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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर जनवरी 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, जनवरी 2026

  • महीने: पौष · माघ
  • विक्रम संवत: 2082
  • शक संवत: 1947
1गुरुवारपौष
शु त्रयोदशी तक 10:23 pm → शु चतुर्दशी
रोहिणी
वृषभ
6:51 am · 5:43 pm
2शुक्रवार
शु चतुर्दशी तक 6:54 pm → पूर्णिमा
मृगशिरा
वृषभ → मिथुन 9:26 am
6:51 am · 5:44 pm
3शनिवार
पूर्णिमा तक 3:33 pm → कृ प्रतिपदा
आर्द्रा
मिथुन
6:51 am · 5:45 pm
पूर्णिमा
4रविवारमाघ
कृ प्रतिपदा तक 12:31 pm → कृ द्वितीया
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 9:44 am
6:52 am · 5:45 pm
5सोमवार
कृ द्वितीया तक 9:57 am → कृ तृतीया
पुष्य
कर्क
6:52 am · 5:46 pm
6मंगलवार
कृ तृतीया तक 8:03 am → कृ चतुर्थी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 12:19 pm
6:52 am · 5:47 pm
7बुधवार
कृ चतुर्थी तक 6:53 am → कृ पंचमी तक 6:35 am → कृ षष्ठी
मघा
सिंह
6:52 am · 5:47 pm
8गुरुवार
कृ षष्ठी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 6:40 pm
6:53 am · 5:48 pm
9शुक्रवार
कृ षष्ठी तक 7:06 am → कृ सप्तमी
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
6:53 am · 5:49 pm
10शनिवार
कृ सप्तमी तक 8:25 am → कृ अष्टमी
हस्त
कन्या → तुला 4:53 am
6:53 am · 5:49 pm
11रविवार
कृ अष्टमी तक 10:21 am → कृ नवमी
चित्रा
तुला
6:53 am · 5:50 pm
12सोमवार
कृ नवमी तक 12:44 pm → कृ दशमी
स्वाती
तुला
6:53 am · 5:51 pm
13मंगलवार
कृ दशमी तक 3:19 pm → कृ एकादशी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 5:23 pm
6:53 am · 5:51 pm
14बुधवार
कृ एकादशी तक 5:54 pm → कृ द्वादशी
अनुराधा
वृश्चिक
6:53 am · 5:52 pm
मकर संक्रांतिएकादशीसंक्रांति
15गुरुवार
कृ द्वादशी तक 8:17 pm → कृ त्रयोदशी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 5:49 am
6:53 am · 5:53 pm
16शुक्रवार
कृ त्रयोदशी तक 10:23 pm → कृ चतुर्दशी
मूल
धनु
6:53 am · 5:53 pm
17शनिवार
कृ चतुर्दशी तक 12:05 am → अमावस्या
मूल
धनु
6:53 am · 5:54 pm
18रविवार
अमावस्या तक 1:22 am → शु प्रतिपदा
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 4:42 pm
6:53 am · 5:55 pm
अमावस्या
19सोमवार
शु प्रतिपदा तक 2:15 am → शु द्वितीया
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:53 am · 5:55 pm
20मंगलवार
शु द्वितीया तक 2:43 am → शु तृतीया
श्रवण
मकर → कुंभ 1:37 am
6:53 am · 5:56 pm
21बुधवार
शु तृतीया तक 2:48 am → शु चतुर्थी
धनिष्ठा
कुंभ
6:53 am · 5:57 pm
22गुरुवार
शु चतुर्थी तक 2:29 am → शु पंचमी
शतभिषा
कुंभ
6:53 am · 5:57 pm
23शुक्रवार
शु पंचमी तक 1:47 am → शु षष्ठी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 8:35 am
6:53 am · 5:58 pm
वसंत पंचमी
24शनिवार
शु षष्ठी तक 12:41 am → शु सप्तमी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:53 am · 5:59 pm
25रविवार
शु सप्तमी तक 11:11 pm → शु अष्टमी
रेवती
मीन → मेष 1:37 pm
6:53 am · 5:59 pm
26सोमवार
शु अष्टमी तक 9:19 pm → शु नवमी
अश्विनी
मेष
6:52 am · 6:00 pm
27मंगलवार
शु नवमी तक 7:06 pm → शु दशमी
भरणी
मेष → वृषभ 4:46 pm
6:52 am · 6:01 pm
28बुधवार
शु दशमी तक 4:37 pm → शु एकादशी
कृत्तिका
वृषभ
6:52 am · 6:01 pm
29गुरुवार
शु एकादशी तक 1:56 pm → शु द्वादशी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 6:32 pm
6:52 am · 6:02 pm
एकादशी
30शुक्रवार
शु द्वादशी तक 11:10 am → शु त्रयोदशी
आर्द्रा
मिथुन
6:51 am · 6:03 pm
31शनिवार
शु त्रयोदशी तक 8:27 am → शु चतुर्दशी तक 5:54 am → पूर्णिमा
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 8:02 pm
6:51 am · 6:03 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

जनवरी 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
3 जनवरी, शनिपौषपूर्णिमा
14 जनवरी, बुधमाघमकर संक्रांति · कृष्ण पक्ष एकादशी · मकर संक्रांति, 3:11 pm
18 जनवरी, रविमाघअमावस्या
23 जनवरी, शुक्रमाघवसंत पंचमी
29 जनवरी, गुरुमाघशुक्ल पक्ष एकादशी

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।