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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर मई 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, मई 2026

  • महीने: वैशाख · अधिक ज्येष्ठ
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1शुक्रवारवैशाख
पूर्णिमा तक 10:54 pm → कृ प्रतिपदा
स्वाती
तुला
5:43 am · 6:39 pm
पूर्णिमा
2शनिवारअधिक ज्येष्ठ
कृ प्रतिपदा तक 12:51 am → कृ द्वितीया
विशाखा
तुला → वृश्चिक 12:31 am
5:43 am · 6:39 pm
3रविवार
कृ द्वितीया तक 3:03 am → कृ तृतीया
विशाखा
वृश्चिक
5:42 am · 6:39 pm
4सोमवार
कृ तृतीया तक 5:25 am → कृ चतुर्थी
अनुराधा
वृश्चिक
5:41 am · 6:40 pm
5मंगलवार
कृ चतुर्थी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 12:55 pm
5:41 am · 6:40 pm
6बुधवार
कृ चतुर्थी तक 7:52 am → कृ पंचमी
मूल
धनु
5:40 am · 6:41 pm
7गुरुवार
कृ पंचमी तक 10:15 am → कृ षष्ठी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 1:27 am
5:40 am · 6:41 pm
8शुक्रवार
कृ षष्ठी तक 12:23 pm → कृ सप्तमी
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:39 am · 6:41 pm
9शनिवार
कृ सप्तमी तक 2:04 pm → कृ अष्टमी
श्रवण
मकर
5:39 am · 6:42 pm
10रविवार
कृ अष्टमी तक 3:07 pm → कृ नवमी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 12:14 pm
5:38 am · 6:42 pm
11सोमवार
कृ नवमी तक 3:25 pm → कृ दशमी
शतभिषा
कुंभ
5:38 am · 6:43 pm
12मंगलवार
कृ दशमी तक 2:53 pm → कृ एकादशी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 7:26 pm
5:37 am · 6:43 pm
13बुधवार
कृ एकादशी तक 1:31 pm → कृ द्वादशी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
5:37 am · 6:43 pm
एकादशी
14गुरुवार
कृ द्वादशी तक 11:21 am → कृ त्रयोदशी
रेवती
मीन → मेष 10:35 pm
5:36 am · 6:44 pm
15शुक्रवार
कृ त्रयोदशी तक 8:32 am → कृ चतुर्दशी तक 5:12 am → अमावस्या
अश्विनी
मेष
5:36 am · 6:44 pm
संक्रांति
16शनिवार
अमावस्या तक 1:31 am → शु प्रतिपदा
भरणी
मेष → वृषभ 10:48 pm
5:35 am · 6:45 pm
अमावस्या
17रविवार
शु प्रतिपदा तक 9:42 pm → शु द्वितीया
कृत्तिका
वृषभ
5:35 am · 6:45 pm
18सोमवार
शु द्वितीया तक 5:54 pm → शु तृतीया
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 10:06 pm
5:35 am · 6:46 pm
19मंगलवार
शु तृतीया तक 2:19 pm → शु चतुर्थी
मृगशिरा
मिथुन
5:34 am · 6:46 pm
20बुधवार
शु चतुर्थी तक 11:08 am → शु पंचमी
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 10:39 pm
5:34 am · 6:46 pm
21गुरुवार
शु पंचमी तक 8:28 am → शु षष्ठी
पुष्य
कर्क
5:34 am · 6:47 pm
22शुक्रवार
शु षष्ठी तक 6:25 am → शु सप्तमी तक 5:05 am → शु अष्टमी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 2:09 am
5:33 am · 6:47 pm
23शनिवार
शु अष्टमी तक 4:28 am → शु नवमी
मघा
सिंह
5:33 am · 6:48 pm
24रविवार
शु नवमी तक 4:32 am → शु दशमी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह
5:33 am · 6:48 pm
25सोमवार
शु दशमी तक 5:12 am → शु एकादशी
उत्तरा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 9:08 am
5:33 am · 6:49 pm
26मंगलवार
शु एकादशी
हस्त
कन्या
5:32 am · 6:49 pm
एकादशी
27बुधवार
शु एकादशी तक 6:23 am → शु द्वादशी
हस्त
कन्या → तुला 7:01 pm
5:32 am · 6:49 pm
एकादशी
28गुरुवार
शु द्वादशी तक 7:58 am → शु त्रयोदशी
चित्रा
तुला
5:32 am · 6:50 pm
29शुक्रवार
शु त्रयोदशी तक 9:52 am → शु चतुर्दशी
स्वाती
तुला
5:32 am · 6:50 pm
30शनिवार
शु चतुर्दशी तक 11:59 am → पूर्णिमा
विशाखा
तुला → वृश्चिक 6:39 am
5:32 am · 6:51 pm
31रविवार
पूर्णिमा तक 2:16 pm → कृ प्रतिपदा
अनुराधा
वृश्चिक
5:32 am · 6:51 pm
पूर्णिमा

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

मई 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
1 मई, शुक्रवैशाखपूर्णिमा
13 मई, बुधअधिक ज्येष्ठकृष्ण पक्ष एकादशी
15 मई, शुक्रअधिक ज्येष्ठवृषभ संक्रांति, 6:27 am
16 मई, शनिअधिक ज्येष्ठअमावस्या
26 मई, मंगलअधिक ज्येष्ठशुक्ल पक्ष एकादशी
27 मई, बुधअधिक ज्येष्ठशुक्ल पक्ष एकादशी
31 मई, रविअधिक ज्येष्ठपूर्णिमा

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।