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हिंदू कैलेंडर · चंद्र-सौर

हिंदू कैलेंडर अक्टूबर 2026

हिंदू पंचांग में हर दिन की पहचान उस तिथि से होती है जो सूर्योदय के समय चल रही हो। उत्तर भारत में महीना एक पूर्णिमा के बाद से अगली पूर्णिमा तक गिना जाता है (पूर्णिमांत), और वर्ष विक्रम संवत में चैत्र से शुरू होता है।

हिंदू कैलेंडर, अक्टूबर 2026

  • महीने: आश्विन · कार्तिक
  • विक्रम संवत: 2083
  • शक संवत: 1948
1गुरुवारआश्विन
कृ पंचमी तक 12:36 pm → कृ षष्ठी
रोहिणी
वृषभ
6:05 am · 6:02 pm
2शुक्रवार
कृ षष्ठी तक 10:16 am → कृ सप्तमी
मृगशिरा
वृषभ → मिथुन 3:41 pm
6:05 am · 6:01 pm
3शनिवार
कृ सप्तमी तक 8:01 am → कृ अष्टमी तक 5:53 am → कृ नवमी
आर्द्रा
मिथुन
6:05 am · 6:00 pm
4रविवार
कृ नवमी तक 3:55 am → कृ दशमी
पुनर्वसु
मिथुन → कर्क 6:33 pm
6:06 am · 5:59 pm
5सोमवार
कृ दशमी तक 2:08 am → कृ एकादशी
पुष्य
कर्क
6:06 am · 5:58 pm
6मंगलवार
कृ एकादशी तक 12:35 am → कृ द्वादशी
आश्लेषा
कर्क → सिंह 10:19 pm
6:06 am · 5:57 pm
एकादशी
7बुधवार
कृ द्वादशी तक 11:17 pm → कृ त्रयोदशी
मघा
सिंह
6:06 am · 5:56 pm
8गुरुवार
कृ त्रयोदशी तक 10:17 pm → कृ चतुर्दशी
पूर्वा फाल्गुनी
सिंह → कन्या 3:19 am
6:07 am · 5:55 pm
9शुक्रवार
कृ चतुर्दशी तक 9:37 pm → अमावस्या
उत्तरा फाल्गुनी
कन्या
6:07 am · 5:55 pm
10शनिवार
अमावस्या तक 9:20 pm → शु प्रतिपदा
हस्त
कन्या
6:07 am · 5:54 pm
अमावस्या
11रविवार
शु प्रतिपदा तक 9:32 pm → शु द्वितीया
चित्रा
कन्या → तुला 10:05 am
6:08 am · 5:53 pm
शारदीय नवरात्रि आरंभ
12सोमवार
शु द्वितीया तक 10:14 pm → शु तृतीया
स्वाती
तुला
6:08 am · 5:52 pm
13मंगलवार
शु तृतीया तक 11:29 pm → शु चतुर्थी
विशाखा
तुला → वृश्चिक 7:13 pm
6:08 am · 5:51 pm
14बुधवार
शु चतुर्थी तक 1:14 am → शु पंचमी
अनुराधा
वृश्चिक
6:09 am · 5:50 pm
15गुरुवार
शु पंचमी तक 3:26 am → शु षष्ठी
ज्येष्ठा
वृश्चिक
6:09 am · 5:50 pm
16शुक्रवार
शु षष्ठी तक 5:55 am → शु सप्तमी
ज्येष्ठा
वृश्चिक → धनु 6:49 am
6:09 am · 5:49 pm
17शनिवार
शु सप्तमी
मूल
धनु
6:10 am · 5:48 pm
संक्रांति
18रविवार
शु सप्तमी तक 8:29 am → शु अष्टमी
पूर्वाषाढ़ा
धनु → मकर 7:34 pm
6:10 am · 5:47 pm
19सोमवार
शु अष्टमी तक 10:53 am → शु नवमी
उत्तराषाढ़ा
मकर
6:11 am · 5:46 pm
दुर्गा अष्टमी
20मंगलवार
शु नवमी तक 12:51 pm → शु दशमी
श्रवण
मकर
6:11 am · 5:46 pm
दशहरा (विजयादशमी)
21बुधवार
शु दशमी तक 2:13 pm → शु एकादशी
धनिष्ठा
मकर → कुंभ 7:01 am
6:11 am · 5:45 pm
22गुरुवार
शु एकादशी तक 2:49 pm → शु द्वादशी
शतभिषा
कुंभ
6:12 am · 5:44 pm
एकादशी
23शुक्रवार
शु द्वादशी तक 2:37 pm → शु त्रयोदशी
पूर्वा भाद्रपद
कुंभ → मीन 3:05 pm
6:12 am · 5:44 pm
24शनिवार
शु त्रयोदशी तक 1:38 pm → शु चतुर्दशी
उत्तरा भाद्रपद
मीन
6:13 am · 5:43 pm
25रविवार
शु चतुर्दशी तक 11:57 am → पूर्णिमा
रेवती
मीन → मेष 7:23 pm
6:13 am · 5:42 pm
26सोमवार
पूर्णिमा तक 9:42 am → कृ प्रतिपदा
अश्विनी
मेष
6:13 am · 5:42 pm
पूर्णिमा
27मंगलवारकार्तिक
कृ प्रतिपदा तक 7:02 am → कृ द्वितीया तक 4:08 am → कृ तृतीया
भरणी
मेष → वृषभ 9:08 pm
6:14 am · 5:41 pm
28बुधवार
कृ तृतीया तक 1:08 am → कृ चतुर्थी
कृत्तिका
वृषभ
6:14 am · 5:40 pm
29गुरुवार
कृ चतुर्थी तक 10:11 pm → कृ पंचमी
रोहिणी
वृषभ → मिथुन 10:08 pm
6:15 am · 5:40 pm
करवा चौथ
30शुक्रवार
कृ पंचमी तक 7:26 pm → कृ षष्ठी
मृगशिरा
मिथुन
6:15 am · 5:39 pm
31शनिवार
कृ षष्ठी तक 4:58 pm → कृ सप्तमी
आर्द्रा
मिथुन → कर्क 12:02 am
6:16 am · 5:38 pm

