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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर अगस्त 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, अगस्त 2026

  • महीने: श्रावण · भाद्रपद
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1शनिवारश्रावण
कृ तृतीया तक 11:08 pm → कृ चतुर्थी
शतभिषा
कुंभ
5:47 am · 6:53 pm
2रविवार
कृ चतुर्थी तक 11:16 pm → कृ पंचमी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 3:27 pm
5:48 am · 6:52 pm
3सोमवार
कृ पंचमी तक 10:55 pm → कृ षष्ठी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
5:48 am · 6:51 pm
4मंगलवार
कृ षष्ठी तक 10:04 pm → कृ सप्तमी
रेवती
मीन → मेष 9:55 pm
5:48 am · 6:51 pm
5बुधवार
कृ सप्तमी तक 8:43 pm → कृ अष्टमी
अश्विनी
मेष
5:49 am · 6:50 pm
6गुरुवार
कृ अष्टमी तक 6:54 pm → कृ नवमी
भरणी
मेष → वृषभ 1:54 am
5:49 am · 6:50 pm
7शुक्रवार
कृ नवमी तक 4:38 pm → कृ दशमी
कृत्तिका
वृषभ
5:49 am · 6:49 pm
8शनिवार
कृ दशमी तक 2:00 pm → कृ एकादशी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 3:50 am
5:50 am · 6:49 pm
9रविवार
कृ एकादशी तक 11:06 am → कृ द्वादशी
मृगशिरा
मिथुन
5:50 am · 6:48 pm
एकादशी
10सोमवार
कृ द्वादशी तक 8:02 am → कृ त्रयोदशी तक 4:55 am → कृ चतुर्दशी
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 4:44 am
5:51 am · 6:47 pm
11मंगलवार
कृ चतुर्दशी तक 1:54 am → अमावस्या
पुनर्वसु
कर्क
5:51 am · 6:47 pm
12बुधवार
अमावस्या तक 11:07 pm → शु प्रतिपदा
पुष्य
कर्क
5:51 am · 6:46 pm
अमावस्यासूर्य ग्रहण
13गुरुवार
शु प्रतिपदा तक 8:42 pm → शु द्वितीया
आश्लेषा
कर्क → सिंह 6:08 am
5:52 am · 6:45 pm
14शुक्रवार
शु द्वितीया तक 6:48 pm → शु तृतीया
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह
5:52 am · 6:45 pm
15शनिवार
शु तृतीया तक 5:30 pm → शु चतुर्थी
उत्तरा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 9:36 am
5:52 am · 6:44 pm
16रविवार
शु चतुर्थी तक 4:53 pm → शु पंचमी
हस्त
कन्या
5:53 am · 6:43 pm
17सोमवार
शु पंचमी तक 5:01 pm → शु षष्ठी
चित्रा
कन्या → तुला 4:21 pm
5:53 am · 6:42 pm
नाग पंचमीसंक्रांति
18मंगलवार
शु षष्ठी तक 5:52 pm → शु सप्तमी
स्वाती
तुला
5:53 am · 6:42 pm
19बुधवार
शु सप्तमी तक 7:20 pm → शु अष्टमी
स्वाती
तुला → वृश्चिक 2:31 am
5:54 am · 6:41 pm
20गुरुवार
शु अष्टमी तक 9:19 pm → शु नवमी
विशाखा
वृश्चिक
5:54 am · 6:40 pm
21शुक्रवार
शु नवमी तक 11:37 pm → शु दशमी
अनुराधा
वृश्चिक
5:54 am · 6:39 pm
22शनिवार
शु दशमी तक 2:01 am → शु एकादशी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 2:50 pm
5:54 am · 6:38 pm
23रविवार
शु एकादशी तक 4:20 am → शु द्वादशी
मूल
धनु
5:55 am · 6:38 pm
एकादशी
24सोमवार
शु द्वादशी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 3:07 am
5:55 am · 6:37 pm
25मंगलवार
शु द्वादशी तक 6:22 am → शु त्रयोदशी
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:55 am · 6:36 pm
26बुधवार
शु त्रयोदशी तक 8:00 am → शु चतुर्दशी
श्रवण
मकर
5:56 am · 6:35 pm
27गुरुवार
शु चतुर्दशी तक 9:10 am → पूर्णिमा
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 1:37 pm
5:56 am · 6:34 pm
28शुक्रवार
पूर्णिमा तक 9:49 am → कृ प्रतिपदा
शतभिषा
कुंभ
5:56 am · 6:33 pm
रक्षा बंधनपूर्णिमाचंद्र ग्रहण
29शनिवारभाद्रपद
कृ प्रतिपदा तक 9:58 am → कृ द्वितीया
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 9:38 pm
5:56 am · 6:33 pm
30रविवार
कृ द्वितीया तक 9:38 am → कृ तृतीया
उत्तरा भाद्रपद
मीन
5:57 am · 6:32 pm
31सोमवार
कृ तृतीया तक 8:52 am → कृ चतुर्थी
रेवती
मीन → मेष 3:24 am
5:57 am · 6:31 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

अगस्त 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
9 अगस्त, रविश्रावणकृष्ण पक्ष एकादशी
12 अगस्त, बुधश्रावणअमावस्या · सूर्य ग्रहण (यहाँ से नहीं दिखेगा: Nagpur)
17 अगस्त, सोमश्रावणनाग पंचमी · सिंह संक्रांति, 8:02 am
23 अगस्त, रविश्रावणशुक्ल पक्ष एकादशी
28 अगस्त, शुक्रश्रावणरक्षा बंधन · पूर्णिमा · चंद्र ग्रहण (यहाँ से नहीं दिखेगा: Nagpur)

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।