हिंदू त्योहार · हनुमान जन्मोत्सव
हनुमान जयंती 2027: तारीख और पूर्णिमा तिथि का समय
उत्तर और मध्य भारत में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो राम नवमी के बाद की पूर्णिमा है। अब कई लोग इसे हनुमान जन्मोत्सव कहते हैं।
अगली तारीख: मंगलवार, 20 अप्रैल 2027
हनुमान जयंती का समय
| विवरण | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| तारीख | मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 | रविवार, 9 अप्रैल 2028 |
| पूर्णिमा तिथि शुरू | 20 अप्रैल, 4:52 am | 8 अप्रैल, 7:11 pm |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 21 अप्रैल, 3:57 am | 9 अप्रैल, 3:56 pm |
| नागपुर में सूर्योदय | 5:51 am | 5:59 am |
सभी समय IST में हैं। तिथि का समय पूरे भारत के लिए सही है; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त नागपुर के लिए हैं, उत्तर और मध्य भारत की (पूर्णिमांत) परंपरा में। दूसरे शहर में ये कुछ मिनट आगे पीछे होंगे।
आम तौर पर कैसे मनाया जाता है
- यह दिन सूर्योदय से जुड़ा माना जाता है, इसलिए कई भक्त सुबह जल्दी हनुमान मंदिर जाते हैं।
- सिंदूर और तेल, फूल और मिठाई चढ़ाना आम है।
- कई लोग घर पर या मिलकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करते हैं।
क्षेत्र के हिसाब से अंतर
क्षेत्र के हिसाब से दिन अलग है। तमिलनाडु और केरल में कई लोग इसे मार्गळी (दिसंबर या जनवरी) में, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में वैशाख में 41 दिन के बाद, और कर्नाटक में मार्गशीर्ष में मनाते हैं। कुछ लोग इसे कार्तिक चतुर्दशी को, दिवाली से एक दिन पहले, मनाते हैं।
इस साइट के सभी नौ क्षेत्रीय कैलेंडर में जो इसे देते हैं, 2027 की तारीख यही है।
तारीख कैसे निकाली गई है
नियम: वह दिन जिसके सूर्योदय पर तिथि हो। अगर दो दिन ऐसे हों तो जिस दिन तिथि उस समय ज़्यादा देर हो, वह दिन; किसी दिन न हो तो जिस दिन तिथि शुरू हो। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति हर साल के लिए निकाली जाती है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश), इसलिए तारीखें छपी सूची से नहीं ली गईं।
हनुमान जयंती के बारे में सवाल
2027 में हनुमान जयंती कब है?
हनुमान जयंती 2027 मंगलवार, 20 अप्रैल 2027 को है, और 2028 में रविवार, 9 अप्रैल 2028 को। तारीखें नागपुर के लिए उत्तर और मध्य भारत की परंपरा से निकाली गई हैं; ऊपर की तालिका में तिथि और मुहूर्त का समय दिया है।
हनुमान जयंती की अलग अलग तारीखें क्यों हैं?
अलग क्षेत्रों की परंपराएँ इसे साल के अलग दिनों पर मनाती हैं। इस पेज पर चैत्र पूर्णिमा की वह तारीख है जो महाराष्ट्र समेत उत्तर और मध्य भारत में मानी जाती है।
पूर्णिमा दो दिन में फैली हो तो कौन सा दिन लेते हैं?
वह दिन जिसके सूर्योदय पर पूर्णिमा हो। तालिका में तिथि के शुरू और खत्म होने का समय है, ताकि आप इसे अपने परिवार के पंचांग से मिला सकें।
किसी दूसरे कैलेंडर में अलग तारीख क्यों दिखती है?
तिथि पूरे भारत में एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, पर त्योहार का दिन इस पर निर्भर करता है कि दिन के किस समय (सूर्योदय, दोपहर, शाम या आधी रात) तिथि देखी जाती है, और किस शहर के सूर्योदय से। इसलिए अलग शहर या परंपरा का पंचांग एक दिन आगे पीछे हो सकता है। जो पंचांग आपका परिवार मानता है, वही मानें।
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