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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर मार्च 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, मार्च 2026

  • महीने: फाल्गुन · चैत्र
  • विक्रम संवत: 2082 / 2083
  • शक संवत: 1947 / 1948
1रविवारफाल्गुन
शु त्रयोदशी तक 7:10 pm → शु चतुर्दशी
पुष्य
कर्क
6:34 am · 6:18 pm
2सोमवार
शु चतुर्दशी तक 5:57 pm → पूर्णिमा
आश्लेषा
कर्क → सिंह 7:53 am
6:34 am · 6:18 pm
3मंगलवार
पूर्णिमा तक 5:08 pm → कृ प्रतिपदा
मघा
सिंह
6:33 am · 6:19 pm
होलिका दहनपूर्णिमाचंद्र ग्रहण
4बुधवारचैत्र
कृ प्रतिपदा तक 4:50 pm → कृ द्वितीया
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 1:47 pm
6:32 am · 6:19 pm
होली
5गुरुवार
कृ द्वितीया तक 5:05 pm → कृ तृतीया
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
6:31 am · 6:19 pm
6शुक्रवार
कृ तृतीया तक 5:54 pm → कृ चतुर्थी
हस्त
कन्या → तुला 10:20 pm
6:30 am · 6:20 pm
7शनिवार
कृ चतुर्थी तक 7:18 pm → कृ पंचमी
चित्रा
तुला
6:29 am · 6:20 pm
8रविवार
कृ पंचमी तक 9:12 pm → कृ षष्ठी
स्वाती
तुला
6:29 am · 6:21 pm
9सोमवार
कृ षष्ठी तक 11:28 pm → कृ सप्तमी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 9:31 am
6:28 am · 6:21 pm
10मंगलवार
कृ सप्तमी तक 1:55 am → कृ अष्टमी
अनुराधा
वृश्चिक
6:27 am · 6:21 pm
11बुधवार
कृ अष्टमी तक 4:20 am → कृ नवमी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 10:01 pm
6:26 am · 6:22 pm
12गुरुवार
कृ नवमी
मूल
धनु
6:25 am · 6:22 pm
13शुक्रवार
कृ नवमी तक 6:30 am → कृ दशमी
पूर्वाषाढ़ा
धनु
6:24 am · 6:22 pm
14शनिवार
कृ दशमी तक 8:12 am → कृ एकादशी
उत्तराषाढ़ा
धनु → मकर 9:34 am
6:23 am · 6:23 pm
15रविवार
कृ एकादशी तक 9:17 am → कृ द्वादशी
श्रवण
मकर
6:22 am · 6:23 pm
एकादशीसंक्रांति
16सोमवार
कृ द्वादशी तक 9:42 am → कृ त्रयोदशी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 6:15 pm
6:22 am · 6:23 pm
17मंगलवार
कृ त्रयोदशी तक 9:24 am → कृ चतुर्दशी
धनिष्ठा
कुंभ
6:21 am · 6:24 pm
18बुधवार
कृ चतुर्दशी तक 8:26 am → अमावस्या
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 11:37 pm
6:20 am · 6:24 pm
19गुरुवार
अमावस्या तक 6:54 am → शु प्रतिपदा तक 4:53 am → शु द्वितीया
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:19 am · 6:24 pm
चैत्र नवरात्रि आरंभअमावस्या
20शुक्रवार
शु द्वितीया तक 2:32 am → शु तृतीया
रेवती
मीन → मेष 2:29 am
6:18 am · 6:25 pm
21शनिवार
शु तृतीया तक 11:57 pm → शु चतुर्थी
अश्विनी
मेष
6:17 am · 6:25 pm
22रविवार
शु चतुर्थी तक 9:18 pm → शु पंचमी
भरणी
मेष → वृषभ 4:15 am
6:16 am · 6:25 pm
23सोमवार
शु पंचमी तक 6:39 pm → शु षष्ठी
कृत्तिका
वृषभ
6:15 am · 6:26 pm
24मंगलवार
शु षष्ठी तक 4:09 pm → शु सप्तमी
रोहिणी
वृषभ
6:14 am · 6:26 pm
25बुधवार
शु सप्तमी तक 1:51 pm → शु अष्टमी
मृगशिरा
वृषभ → मिथुन 6:18 am
6:13 am · 6:26 pm
26गुरुवार
शु अष्टमी तक 11:50 am → शु नवमी
आर्द्रा
मिथुन
6:13 am · 6:26 pm
राम नवमी
27शुक्रवार
शु नवमी तक 10:08 am → शु दशमी
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 9:37 am
6:12 am · 6:27 pm
28शनिवार
शु दशमी तक 8:47 am → शु एकादशी
पुष्य
कर्क
6:11 am · 6:27 pm
29रविवार
शु एकादशी तक 7:47 am → शु द्वादशी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 2:38 pm
6:10 am · 6:27 pm
एकादशी
30सोमवार
शु द्वादशी तक 7:11 am → शु त्रयोदशी
मघा
सिंह
6:09 am · 6:28 pm
31मंगलवार
शु त्रयोदशी तक 6:57 am → शु चतुर्दशी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 9:34 pm
6:08 am · 6:28 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

मार्च 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
3 मार्च, मंगलफाल्गुनहोलिका दहन · पूर्णिमा · चंद्र ग्रहण
4 मार्च, बुधचैत्रहोली
15 मार्च, रविचैत्रकृष्ण पक्ष एकादशी · मीन संक्रांति, 1:07 am
19 मार्च, गुरुचैत्रचैत्र नवरात्रि आरंभ · अमावस्या
26 मार्च, गुरुचैत्रराम नवमी
29 मार्च, रविचैत्रशुक्ल पक्ष एकादशी

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।