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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर जुलाई 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, जुलाई 2026

  • महीने: आषाढ़ · श्रावण
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1बुधवारआषाढ़
कृ प्रतिपदा तक 7:39 am → कृ द्वितीया
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 1:33 pm
5:35 am · 6:59 pm
2गुरुवार
कृ द्वितीया तक 9:39 am → कृ तृतीया
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:36 am · 6:59 pm
3शुक्रवार
कृ तृतीया तक 11:21 am → कृ चतुर्थी
श्रवण
मकर → कुंभ 12:50 am
5:36 am · 6:59 pm
4शनिवार
कृ चतुर्थी तक 12:41 pm → कृ पंचमी
धनिष्ठा
कुंभ
5:36 am · 7:00 pm
5रविवार
कृ पंचमी तक 1:32 pm → कृ षष्ठी
शतभिषा
कुंभ
5:37 am · 7:00 pm
6सोमवार
कृ षष्ठी तक 1:48 pm → कृ सप्तमी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 9:58 am
5:37 am · 6:59 pm
7मंगलवार
कृ सप्तमी तक 1:26 pm → कृ अष्टमी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
5:38 am · 6:59 pm
8बुधवार
कृ अष्टमी तक 12:23 pm → कृ नवमी
रेवती
मीन → मेष 4:01 pm
5:38 am · 6:59 pm
9गुरुवार
कृ नवमी तक 10:39 am → कृ दशमी
अश्विनी
मेष
5:38 am · 6:59 pm
10शुक्रवार
कृ दशमी तक 8:17 am → कृ एकादशी तक 5:24 am → कृ द्वादशी
भरणी
मेष → वृषभ 6:46 pm
5:39 am · 6:59 pm
11शनिवार
कृ द्वादशी तक 2:05 am → कृ त्रयोदशी
कृत्तिका
वृषभ
5:39 am · 6:59 pm
12रविवार
कृ त्रयोदशी तक 10:31 pm → कृ चतुर्दशी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 7:08 pm
5:39 am · 6:59 pm
13सोमवार
कृ चतुर्दशी तक 6:50 pm → अमावस्या
मृगशिरा
मिथुन
5:40 am · 6:59 pm
14मंगलवार
अमावस्या तक 3:14 pm → शु प्रतिपदा
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 6:50 pm
5:40 am · 6:59 pm
अमावस्या
15बुधवार
शु प्रतिपदा तक 11:52 am → शु द्वितीया
पुष्य
कर्क
5:41 am · 6:59 pm
16गुरुवार
शु द्वितीया तक 8:54 am → शु तृतीया
आश्लेषा
कर्क → सिंह 7:53 pm
5:41 am · 6:58 pm
रथ यात्रासंक्रांति
17शुक्रवार
शु तृतीया तक 6:29 am → शु चतुर्थी तक 4:44 am → शु पंचमी
मघा
सिंह
5:41 am · 6:58 pm
18शनिवार
शु पंचमी तक 3:44 am → शु षष्ठी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 12:00 am
5:42 am · 6:58 pm
19रविवार
शु षष्ठी तक 3:31 am → शु सप्तमी
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
5:42 am · 6:58 pm
20सोमवार
शु सप्तमी तक 4:04 am → शु अष्टमी
हस्त
कन्या
5:43 am · 6:57 pm
21मंगलवार
शु अष्टमी तक 5:18 am → शु नवमी
चित्रा
कन्या → तुला 7:55 am
5:43 am · 6:57 pm
22बुधवार
शु नवमी
स्वाती
तुला
5:43 am · 6:57 pm
23गुरुवार
शु नवमी तक 7:04 am → शु दशमी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 7:02 pm
5:44 am · 6:56 pm
24शुक्रवार
शु दशमी तक 9:14 am → शु एकादशी
अनुराधा
वृश्चिक
5:44 am · 6:56 pm
25शनिवार
शु एकादशी तक 11:35 am → शु द्वादशी
ज्येष्ठा
वृश्चिक
5:45 am · 6:56 pm
एकादशी
26रविवार
शु द्वादशी तक 1:59 pm → शु त्रयोदशी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 7:36 am
5:45 am · 6:55 pm
27सोमवार
शु त्रयोदशी तक 4:16 pm → शु चतुर्दशी
मूल
धनु
5:45 am · 6:55 pm
28मंगलवार
शु चतुर्दशी तक 6:20 pm → पूर्णिमा
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 7:50 pm
5:46 am · 6:54 pm
29बुधवार
पूर्णिमा तक 8:06 pm → कृ प्रतिपदा
उत्तराषाढ़ा
मकर
5:46 am · 6:54 pm
गुरु पूर्णिमापूर्णिमा
30गुरुवारश्रावण
कृ प्रतिपदा तक 9:31 pm → कृ द्वितीया
श्रवण
मकर
5:47 am · 6:53 pm
31शुक्रवार
कृ द्वितीया तक 10:33 pm → कृ तृतीया
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 6:38 am
5:47 am · 6:53 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

जुलाई 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
14 जुलाई, मंगलआषाढ़अमावस्या
16 जुलाई, गुरुआषाढ़रथ यात्रा · कर्क संक्रांति, 11:43 pm
25 जुलाई, शनिआषाढ़शुक्ल पक्ष एकादशी
29 जुलाई, बुधआषाढ़गुरु पूर्णिमा · पूर्णिमा

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।