हिंदू त्योहार · होलिका दहन, रंगवाली होली, धुलेंडी
होली 2027: तारीख और होलिका दहन मुहूर्त
होली फाल्गुन पूर्णिमा पर आती है। होलिका दहन पूर्णिमा की शाम को होता है, और रंगों का त्योहार, रंगवाली होली या धुलेंडी, अगले दिन।
अगली तारीख: रविवार, 21 मार्च 2027
होलिका दहन का समय
| विवरण | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| तारीख | रविवार, 21 मार्च 2027 | शुक्रवार, 10 मार्च 2028 |
| पूर्णिमा तिथि शुरू | 21 मार्च, 6:22 pm | 10 मार्च, 10:22 am |
| पूर्णिमा तिथि समाप्त | 22 मार्च, 4:14 pm | 11 मार्च, 6:36 am |
| होलिका दहन मुहूर्त (प्रदोष काल) | 6:24 pm से 8:48 pm तक | 6:21 pm से 8:45 pm तक |
| भद्रा (विष्टि करण) | 6:24 pm से 5:15 am (22 मार्च) तक | 6:21 pm से 8:29 pm तक |
होली का समय
| विवरण | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| तारीख | सोमवार, 22 मार्च 2027 | शनिवार, 11 मार्च 2028 |
होली के दिन
| दिन | 2027 | 2028 |
|---|---|---|
| होलिका दहन | रविवार, 21 मार्च 2027 | शुक्रवार, 10 मार्च 2028 |
| होली | सोमवार, 22 मार्च 2027 | शनिवार, 11 मार्च 2028 |
सभी समय IST में हैं। तिथि का समय पूरे भारत के लिए सही है; सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और मुहूर्त नागपुर के लिए हैं, उत्तर और मध्य भारत की (पूर्णिमांत) परंपरा में। दूसरे शहर में ये कुछ मिनट आगे पीछे होंगे।
आम तौर पर कैसे मनाया जाता है
- पहली शाम छोटी पूजा के बाद होलिका जलाई जाती है; कई परिवार इसकी परिक्रमा करते हैं और अनाज, नारियल या नई फसल चढ़ाते हैं।
- अगली सुबह लोग रंग और पानी से खेलते हैं और रिश्तेदारों व दोस्तों से मिलते हैं।
- उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में घर पर गुजिया जैसी मिठाइयाँ बनती हैं।
क्षेत्र के हिसाब से अंतर
होलिका दहन को छोटी होली भी कहते हैं। महाराष्ट्र में इसे होळी या शिमगा कहते हैं और रंग अक्सर पाँच दिन बाद रंग पंचमी को खेले जाते हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में रंगों का दिन डोल जात्रा या डोल पूर्णिमा है, जो पूर्णिमा के दिन ही मनाई जाती है, इसलिए कुछ सालों में यह बाकी जगहों की होली से एक दिन पहले आती है।
इस साइट के सभी नौ क्षेत्रीय कैलेंडर में जो इसे देते हैं, 2027 की तारीख यही है।
तारीख कैसे निकाली गई है
नियम: वह दिन जिसके प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद के 144 मिनट) में तिथि हो। अगर दो दिन ऐसे हों तो जिस दिन तिथि उस समय ज़्यादा देर हो, वह दिन; किसी दिन न हो तो जिस दिन तिथि शुरू हो। भद्रा (विष्टि करण) उस समय में हो और तिथि अगले दिन तक चले, तो अगला दिन लिया जाता है। सूर्य और चंद्रमा की स्थिति हर साल के लिए निकाली जाती है (निरयण, लाहिड़ी अयनांश), इसलिए तारीखें छपी सूची से नहीं ली गईं।
होली के बारे में सवाल
2027 में होली कब है?
होली 2027 रविवार, 21 मार्च 2027 को है, और 2028 में शुक्रवार, 10 मार्च 2028 को। तारीखें नागपुर के लिए उत्तर और मध्य भारत की परंपरा से निकाली गई हैं; ऊपर की तालिका में तिथि और मुहूर्त का समय दिया है।
भद्रा क्या है और होलिका दहन में इसका ध्यान क्यों रखते हैं?
भद्रा विष्टि करण है, आधी तिथि का एक हिस्सा, जिसे होलिका दहन के लिए परंपरा से टाला जाता है। जब भद्रा शाम को ढक ले, तो पंचांग या तो उसके खत्म होने का इंतज़ार करते हैं या उसका आखिरी हिस्सा (भद्रा पुच्छ) लेते हैं। तालिका में उस रात भद्रा का समय दिया है।
होलिका दहन कब किया जाता है?
पूर्णिमा की शाम, प्रदोष काल में, यानी सूर्यास्त के बाद। अगर पूर्णिमा अगली शाम से पहले खत्म हो जाए, तो भद्रा होने पर भी दहन पहली शाम को होता है; सही मिनट अक्सर स्थानीय पंडित तय करते हैं।
किसी दूसरे कैलेंडर में अलग तारीख क्यों दिखती है?
तिथि पूरे भारत में एक ही पल में शुरू और खत्म होती है, पर त्योहार का दिन इस पर निर्भर करता है कि दिन के किस समय (सूर्योदय, दोपहर, शाम या आधी रात) तिथि देखी जाती है, और किस शहर के सूर्योदय से। इसलिए अलग शहर या परंपरा का पंचांग एक दिन आगे पीछे हो सकता है। जो पंचांग आपका परिवार मानता है, वही मानें।
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