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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर नवंबर 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, नवंबर 2026

  • महीने: कार्तिक · मार्गशीर्ष
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1रविवारकार्तिक
कृ सप्तमी तक 2:53 pm → कृ अष्टमी
पुष्य
कर्क
6:16 am · 5:38 pm
2सोमवार
कृ अष्टमी तक 1:11 pm → कृ नवमी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 3:47 am
6:17 am · 5:37 pm
3मंगलवार
कृ नवमी तक 11:55 am → कृ दशमी
मघा
सिंह
6:17 am · 5:37 pm
4बुधवार
कृ दशमी तक 11:04 am → कृ एकादशी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह
6:18 am · 5:36 pm
5गुरुवार
कृ एकादशी तक 10:37 am → कृ द्वादशी
उत्तरा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 9:36 am
6:18 am · 5:36 pm
एकादशी
6शुक्रवार
कृ द्वादशी तक 10:32 am → कृ त्रयोदशी
हस्त
कन्या
6:19 am · 5:35 pm
धनतेरस
7शनिवार
कृ त्रयोदशी तक 10:49 am → कृ चतुर्दशी
चित्रा
कन्या → तुला 5:16 pm
6:19 am · 5:35 pm
8रविवार
कृ चतुर्दशी तक 11:29 am → अमावस्या
स्वाती
तुला
6:20 am · 5:35 pm
दीपावली (लक्ष्मी पूजा)
9सोमवार
अमावस्या तक 12:32 pm → शु प्रतिपदा
स्वाती
तुला → वृश्चिक 2:49 am
6:21 am · 5:34 pm
अमावस्या
10मंगलवार
शु प्रतिपदा तक 2:01 pm → शु द्वितीया
विशाखा
वृश्चिक
6:21 am · 5:34 pm
गोवर्धन पूजा
11बुधवार
शु द्वितीया तक 3:54 pm → शु तृतीया
अनुराधा
वृश्चिक
6:22 am · 5:33 pm
भाई दूज
12गुरुवार
शु तृतीया तक 6:10 pm → शु चतुर्थी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 2:20 pm
6:22 am · 5:33 pm
13शुक्रवार
शु चतुर्थी तक 8:43 pm → शु पंचमी
मूल
धनु
6:23 am · 5:33 pm
14शनिवार
शु पंचमी तक 11:25 pm → शु षष्ठी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 3:12 am
6:23 am · 5:32 pm
15रविवार
शु षष्ठी तक 2:02 am → शु सप्तमी
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:24 am · 5:32 pm
छठ पूजा
16सोमवार
शु सप्तमी तक 4:21 am → शु अष्टमी
श्रवण
मकर
6:25 am · 5:32 pm
संक्रांति
17मंगलवार
शु अष्टमी तक 6:06 am → शु नवमी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 3:31 pm
6:25 am · 5:32 pm
18बुधवार
शु नवमी
शतभिषा
कुंभ
6:26 am · 5:31 pm
19गुरुवार
शु नवमी तक 7:07 am → शु दशमी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 12:51 am
6:26 am · 5:31 pm
20शुक्रवार
शु दशमी तक 7:17 am → शु एकादशी
पूर्वा भाद्रपद
मीन
6:27 am · 5:31 pm
21शनिवार
शु एकादशी तक 6:32 am → शु द्वादशी तक 4:57 am → शु त्रयोदशी
उत्तरा भाद्रपद
मीन → मेष 5:55 am
6:28 am · 5:31 pm
एकादशी
22रविवार
शु त्रयोदशी तक 2:38 am → शु चतुर्दशी
अश्विनी
मेष
6:28 am · 5:31 pm
23सोमवार
शु चतुर्दशी तक 11:43 pm → पूर्णिमा
भरणी
मेष
6:29 am · 5:31 pm
24मंगलवार
पूर्णिमा तक 8:24 pm → कृ प्रतिपदा
कृत्तिका
मेष → वृषभ 7:25 am
6:30 am · 5:31 pm
कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
25बुधवारमार्गशीर्ष
कृ प्रतिपदा तक 4:51 pm → कृ द्वितीया
रोहिणी
वृषभ
6:30 am · 5:31 pm
26गुरुवार
कृ द्वितीया तक 1:16 pm → कृ तृतीया
मृगशिरा
वृषभ → मिथुन 7:12 am
6:31 am · 5:31 pm
27शुक्रवार
कृ तृतीया तक 9:49 am → कृ चतुर्थी
आर्द्रा
मिथुन
6:32 am · 5:31 pm
28शनिवार
कृ चतुर्थी तक 6:41 am → कृ पंचमी तक 3:58 am → कृ षष्ठी
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 7:23 am
6:32 am · 5:31 pm
29रविवार
कृ षष्ठी तक 1:47 am → कृ सप्तमी
पुष्य
कर्क
6:33 am · 5:31 pm
30सोमवार
कृ सप्तमी तक 12:13 am → कृ अष्टमी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 9:43 am
6:33 am · 5:31 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

नवंबर 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
5 नवंबर, गुरुकार्तिककृष्ण पक्ष एकादशी
6 नवंबर, शुक्रकार्तिकधनतेरस
8 नवंबर, रविकार्तिकदीपावली (लक्ष्मी पूजा)
9 नवंबर, सोमकार्तिकअमावस्या
10 नवंबर, मंगलकार्तिकगोवर्धन पूजा
11 नवंबर, बुधकार्तिकभाई दूज
15 नवंबर, रविकार्तिकछठ पूजा
16 नवंबर, सोमकार्तिकवृश्चिक संक्रांति, 7:47 pm
21 नवंबर, शनिकार्तिकशुक्ल पक्ष एकादशी
24 नवंबर, मंगलकार्तिककार्तिक पूर्णिमा · पूर्णिमा

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।