जाने वाले)
ये उपाय परंपरा में आम तौर पर सुझाए जाते हैं। कौन सा ग्रह आपकी कुंडली में ध्यान माँगता है, यह पूरी कुंडली देखकर ही तय होता है।
- सोमवार को बीज मंत्र का 108 बार जाप करें।
- माता का सम्मान करें और उनका आशीर्वाद लें।
- सोमवार को चावल, दूध या सफ़ेद कपड़े का दान करें।
- कई परिवारों की तरह सोमवार को शिव मंदिर में जल या दूध चढ़ाएँ।
रत्न: चंद्र का रत्न मोती (Pearl) है; आम तौर पर सुझाए जाने वाले उपरत्न मूनस्टोन हैं। कोई भी रत्न तभी पहनें जब नमिता जी आपकी कुंडली देख लें। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, और अगर वही ग्रह आपकी कुंडली में कमज़ोर हो या परेशानी देता हो, तो मूलांक से मेल खाने पर भी वह रत्न आपके लिए ठीक नहीं रहता। घर या काम की जगह पर रखने के लिए क्रिस्टल ज़्यादा सौम्य विकल्प हैं। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।
लाल किताब: चंद्र के लाल किताब उपाय लाल किताब के उपाय पेज पर हैं।
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चंद्र ग्रह से जुड़े सवाल
चंद्र का बीज मंत्र क्या है?
ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्राय नमः (Om śrāṃ śrīṃ śrauṃ saḥ candrāya namaḥ)। ॐ, चंद्र के बीज अक्षर, चंद्र देव को नमस्कार। कई पुस्तकों में इसका अंत “चन्द्रमसे नमः” से होता है; दोनों रूप आम तौर पर इस्तेमाल होते हैं।
चंद्र मंत्र का जाप कितनी बार करें?
रोज़ एक माला (108 बार) आम तौर पर सुझाई जाती है, अक्सर सोमवार से शुरू करके। पूरे अनुष्ठान के लिए आम तौर पर 11,000 की संख्या बताई जाती है, जो कई दिनों में पूरी होती है। आपके लिए क्या ठीक है, यह आपकी कुंडली पर निर्भर है।
चंद्र का रत्न कौन सा है?
मोती (Pearl); उपरत्न मूनस्टोन। रत्न अपने ग्रह को बल देता है, इसलिए कुंडली दिखाकर ही पहनें। अपने मूलांक का रत्न रत्न कैलकुलेटर से देखें।
चंद्र की महादशा कितने साल की होती है?
विंशोत्तरी दशा में 10 वर्ष। मन, भावनाएँ, घर और माँ। यात्रा और लोगों से मेल-जोल आम विषय हैं; मन का उतार-चढ़ाव भी रह सकता है।
क्या चंद्र अशुभ ग्रह है?
कोई ग्रह सिर्फ़ शुभ या अशुभ नहीं होता। चंद्र दूसरी बातों के साथ मन और भावनाएँ, तथा माता का कारक है; आपके लिए यह कैसा काम करता है, यह आपकी कुंडली में इसकी राशि, भाव और बल और चल रही दशा पर निर्भर है।