हिंदू त्योहार · महा शिवरात्रि
महाशिवरात्रि 2027: तारीख और निशिता काल पूजा का समय
महाशिवरात्रि फाल्गुन (अमांत गणना में माघ) कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी की रात है। यह साल की शिव पूजा की सबसे खास रातों में है।
अगली तारीख: शनिवार, 6 मार्च 2027
महाशिवरात्रि का समय
| विवरण | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| तारीख | शनिवार, 6 मार्च 2027 | बुधवार, 23 फ़रवरी 2028 |
| कृष्ण चतुर्दशी तिथि शुरू | 6 मार्च, 12:04 pm | 23 फ़रवरी, 10:45 am |
| कृष्ण चतुर्दशी तिथि समाप्त | 7 मार्च, 1:46 pm | 24 फ़रवरी, 1:27 pm |
| निशिता काल (आधी रात की पूजा) | 12:00 am (7 मार्च) से 12:49 am (7 मार्च) तक | 12:02 am (24 फ़रवरी) से 12:51 am (24 फ़रवरी) तक |
सभी समय IST में हैं। तिथि का समय पूरे भारत के लिए सही है; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त नागपुर के लिए हैं, उत्तर और मध्य भारत की (पूर्णिमांत) परंपरा में। दूसरे शहर में ये कुछ मिनट आगे पीछे होंगे।
आम तौर पर कैसे मनाया जाता है
- कई लोग दिन भर व्रत रखते हैं और रात के चार प्रहरों में पूजा करते हुए जागते हैं।
- घर पर या मंदिर में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र चढ़ाए जाते हैं।
- आधी रात का समय, निशिता काल, परंपरा से पूजा का मुख्य समय है।
- व्रत आम तौर पर अगली सुबह खोला जाता है।
क्षेत्र के हिसाब से अंतर
नियम आधी रात को देखता है, इसलिए तारीख लगभग पूरे भारत में एक ही रहती है। अमांत कैलेंडर (महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण) में महीना माघ है और उत्तर के पूर्णिमांत कैलेंडर में फाल्गुन। रात एक ही है।
इस साइट के सभी नौ क्षेत्रीय कैलेंडर में जो इसे देते हैं, 2027 की तारीख यही है।
तारीख कैसे निकाली गई है
नियम: वह रात जिसके निशिता काल (रात के पंद्रह मुहूर्तों में आठवें) में तिथि हो। अगर दो दिन ऐसे हों तो जिस दिन तिथि उस समय ज़्यादा देर हो, वह दिन; किसी दिन न हो तो जिस दिन तिथि शुरू हो। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति हर साल के लिए निकाली जाती है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश), इसलिए तारीखें छपी सूची से नहीं ली गईं।
महाशिवरात्रि के बारे में सवाल
2027 में महाशिवरात्रि कब है?
महाशिवरात्रि 2027 शनिवार, 6 मार्च 2027 को है, और 2028 में बुधवार, 23 फ़रवरी 2028 को। तारीखें नागपुर के लिए उत्तर और मध्य भारत की परंपरा से निकाली गई हैं; ऊपर की तालिका में तिथि और मुहूर्त का समय दिया है।
निशिता काल क्या है?
रात के पंद्रह मुहूर्तों में आठवाँ, यानी हिंदू आधी रात के आसपास का समय। महाशिवरात्रि उस रात मनाई जाती है जिसमें निशिता काल में चतुर्दशी हो।
क्या कड़ा व्रत ज़रूरी है?
नहीं। परिवार इसे अलग अलग तरह से रखते हैं: पूरा व्रत, फलाहार या बस हल्का भोजन। कोई बीमारी हो, गर्भावस्था हो या उम्र ज़्यादा हो, तो पहले डॉक्टर से पूछें।
किसी दूसरे कैलेंडर में अलग तारीख क्यों दिखती है?
तिथि पूरे भारत में एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, पर त्योहार का दिन इस पर निर्भर करता है कि दिन के किस समय (सूर्योदय, दोपहर, शाम या आधी रात) तिथि देखी जाती है, और किस शहर के सूर्योदय से। इसलिए अलग शहर या परंपरा का पंचांग एक दिन आगे पीछे हो सकता है। जो पंचांग आपका परिवार मानता है, वही मानें।
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