हिंदू त्योहार · व्यास पूर्णिमा
गुरु पूर्णिमा 2027: तारीख और पूर्णिमा तिथि का समय
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ की पूर्णिमा है, जो शिक्षकों और गुरुओं के सम्मान का दिन है। इसे व्यास पूर्णिमा भी कहते हैं, वेद व्यास के नाम पर, जिन्हें परंपरा से वेदों का संकलन करने वाला और महाभारत का रचयिता माना जाता है।
अगली तारीख: रविवार, 18 जुलाई 2027
गुरु पूर्णिमा का समय
| विवरण | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| तारीख | रविवार, 18 जुलाई 2027 | गुरुवार, 6 जुलाई 2028 |
| पूर्णिमा तिथि शुरू | 17 जुलाई, 6:49 pm | 5 जुलाई, 11:05 pm |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 18 जुलाई, 9:15 pm | 6 जुलाई, 11:41 pm |
| नागपुर में सूर्योदय | 5:41 am | 5:37 am |
सभी समय IST में हैं। तिथि का समय पूरे भारत के लिए सही है; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त नागपुर के लिए हैं, उत्तर और मध्य भारत की (पूर्णिमांत) परंपरा में। दूसरे शहर में ये कुछ मिनट आगे पीछे होंगे।
आम तौर पर कैसे मनाया जाता है
- विद्यार्थी और शिष्य अपने गुरु से मिलते हैं, पैर छूते हैं और फूल, फल या छोटा सा उपहार देते हैं।
- कई परिवार अपने गुरु या परिवार की परंपरा के गुरु के लिए सादी पूजा करते हैं।
- कई आध्यात्मिक संस्थाएँ प्रवचन, सत्संग या सेवा का दिन रखती हैं।
क्षेत्र के हिसाब से अंतर
तारीख पूरे भारत में एक ही है। कुछ बौद्ध समुदाय भी इस पूर्णिमा को बुद्ध के पहले उपदेश के दिन के रूप में मनाते हैं।
इस साइट के सभी नौ क्षेत्रीय कैलेंडर में जो इसे देते हैं, 2027 की तारीख यही है।
तारीख कैसे निकाली गई है
नियम: वह दिन जिसके सूर्योदय पर तिथि हो। अगर दो दिन ऐसे हों तो जिस दिन तिथि उस समय ज़्यादा देर हो, वह दिन; किसी दिन न हो तो जिस दिन तिथि शुरू हो। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति हर साल के लिए निकाली जाती है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश), इसलिए तारीखें छपी सूची से नहीं ली गईं।
गुरु पूर्णिमा के बारे में सवाल
2027 में गुरु पूर्णिमा कब है?
गुरु पूर्णिमा 2027 रविवार, 18 जुलाई 2027 को है, और 2028 में गुरुवार, 6 जुलाई 2028 को। तारीखें नागपुर के लिए उत्तर और मध्य भारत की परंपरा से निकाली गई हैं; ऊपर की तालिका में तिथि और मुहूर्त का समय दिया है।
पूर्णिमा दो दिन में फैली हो तो गुरु पूर्णिमा किस दिन है?
आम तौर पर वह दिन लिया जाता है जिसके सूर्योदय पर पूर्णिमा हो। तालिका में तिथि के शुरू और खत्म होने का IST समय दिया है।
क्या गुरु पूर्णिमा पर नई पढ़ाई शुरू कर सकते हैं?
कई लोग इसे गुरु से सीखना शुरू करने का अच्छा दिन मानते हैं। अपने लिए अलग मुहूर्त चाहिए तो पंचांग को आपकी कुंडली के साथ देखा जाता है।
किसी दूसरे कैलेंडर में अलग तारीख क्यों दिखती है?
तिथि पूरे भारत में एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, पर त्योहार का दिन इस पर निर्भर करता है कि दिन के किस समय (सूर्योदय, दोपहर, शाम या आधी रात) तिथि देखी जाती है, और किस शहर के सूर्योदय से। इसलिए अलग शहर या परंपरा का पंचांग एक दिन आगे पीछे हो सकता है। जो पंचांग आपका परिवार मानता है, वही मानें।
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