हिंदू त्योहार · करक चतुर्थी
करवा चौथ 2026: तारीख और चाँद निकलने का समय
करवा चौथ कार्तिक (अमांत कैलेंडर में आश्विन) कृष्ण पक्ष की चतुर्थी है, शरद पूर्णिमा के चार दिन बाद। विवाहित महिलाएँ परंपरा से पति की लंबी उम्र के लिए सूर्योदय से चाँद देखने तक व्रत रखती हैं।
अगली तारीख: गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026
करवा चौथ का समय
| विवरण | 2026 | 2027 |
|---|---|---|
| तारीख | गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 | सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 |
| कृष्ण चतुर्थी तिथि शुरू | 29 अक्टूबर, 1:07 am | 18 अक्टूबर, 5:52 pm |
| कृष्ण चतुर्थी तिथि समाप्त | 29 अक्टूबर, 10:10 pm | 19 अक्टूबर, 4:43 pm |
| नागपुर में चंद्रोदय | 8:24 pm | 7:40 pm |
| व्रत (सूर्योदय से चंद्रोदय तक) | 6:14 am से 8:24 pm तक | 6:10 am से 7:40 pm तक |
सभी समय IST में हैं। तिथि का समय पूरे भारत के लिए सही है; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त नागपुर के लिए हैं, उत्तर और मध्य भारत की (पूर्णिमांत) परंपरा में। दूसरे शहर में ये कुछ मिनट आगे पीछे होंगे।
आम तौर पर कैसे मनाया जाता है
- कई महिलाएँ सूर्योदय से पहले सास की दी हुई सरगी खाती हैं और फिर दिन भर व्रत रखती हैं।
- शाम को महिलाएँ मिलकर करवे (मिट्टी के बर्तन) के साथ करवा चौथ की कथा और पूजा करती हैं।
- चाँद देखकर, अक्सर छलनी से, और अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।
क्षेत्र के हिसाब से अंतर
यह मुख्य रूप से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश में और दूसरी जगहों पर भी कई परिवारों में मनाया जाता है। भारत के पश्चिम में चाँद देर से और पूर्व में जल्दी निकलता है, इसलिए अपने शहर का समय देखें।
इस साइट के सभी नौ क्षेत्रीय कैलेंडर में जो इसे देते हैं, 2026 की तारीख यही है।
तारीख कैसे निकाली गई है
नियम: वह दिन जिसके चंद्रोदय पर तिथि हो। अगर दो दिन ऐसे हों तो जिस दिन तिथि उस समय ज़्यादा देर हो, वह दिन; किसी दिन न हो तो जिस दिन तिथि शुरू हो। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति हर साल के लिए निकाली जाती है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश), इसलिए तारीखें छपी सूची से नहीं ली गईं।
करवा चौथ के बारे में सवाल
2026 में करवा चौथ कब है?
करवा चौथ 2026 गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को है, और 2027 में सोमवार, 18 अक्टूबर 2027 को। तारीखें नागपुर के लिए उत्तर और मध्य भारत की परंपरा से निकाली गई हैं; ऊपर की तालिका में तिथि और मुहूर्त का समय दिया है।
मेरे शहर में चाँद निकलने का समय अलग क्यों है?
चाँद निकलने का समय जगह पर निर्भर करता है। इस पेज का समय नागपुर का है; दिल्ली और पश्चिमी शहरों में चाँद आम तौर पर देर से और पूर्वी शहरों में जल्दी दिखता है। बादल हों तो कुछ देर और लग सकती है।
क्या व्रत पानी के साथ रख सकते हैं?
कई महिलाएँ निर्जल व्रत रखती हैं और कई पानी या फल लेती हैं। कोई बीमारी हो या गर्भावस्था हो, तो व्रत से पहले डॉक्टर से पूछें।
किसी दूसरे कैलेंडर में अलग तारीख क्यों दिखती है?
तिथि पूरे भारत में एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, पर त्योहार का दिन इस पर निर्भर करता है कि दिन के किस समय (सूर्योदय, दोपहर, शाम या आधी रात) तिथि देखी जाती है, और किस शहर के सूर्योदय से। इसलिए अलग शहर या परंपरा का पंचांग एक दिन आगे पीछे हो सकता है। जो पंचांग आपका परिवार मानता है, वही मानें।
साथ में देखें
- सभी हिंदू त्योहार
- इस महीने का हिंदू कैलेंडर
- आज का पंचांग
- आज का शुभ मुहूर्त
- चौघड़िया
- आज की तिथि
- एकादशी की तारीखें
- अमावस्या की तारीखें
- पूर्णिमा की तारीखें