शु = शुक्ल पक्ष, कृ = कृष्ण पक्ष। तिथि सूर्योदय के समय की है, और अगर अगले सूर्योदय से पहले बदलती है तो उसका समय दिया है। ☆ नक्षत्र, ☾ चंद्र राशि, ☼ सूर्योदय और सूर्यास्त, Nagpur के लिए, IST में।

अक्टूबर 2026 के ख़ास दिन

तारीखमहीनाक्या है
6 अक्टूबर, मंगलआश्विनकृष्ण पक्ष एकादशी
10 अक्टूबर, शनिआश्विनअमावस्या
11 अक्टूबर, रविआश्विनशारदीय नवरात्रि आरंभ
17 अक्टूबर, शनिआश्विनतुला संक्रांति, 7:56 pm
19 अक्टूबर, सोमआश्विनदुर्गा अष्टमी
20 अक्टूबर, मंगलआश्विनदशहरा (विजयादशमी)
22 अक्टूबर, गुरुआश्विनशुक्ल पक्ष एकादशी
26 अक्टूबर, सोमआश्विनपूर्णिमा
29 अक्टूबर, गुरुकार्तिककरवा चौथ

हिंदू कैलेंडर कैसे चलता है

चंद्र मास लगभग साढ़े उनतीस दिन का होता है, इसलिए बारह चंद्र मास सौर वर्ष से करीब 11 दिन छोटे पड़ जाते हैं। इस अंतर को पाटने के लिए लगभग हर तीसरे वर्ष एक अधिक मास जुड़ता है, ताकि त्योहार अपनी ऋतु से न खिसकें। कृष्ण पक्ष के महीने के नाम में उत्तर और बाकी भारत अलग चलते हैं: उत्तर भारत इन पंद्रह दिनों को आने वाले महीने में गिनता है (पूर्णिमांत), जबकि महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण के कई राज्य इन्हें चल रहे महीने में ही गिनते हैं (अमांत)। इस कैलेंडर में दोनों नाम दिए गए हैं।

विक्रम संवत का नया वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शुरू होता है, यानी मार्च या अप्रैल की अमावस्या के अगले दिन। इसी दिन से चैत्र नवरात्र भी शुरू होते हैं।

#महीनाDevanagari
1चैत्रचैत्र
2वैशाखवैशाख
3ज्येष्ठज्येष्ठ
4आषाढ़आषाढ़
5श्रावणश्रावण
6भाद्रपदभाद्रपद
7आश्विनआश्विन
8कार्तिककार्तिक
9मार्गशीर्षमार्गशीर्ष
10पौषपौष
11माघमाघ
12फाल्गुनफाल्गुन

दूसरे क्षेत्रीय कैलेंडर

रोज़ का पूरा पंचांग (योग, करण, राहु काल) आज का पंचांग में देखें, और अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण की पूरी सूची भी।