सीधे सामग्री पर जाएँ

15+ वर्षों का अनुभव · अंक ज्योतिष, कुंडली और वास्तु · सातों दिन खुला

कॉल या WhatsApp करें +91 70573 19073

Namieta ModiGlow On Numerology

Popular calculators

Quick links

हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर सितंबर 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, सितंबर 2026

  • महीने: भाद्रपद · आश्विन
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1मंगलवारभाद्रपद
कृ चतुर्थी तक 7:43 am → कृ पंचमी
अश्विनी
मेष
5:57 am · 6:30 pm
2बुधवार
कृ पंचमी तक 6:13 am → कृ षष्ठी तक 4:27 am → कृ सप्तमी
भरणी
मेष
5:57 am · 6:29 pm
3गुरुवार
कृ सप्तमी तक 2:26 am → कृ अष्टमी
कृत्तिका
मेष → वृषभ 7:26 am
5:58 am · 6:28 pm
4शुक्रवार
कृ अष्टमी तक 12:14 am → कृ नवमी
रोहिणी
वृषभ
5:58 am · 6:27 pm
कृष्ण जन्माष्टमी
5शनिवार
कृ नवमी तक 9:55 pm → कृ दशमी
मृगशिरा
वृषभ → मिथुन 10:19 am
5:58 am · 6:26 pm
6रविवार
कृ दशमी तक 7:30 pm → कृ एकादशी
आर्द्रा
मिथुन
5:58 am · 6:25 pm
7सोमवार
कृ एकादशी तक 5:05 pm → कृ द्वादशी
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 12:39 pm
5:59 am · 6:24 pm
एकादशी
8मंगलवार
कृ द्वादशी तक 2:44 pm → कृ त्रयोदशी
पुष्य
कर्क
5:59 am · 6:24 pm
9बुधवार
कृ त्रयोदशी तक 12:32 pm → कृ चतुर्दशी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 3:15 pm
5:59 am · 6:23 pm
10गुरुवार
कृ चतुर्दशी तक 10:34 am → अमावस्या
मघा
सिंह
5:59 am · 6:22 pm
11शुक्रवार
अमावस्या तक 8:57 am → शु प्रतिपदा
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 7:09 pm
6:00 am · 6:21 pm
अमावस्या
12शनिवार
शु प्रतिपदा तक 7:47 am → शु द्वितीया
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
6:00 am · 6:20 pm
13रविवार
शु द्वितीया तक 7:09 am → शु तृतीया
हस्त
कन्या → तुला 1:27 am
6:00 am · 6:19 pm
14सोमवार
शु तृतीया तक 7:08 am → शु चतुर्थी
चित्रा
तुला
6:00 am · 6:18 pm
गणेश चतुर्थी
15मंगलवार
शु चतुर्थी तक 7:45 am → शु पंचमी
स्वाती
तुला
6:01 am · 6:17 pm
16बुधवार
शु पंचमी तक 9:00 am → शु षष्ठी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 10:50 am
6:01 am · 6:16 pm
17गुरुवार
शु षष्ठी तक 10:49 am → शु सप्तमी
अनुराधा
वृश्चिक
6:01 am · 6:15 pm
संक्रांति
18शुक्रवार
शु सप्तमी तक 1:02 pm → शु अष्टमी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 10:46 pm
6:01 am · 6:14 pm
19शनिवार
शु अष्टमी तक 3:28 pm → शु नवमी
मूल
धनु
6:02 am · 6:13 pm
20रविवार
शु नवमी तक 5:52 pm → शु दशमी
पूर्वाषाढ़ा
धनु
6:02 am · 6:12 pm
21सोमवार
शु दशमी तक 8:02 pm → शु एकादशी
उत्तराषाढ़ा
धनु → मकर 11:16 am
6:02 am · 6:11 pm
22मंगलवार
शु एकादशी तक 9:44 pm → शु द्वादशी
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:02 am · 6:10 pm
एकादशी
23बुधवार
शु द्वादशी तक 10:51 pm → शु त्रयोदशी
श्रवण
मकर → कुंभ 9:58 pm
6:03 am · 6:09 pm
24गुरुवार
शु त्रयोदशी तक 11:19 pm → शु चतुर्दशी
धनिष्ठा
कुंभ
6:03 am · 6:08 pm
25शुक्रवार
शु चतुर्दशी तक 11:08 pm → पूर्णिमा
शतभिषा
कुंभ → मीन 5:34 am
6:03 am · 6:07 pm
26शनिवार
पूर्णिमा तक 10:19 pm → कृ प्रतिपदा
पूर्वा भाद्रपद
मीन
6:03 am · 6:06 pm
पूर्णिमा
27रविवारआश्विन
कृ प्रतिपदा तक 9:00 pm → कृ द्वितीया
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:04 am · 6:05 pm
28सोमवार
कृ द्वितीया तक 7:14 pm → कृ तृतीया
रेवती
मीन → मेष 10:17 am
6:04 am · 6:05 pm
29मंगलवार
कृ तृतीया तक 5:11 pm → कृ चतुर्थी
अश्विनी
मेष
6:04 am · 6:04 pm
30बुधवार
कृ चतुर्थी तक 2:56 pm → कृ पंचमी
भरणी
मेष → वृषभ 1:14 pm
6:04 am · 6:03 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

सितंबर 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
4 सितंबर, शुक्रभाद्रपदकृष्ण जन्माष्टमी
7 सितंबर, सोमभाद्रपदकृष्ण पक्ष एकादशी
11 सितंबर, शुक्रभाद्रपदअमावस्या
14 सितंबर, सोमभाद्रपदगणेश चतुर्थी
17 सितंबर, गुरुभाद्रपदकन्या संक्रांति, 7:57 am
22 सितंबर, मंगलभाद्रपदशुक्ल पक्ष एकादशी
26 सितंबर, शनिभाद्रपदपूर्णिमा

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।